तमिऴ हिंदी सेवा
नागरी लिपि में।
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पाप की क्षमा --पावमन्निप्पु तमिल चित्रपट में
कवि सम्राट कण्णदासन् का गीत का तमिऴ अनुवाद।
अनुवादक --एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक।
वंदे नाळ् मुतल= आये दिन से
इंद नाळ वरै --इस दिन तक
वानम् माऱविल्लै -- आकाश न बदला।
वानमतियुम् नीरुम् कडल् काट्रुम् = आकाश , चंद्र, नीर, समुद्र पवन
मलरुम् मण्णुम् कॊडियुम् सोलैयुम् नदियुम माऱविल्लै =
फूल, मिट्टी,लता,उद्यान नदी नहीं बदले
मनितन माऱिविट्टान --= मनुष्य बदल गया।
मतत्तिल एरिविट्टान = मद में चढ़ गया।
निलै माऱिनाल् = स्थिति बदलने पर
गुणम् माऱुवार== गुण में बदलेंगे।
जातियुम भेदमुम् कूऱुवार = जातिभेद बोलेंगे।
वेदना विधि ऍनऱोतुवार= वेद विधि पढ़ेंगे।
मनुष्य बदल गया, मद में चढ़ गया।
पऱवैयैक्कंडान = पक्षी को देखा
विमानत्तै पड़ैत्तान =वायुयान का पता लगाया।
पायुम मीनकळिल् पडकिनैक्कंडान।
तैर थी मछलियों में नाव को देखा।
ऍतिरोलि केट्टान वानोलि पडैत्तान्= गूँज बना आकाशवाणी का आविष्कार किया।
न जाने किसको देखा , धन का पता लगाया।
मनुष्य बदल गया।
इन्बमुम् कातलुम इयऱ्क्कैयिन नीति =
सुख और प्यार प्रकृति की नीति।
एट्रताऴ्वुकळ मनितनिन जाति।==
ऊँच नीचे मनुष्य की जाति।
पारिल इयर्क्कै पडैत्ततैऍल्लाम्=
संसार में प्रकृति की सृष्टि सब को
मनितन् माऱिविट्टान = मनुष्य ने बदल दिया।
मद पर चढ़ गया।