Tuesday, August 18, 2026

திருவருட்பா श्री अनुग्रह गीत।


तमिऴ हिंदी सेवा नागरी लिपि सेवा।

தமிழ் ஹிந்தி பணி.

 நாகரி எழுத்துப் பணி.

श्री रामलिंग अडिकळार  तमिल भक्ति साहित्य में 

 समरस सन्मार्ग नीति रीति के मार्गदर्शक हैं।

 उनके ग्रंथ तिरु अरुट्पा अर्थात श्रीअनुग्रह गीत।

 उनमें एक गीत में उनका कहना है कि भगवान का आवास कहाँ है।

उस गीत का भावार्थ और मूल तमिऴ् गीत का नागरी लिपी रूप।

  

ऍत्तुणैयुम्  भेदमुऱातु ---तनिक भी भेद भाव न करके

ऍव्वुयिरुम तन् उयिर पोल् ऍण्णि--   सभी जीवराशियों को अपने प्राण -सा सोचकर

 उळ्ळे --मन में 

ऒत्तुरिमै  उडैयवराय---समान समझकर 

उवक्किन्ऱार यावर---आनंद माननेवाले 

अवर उळंतान्  --के मन ही

शुत्त चित्तुरुवाय --शुद्ध  मनवाले  का हृदय ही 

एम्पेरुमान् नडम्पुरियुम् --मेरे भगवान नाचनेवाले
स्थान है।-- 
इडम्
एन नान तॆरिंतेन् = मैं जान लिया। 

अंत वित्तकरतम् = उन आत्मज्ञानियों के

अडिक्केवल  पुरिंदिड =चरणों की  सेवा करने

ऍनचिंतै मिक विळैंततालो।--मेरा मन चाहता है। 

भावार्थ===
   ज़रा भी भेद भावना रहित सभी जीवराशियों को अपने  प्राण के बराबर  मन  में मानकर  आनंद मनानेवाले शुद्ध हृदयवाले का हृदय ही मेरे ईश्वर  बसा हुआ स्थान है। वैसे  हृदय के आत्मज्ञानीयों  के चरणों की सेवा करने को ही मेरा  मन चाहता है। 





 எத்துணையும் பேதமுறாது எவ்வுயிரும் தம்உயிர் போல்

எண்ணி உள்ளே
ஒத்துரிமை உடையவராய் உவக்கின்றார் யாவர்,
அவர் உளந்தான்
சுத்த சித்துருவாய் எம்பெருமான் நடம்புரியும்
இடம் என நான்
தெரிந்தேன், அந்த வித்தகர்தம் அடிக்கேவல்
புரிந்திட என்சிந்தை மிகவிழைந்த தாலோ!" [1]







Sunday, August 16, 2026

கண்ணதாசன் பாடல் कण्णदासन चित्रपट गीत

 உன்னை அறிந்தால்..=नी उन्नै अऱिंताल्


. तुम अपने को पहचान लेते हो तो

நீ உன்னை அறிந்தால்  नहीं उन्नै अऱिंताल

உலகத்தில் போராடலாம் ==उलकत्तिल पोराडलाम्। 
जग में संघर्ष कर सकते हो।
உயர்ந்தாலும் தாழ்ந்தாலும்

उयर्नतालुम् ताऴ्न्तालुम्  == उत्थान हो या पतन हो
தலை வணங்காமல் =बिना सिर झुके
=நீ வாழலாம்--नीवाऴलाम्‌--तुम जी सकते हो।

(உன்னை)
மானம் பெரியது என்று வாழும் மனிதர்களை

मानम् पॆरियतु ऍन्ऱू वाऴुम् मनितर्कळै== मान ही श्रेष्ठ है मानकर जीनेवाले को
மான் என்று சொல்வதில்லையா=
मान ऍन्ऱु चोलवतिल्लैया? --  चमरी मृग कहते हैं न?


தன்னை தானும் அறிந்து கொன்டு
तन्नैतानुम् अरिंदुकॊंडु  =अपने आपको पहचानकर 
 ஊருக்கும் சொல்பவர்கள்
 ऊरूक्कु चोलपवर्कळ् --शहर को बतानेवाले 
தலைவர்கள்=तलैवर्कळ् 
 ஆவதில்லையா
 आवतिल्लैया = नेता बनते हैं न?
(உன்னை)
பூமியில்= भूमियिल  =भूमि में 
 நேராக  --सीधे ईमानदारी से 
வாழ்பவர் -- जीनेवाले 
எல்லோரும்-+सब के सब 
சாமிக்கு நிகர் இல்லையா
सामिक्कु निकर  इल्लैया?
ईश्वर के समय हैं न?


பிறர் தேவை அறிந்து கொண்டு
पिरर्  तेवै अऱिन्तुकोंडुज्ञ= दूसरों की माँग जानकर 
வாரிக்கொடுப்பவர்கள் 
 वारिक्कोडुप्पवर्कळ्। --  उदारता से देनेवाले 

 தெய்வத்தின் பிள்ளை இல்லையா
तेय्वत्तिन पुत्र हैं न ? = ईश्वर के पुत्र हैं न?


(உன்னை)
மாபெரும் சபையினில்  = मापॆरुम् सभैयिनिल -- बहुत बड़ी सभा में हम

நீ நடந்தால் -  नहीं नडंताल् 

உனக்கு --उनक्कु  =तुमको 
மாலைகள் விழவேண்டும் - 
मालैकळ्  विऴवेंडुम्। =मालाएँ  पहनानी चाहिए।


ஒருமாசு குறையாத மன்னவன்
 இவனென்று
போற்றிப் புகழ வேண்டும்
 ==
ऒरु मासु कुऱैयात मन्नवन् नीयेंन्ऱु  पोट्रिप्पुकऴ वेंडुम् 
 एक दोष रहित   राजा कहकर 
 तुम्हारी प्रशंसा करनी चाहिए।

உன்னை அறிந்தால்...நீ உன்னை அறிந்தால்
तुम तुमको पहचानते हो तो
तुम तुमको पहचानते हो तो 
உலகத்தில் போராடலாம்
जग में संघर्ष कर सकते हो।

உயர்ந்தாலும் தாழ்ந்தாலும்
தலை வணங்காமல் நீ வாழலாம்
उत्थान हो या  पतन 
 सीना तानकर चल सकते हो।


படம் : வேட்டைக்காரன்
இசை : K.V.மகாதேவன்
பாடல் : கண்ணதாசன்
பாடியவர் : T.M.செளந்தரராஜன


नमस्ते। आपने दिए हुए तमिल गीत के हिंदी भावार्थ में कुछ शब्द गलत या अस्पष्ट हैं। नीचे तमिल पंक्ति और उसके अलग-अलग, शुद्ध एवं स्वाभाविक हिंदी अर्थ दे रहा हूँ। जहाँ गीत का भाव शाब्दिक अर्थ से थोड़ा अलग है, वहाँ भावानुवाद रखा है।
உன்னை அறிந்தால் — नी उन्नै अरिंदाल्
तुम अपने आपको पहचान लो तो
நீ உன்னை அறிந்தால்
नी उन्नै अरिंदाल्
→ यदि तुम अपने आपको पहचान लो,
உலகத்தில் போராடலாம்
उलगत्तिल् पोराडलाम्
→ दुनिया में संघर्ष कर सकते हो।
உயர்ந்தாலும் தாழ்ந்தாலும்
उयर्न्दालुम् ताऴ्न्दालुम्
→ चाहे ऊँचाई मिले या गिरावट आए,
தலை வணங்காமல் நீ வாழலாம்
तलै वणंगामल् नी वाऴलाम्
→ सिर झुकाए बिना स्वाभिमान से जी सकते हो।
மானம் பெரியது என்று வாழும் மனிதர்களை
मानम् पेरियतु एन्दृ वाऴुम् मनितर्कळै
→ जो मनुष्य मान-सम्मान को सबसे बड़ा मानकर जीते हैं,
மான் என்று சொல்வதில்லையா?
मान् एन्दृ चोल्वतिल्लैया?
→ उन्हें ‘मान’ (हिरन) नहीं कहते हैं क्या?
यहाँ “மானம்” (मानम्) = सम्मान/स्वाभिमान और “மான்” (मान्) = हिरन — शब्दों के खेल का सुंदर प्रयोग है।
தன்னை தானும் அறிந்து கொண்டு
तन्नै तानुम् अरिन्दु कोंडु
→ अपने आपको पहचानकर,
ஊருக்கும் சொல்பவர்கள்
ऊरुक्कुम् चोल्पवर्कळ्
→ और अपनी पहचान समाज को बताने वाले,
தலைவர்கள் ஆவதில்லையா?
तलैवर्कळ् आवतिल्लैया?
→ नेता नहीं बनते हैं क्या?
பூமியில் நேராக வாழ்பவர்
भूमियिल् नेराग वाऴ्पवर्
→ जो धरती पर सीधे और ईमानदारी से जीते हैं,
எல்லோரும் சாமிக்கு நிகர் இல்லையா?
एलोरुम् सामिक्कु निगर् इल्लैया?
→ क्या वे सभी ईश्वर के समान नहीं हैं?
आपके मूल पाठ में “ईश्वर के समय” गलत है। यहाँ अर्थ “ईश्वर के समान” होगा।
பிறர் தேவை அறிந்து கொண்டு
पिरर् तेवै अरिन्दु कोंडु
→ दूसरों की आवश्यकता समझकर,
வாரிக் கொடுப்பவர்கள்
वारिक् कोडुप्पवर्कळ्
→ उदारतापूर्वक देने वाले,
தெய்வத்தின் பிள்ளை இல்லையா?
तेय्वत्तिन् पिळ्ळै इल्लैया?
→ क्या वे ईश्वर की संतान नहीं हैं?
மாபெரும் சபையினில்
मापेरुम् सभैयिनिल्
→ विशाल सभा में,
நீ நடந்தால்
नी नडन्दाल्
→ जब तुम चलकर आओ,
உனக்கு மாலைகள் விழ வேண்டும்
उनक्कु मालैकळ् विऴ वेंडुम्
→ तुम्हारे गले में मालाएँ पड़नी चाहिए।
ஒரு மாசு குறையாத மன்னவன்
ओरु मासु कुऱैयात मन्नवन्
→ जिसमें कोई दोष न हो, ऐसा राजा,
இவன் என்று போற்றிப் புகழ வேண்டும்
इवन् एन्दृ पोट्रिप् पुकऴ वेंडुम्
→ ऐसा कहकर तुम्हारी प्रशंसा करनी चाहिए।
अंतिम भाव
நீ உன்னை அறிந்தால்
नी उन्नै अरिंदाल्
→ यदि तुम अपने आपको पहचान लो,
உலகத்தில் போராடலாம்
→ दुनिया में संघर्ष कर सकते हो।
உயர்ந்தாலும் தாழ்ந்தாலும்
→ चाहे उत्थान हो या पतन,
தலை வணங்காமல் நீ வாழலாம்
→ सिर झुकाए बिना, स्वाभिमान के साथ जी सकते हो।
படம் : வேட்டைக்காரன் — फ़िल्म: वेट्टैक्कारण
இசை : K. V. மகாதேவன் — संगीत: के. वी. महादेवन
பாடல் : கண்ணதாசன் — गीत: कन्नदासन
பாடியவர் : T. M. செளந்தரராஜன் — गायक: टी. एम. सौन्दरराजन
“नी उन्नै अरिंदाल्” — “तुम अपने आपको पहचान लो तो।”
यह गीत वास्तव में आत्म-पहचान, स्वाभिमान, ईमानदारी, उदारता और नेतृत्व का संदेश देता है।

Thursday, August 13, 2026

हिंदुओं को सोच-विचार करना है है

 

हिंदुओं को सोच विचार  करना है।



सेवा भाव  और जन संपर्क ईसाइयों की तुलना में 

 हिंदुओं में कम ही है, वे बाइबिल प्रचार के लिए  घर घर बाइबिल साहित्य का प्रचार करते हैं, अस्पताल में जाकर प्रार्थना करते हैं ,चर्च पास ही पाठशाला बाइबिल पढ़ना ये सब  हिन्दू लोगों में कम ही है। कन्या स्त्रियों की सेवा प्यार भरी बातें।

 हिंदू लोग चालीस हज़ार   से एक लाख तक  विधायक और काली की  अति सुन्दर मूर्तियाँ बनाकर विसर्जन के नाम भगवान का अपमान करते हैं।

 उन मूर्तियों को नदी, तालाब,झील में विसर्जन करते समय   बड़ा अपमान करते हैं।   वे मूर्तियाँ समुद्र की लहरों की चोट खाकर छिन्न-भिन्न होकर किनारे पर लग जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च, जुलुस में पियक्कड़ों की अश्लील नाच,  आतंक ,  कानून व्यवस्था की परेशानियाँ

इस जुलूस और विसर्जन के कारण हिन्दू में 

 एकता नहीं हो रही है। विनायक और काली के कोप और शाप ही बचता है। जो ईसाई बने, मुसलमान बने इन लोगों को हिंदुओं के इस बेकार व्यवहार देखकर पुनः हिंदु अर्थात मातृ धर्म अपनाने का विचार नहीं आ रहा है। हिंदुओं को अपने पवित्र व्यवहार से मातृ धर्म अपनाने की प्रेरणा मिलनी चाहिए। 

 कितने करोड़ रुपए भगवान को छिन्न-भिन्न करके अपमानित करके देखने में। भगवान के कोप और शाप के पात्र बनने में।  नये नये मंदिर नये नये तरीके के व्यापार। भगवान पर की आस्थाओं का दुष्प्रयोग।

 काशी में उत्तर प्रदेश में भाजपा का हार सांसदों की संख्या कम होना प्रमाणित करता है कि हिंदुओं में एकता नहीं।

इस विसर्जन और ईश्वर-ईश्वरी के अपमान में 

 कितने करोड़ खर्च हर साल हो रहे हैं,

 उतना युवकों में हिंदु धर्म और भारतीय भाषा सीखने की चाह कम हो रही है। तत्काल लाभ जीविकोपार्जन।

  जयललिता ममता सोनिया खुशबू को देवियां,,पराशक्ति माननेवाले हिंदुओं में कितनी मूर्खता है।

 ईश्वर तो सारे विश्व के रक्षक, में तो अमुक दल की रक्षा और शासक बनने के लिए विरुद्ध सिद्धांतों से मिलकर 

मानव मानव में भेद उत्पन्न करनेवाले स्वार्थी, उनके लिए मंदिर  तटस्थता उनमें है क्या? 

 सनातन हिंदू धर्मवाले सोच समझकर 

 हर साल बेकार भगवान को छिन्न-भिन्न करनेवाले अपमानित करनेवाले करोड़ों रूपयों को सदुपयोग करना चाहिए हिंदुओं के उदार जनहित व्यवहार से 

जो ईसाई मुगल बने उनको मातृ धर्म आने के विचार होना चाहिए। इन करोड़ों रूपयों को गरीबों की शिक्षा और चिकित्सा, नौकरी मिलने की योजनाओं में खर्च करना चाहिए।

 विसर्जन बाह्याडंबर हिंदू धर्म के विकास की बड़ी बाधा है।

तमिलनाडु मंदिर के सामने भगवान नहीं,

 भगवान को पूजा करनेवाले बेवकूफ लिखा है।

 लाखों करोड़ों श्रद्धालु भक्त सहन करते हैं।

 चर्चा और मस्जिद के सामने रखने पर वे चुप रहूंगे क्या? इन नेताओं को वहाँ ईवेरा के ईश्वर विरुद्ध वाक्यों की मूर्ति रखने का साहस है क्या?

 क्या वे मान्यता, सोनिया, जयललिता,खशबू को माता मेरी के रूप देने पर सहेंगे क्या?

 नये नये मंदिर , वहाँ दूकानें,प्रवेश शुल्क, मिठाई दूकान को प्रसाद स्टार कहना, धन वाहन अड्डा में वसूल, मनमाना रिश्वत,वीएचपी दर्शन आम भक्तों के दर्शन में देरी। मंदिर एक भक्ति केंद्र नहीं, व्यापार और ठग के केंद्र। काशी के ठग तो प्रसिद्ध हैं।

 हिंदुओं को सोचना समझना चाहिए।

 बिजली शुल्क मस्जिद और चर्च के लिए कम।

 मंदिरों के लिए दस गुना ज़्यादा।

 सोचिए विचार कीजिए जागिए जगाइए।

 भगवान को विसर्जन के नाम छिन्न-भिन्न करके अपमानित मत कीजिए।

हिंदू धर्म पतन की ओर है।

 उत्थान करना है तो भगवान विसर्जन अपमान छोड़ दीजिए। मंदिरों को व्यापार केन्द्र मार मत बनाइए।




 

 




 





 

  


ஏதோ சேவை மனப்பான்மை

 மருத்துவமனை பிரார்த்தனை 

 பைபிள் அச்சடித்து விநியோகம் 

 சர்ச் பள்ளிக்கூடம் 

 அன்பு என்று கல்வி நிலையம் படிப்பு 

 மருத்துவமனை 

கன்னிகா ஸ்த்ரீ சேவை

 என அவர்கள்  மக்கள் தொடர்பு  ஹிந்துக்களிடம் குறைவே.

 முப்பதாயிரம் நாற்பதாயிரம் ஒரு லட்சம் என விநாயகர் காளி சிலைகள் வழிபட்டு   விமர்சனம் என்ற பெயரில் பல கோடிகள் கடவுள் அவமானம் சின்னா பின்னம் படுத்தல் என்பது ஹிந்துக்கள் ஒற்றுமை என்பது கடவுளின் சாபமே ஒழிய

 கடவுள் அனுக்ரஹம் சத்தியமார்க்கம் கிடையாது.

 அந்த பல கோடி ரூபாய் ஊர்வலத்தில் குடிகார குத்தாட்டம் 

 அந்த விலை உயர்ந்த மூர்த்தியை கடலில் தள்ளும் போது ஒரு வெறி வேகம் 

 இதெல்லாம் வணிக நோக்கமே ஒழிய ஹிந்து மதத்தில் பற்று ஏற்படுத்தாது.

 விநாயகர் காளி அந்த அழகு உருவங்களை தள்ளும் காட்சி ஹிந்துக்கள் கடவுளை அவமானப் படுத்தும் கர்ம வினைகள்.

  ஹிந்துக்கள் சிந்தித்து 

இந்த விசர்ஜன கடவுள் அவமானத்தை கல்வி மருத்துவ சேவை மனப்பான்மைக்கு செலவு செய்தால் ஹிந்து மதம் வளரும்.

 இந்த ஆலய விஐபி தரிசனம் கட்டணதரிசனம் விரைவு தரிசனம் கையூட்டு ஆண்டவன் முன் சமமற்ற  நிலை.

 இந்த நிலை மசூதியில் சர்ச்சில் இல்லை.

 ஆலயம் முன்கடவுள் இல்லை என்ற வாசகசிலை சர்ச் மசூதி முன் வைக்க முடியாது.

 சோனியா ஜெயலலிதா மம்தா  அன்னை வேளாங்கண்ணி ‌வேடத்திலோ  குஷ்பு ஆலயமாக  அந்த மதங்கள் அனுமதிக்காது.

 தெய்வம் என்பது அனைவருக்கும் கருணை காட்டுவது.

 அந்த மிகப்பெரிய ஆற்றல்  இந்த ஜெயலலிதா சோனியா எம்ஜிஆர் மோடிக்கு தனிப்பட்ட கூட்டணி இல்லா சக்தி கிடையாது.. ஹிந்து ஆலயங்கள் ஒரு வணிக வளாகங்கள்.

 பக்தி கிடையாது.

 வாகன நிறுத்துவதில் இருந்து சுவாமி தரிசனம் வரை ஏற்றத்தாழ்வுகள் பணம் பணம் பணம் தான்.

Wednesday, August 12, 2026

तिरुमंतिरम में प्यार திருமந்திரத்தில் அன்பு.

 தமிழக பைபிள் அமைச்சருக்கு.

  திருமந்திரத்தில் அன்பு .

 பொன்னைக் கடந்திலங்கும்புலித்தோலினன்

பின்னணிக் கிடந்து மிளிரும் இளம்பிறை

முன்னணிக் கிடந்த சுடுபொடுயாடிக்குப்

பின்னணிக் கிடந்தது என் பேரன்பு தானே.

 नागरी लिपि में।

पोन्नैक् कडंतिलंगुम् पुलित्तोलिनन्

मिन्निक किडंतु मिळिरुम् इळंपिऱै

तुन्निककिडंत चुडुपोडु याडिक्कुप्

पिन्निक् किडंततु पेरन्बुताने।।

शुद्ध स्वर्ण से अधिक चमकनेवाले बाघचर्म पोशाक पहने शिव,

चमकनेवाले दुग्ध सम अर्द्ध चंद्र को सिर पर पहने शिव

श्मशान में जले लाशों  के राख शरीर पर लगानेवाले शिव

उस अस्ति पर नृत्य करनेवाले शिव ।

 उन से हम प्यार करते हैं,वे हम से प्यार करते हैं।

दोनों प्रेम एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

निष्काम प्रेम करनेवाले भक्तों से प्रेम में शिव घुल-मिल जाते हैं।




Monday, August 10, 2026

सब के सब मनाएँगे எல்லோரும் கொண்டாடுவோம்

 எல்லோரும் கொண்டாடுவோம்.

ऍल्लोरुम् कोंडाडुवोम्==सब के सब मनाएँगे।


  சாதி மத இன வேறுபாடு இன்றி 

जाति मजहब वर्ग भेद रहित।

அனைவரும் கொண்டாடுவது 

अनैवरुम् कोंडाडुवतु


 இரண்டு பண்டிகைகள்.

इरंडु पौडिकैकल।

दो त्योहार।

 ஒன்று ஆகஸ்ட் 15 . 

ऒंरु अगस्त 15.

26ஜனவரி குடியரசு நாள்.

  நமது நாட்டின் செல்வவளம் கொள்ளை அடிக்கவே வந்தனர்.

नमतु  नाट्टिन दौलत लूटने आये विदेशी लोग।

பாரசீகப் படை எடுப்பு

पारसीकप्पडै एडुप्पु।

पारसी आक्रमण।

 மங்கோலியர்கள் 

मंगोलियरकळ

முகலாயர்கள்

मगलायरकळ्

 அலெக்சாண்டர் 

अलेक्सांदर (सिकंदर)

என வெளிநாட்டு சக்திகள்

एन वॆळिनाट्टु शक्तिकळ

ऐसे विदेशी शक्तियाँ।

 இந்தியாவின் மீது படையெடுத்தன

इंदियाविन मीतु पडै ऍडुत्तन।

भारत पर चढ़ाई की।

 நமது நாட்டில் வீர மன்னர்கள் வீரர்களுக்கு குறைவில்லை.

 नमतु नाट्टिल वीर मन्नर्कलुक्कु कमी नहीं है।

हमारे देश में वीर राजाओं की कमी नहीं है।

 தேசதுரோகிகள் ஆம்பி போன்றவர்கள் வெளிநாட்டு சக்திகள் வர காரணமாக இருந்தனர். 

देशद्रोही गंभीर जैसे लोग विदेशी शक्तियों के आने के कारण बने।

 முகம்மது கஜினி முகமது கோரி 

मुहम्मद गजनवी, मुहम्मद गोरी 

 இடைவிடாது  इडैविडातु

लगातार 

படையெடுத்து पडैयेडत्तु  आक्रमण करके 

 ஆலயங்களைத்मंदिरों को

 தரைமட்டமாக்கிய तोड़कर अस्त-व्यस्त करके


 கொள்ளை எடுத்துச் சொன்னார்.

कोळ्ळै एडुत्तुच्चेन्रनर। =लूटकर ले ग

 பின்னர் முகலாயர்கள் ஆட்சி.

पिन्नर मुगलायरकळ आट्चि

फिर  मुगलों का शासन।

  ஹிந்து முஸ்லிம் போராட்டம்.

हिंदू मुस्लिम पोरिट्टम्।

 हिंदू मुस्लिम संघर्ष


 மாலிகாபூர் படை எடுப்பில் தென் இந்திய ஆலயங்கள் தகர்க்கப் பட்டன. பல ஆலயங்கள் மசூதிகளாக மாறின.

 मालिकापुर चढ़ाई में दक्षिण भारत के मंदिर तोडे गये।

अनेक मंदिर मस्ज़िद बन गये


 அப்போது கபீர் ஞான மார்க்கம் மலிக் முகம்மதுஜாயசியின் அன்பு மார்க்கம் 

துளசிதாசர் ராம பக்தி மார்க்கம் சூர்தாசரின்  கிருஷ்ண பக்தி மார்க்கம் தோன்றின.

 अप्पोतु कबीर ज्ञानमार्गम् मलिक मुहम्मद जायसी 

अवर्कलिन अन्बु मार्गंम्, तलसीदासरिन राम भक्ति मार्ग में  सूरदासरिन किरुष्ण भक्ति मार्गम,  तोन्ऱिन।

तब कबीर का ज्ञान मार्ग, मलिक मुहम्तुमद का प्रेम मार्ग,  तुलसीदास का राम भक्ति मार्ग,  सूरदास का कृष्ण भक्ति मार्ग आदि का उदय हुआ


 மக்கள் கவிஞர் கள் இறைவனை சரணடைந்தனர்.

 मक्कळ कविकल् इरैवनै चरणडैंदनर्!


 கபீரின் ஞான மார்க்கம் ஹிந்து முஸ்லிம் ஒற்றுமைக்கு காரணமாக இருந்தது.

 कबीर का ज्ञान मार्ग  हिंदू मुस्लिम ऒट्रुमैक्कु कारणमाक इरुंदतु।


  ஹிந்து முஸ்லிம் ஒற்றுமையாக இருந்தனர். ஆனால் அவர்கள் அமைதி காலத்தில் நாட்டுப் பற்று இன்றி சூதாட்டம் கேளிக்கை குடி கூத்து என வாழ்ந்தனர்.

हिंदू मुस्लिम ऒट्रुमैयाक इरुंदनर्।

लेकिन अवर्कळ् अमैतिकालत्तिल नाट्टुप्पट्रु इन्ऱिसूदाट्टम, केळिक्कै कुडि कूत्तु एन वाऴ्न्दनर।

 हिंदु मुस्लिम एकता से रहे।

 पर  शांति के समय देशभक्ति रहित जुआ, ऐयासी,

भोग-विलास नशे में  थे।

 இச்சூழ்நிலையில்  ஆங்கிலேயர்கள் வணிகம் செய்ய அனுமதி பெற்று  பாரத நாட்டை ஆளத்தொடங்கினர்.

इच् चूऴनिलैयिल् आंगिलेयरकळ् वणिकम् चेय्य अनुमति पेट्रु भारत नाट्टै आळत्तोडंगिनर!


इस परिस्थिति में अंग्रेज़ी व्यापार करने की अनुमति माँगकर  भारत देश को शासन करने लग गये।

  ஆங்கிலம் கற்றால் வேலை என்ற நிலையை உருவாக்கினர்.

आंगिलम् कट्राल वेलै ऍन्ऱ निलैयै उरुवाक्किनर्। 

अंग्रेज़ी  सीखने पर नौकरी की स्थिति बनाई।

 கிறிஸ்தவ மிஷனரிகள்  சர்ச்கள் பள்ளிக்கூடங்கள் என மக்களை திசைதிருப்பி கிறிஸ்தவ மத பிரசாரத்திற்கு பைபிளை இந்திய மொழிகளில் மொழிபெயர்த்து எழுதினர்.

किर्गिस्तान मिशनरिकल्  चर्चकल पल्लिककूडंगल एन मक्कलिन दिसै तिरुप्पि किरिस्तव मत प्रचारत्तिर्कु बैबिळै इंदिय मोऴिकळिल् मोऴिपेयर्त्तु एऴुतिनर्।

 ईसाई  मिशनरियों ने गिरिजाघर और स्कूल खोलकर लोगों की दिशा बदलकर ईसाई धर्म के प्रचार के लिए 

बाइबिल को भारत की भाषाओं में लिखे।


 நாட்டின் செல்வம் கொள்ளை அடிக்கப்பட்டன.

नाट्टिन शेल्वम कोळ्ळैयडिक्कप्पट्टन।

द की संपत्ति लूटे गये।


 ஆன்மீக பூமி பாரதத்தில் ஹிந்து முஸ்லிம்  பகைக்கு காரணமாயினர்

अआध्यात्मिक भूमि भारत में हिन्दू मुस्लिम दुश्मनी के कारण बने।.


  நாட்டில் ஆங்கில  மொழி பிரதான மாறிற்று.

 नाट्टिल आंगिल मोऴि प्रधानमायिट्रु।

देश में अंग्रेज़ी भाषा प्रधान बनी।


 இந்தியர்களை அடிமையாக்கிய ஆட்சியை எதிர்த்து விடுதலைப் போராட்டம் இரு வகைகளில் நடந்த ன. ஒன்று தீவீரவாதம் . மற்றொன்று அஹிம்சை சத்தியாக்கிரகம்.


इंदियर्कळै अडिमैयाक्किय आट्चियै एतिर्त्तु विडुतलैप्पोराट्टम  आयु वकैकळिळ् नडंदन।ऒन्ऱू तीवीश्रवादम मट्रोंन्ऱू अहिंसै सत्याग्रहम्। 

 भारतीयों को गुलाम बनाये‌ शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम दो प्रकार से चले। एक तीव्र वाद दूसरा अहिंसा सत्याग्रह।

 இந்திய சுதந்திரப் போராட்ட வீரர்கள் தூக்கிலிடப்பட்டனர்.

 इंदिय सुतंतिरप्पोराट्ट वीरर्कळ्  तूक्किलिडप्पट्टनर।

 भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वीर फांसी पर चढ़ाते गये

 தடியடி நடத்தினர்.

तडियडि नडत्तिनर।

लाठी से मारे।


. ஜாலியன் வாலாபாக்கில் துப்பாக்கி சூடு நடத்தி இரக்கமின்றி இந்தியர்களைக் கொன்று குவித்தனர்.

जालियांवाला बाग्गिल तुप्पाक्कि चूडु संपत्ति इरक्कमिन्रि इंदियरकलैक्कोन्ऱु कुविणत्तनर्।

जालायांवाला भाग में बंदूक चलाकर निर्दयता से शवों का ढेर बनाया।

 பலரை அந்தமான் சிறையில் அடைத்தனர்.

 पलरै अंडमान चिरैयिल अडैत्तनर।

अनेकों को अंदमान जेल में डाला।


 மோகன்தாஸ் கரம்சந்த் காந்தி தலைமையில் அஹிம்சை சத்தியாக்கிரகப்போராட்டம்.

मोहनदास करमचंद गांधी के नेतृत्व में अहिंसात्मक 

सत्याग्रह चला।

 சுபாஸ்சந்திரபோஸ்सुबासचंद्रबोस

 பால் கங்காதரர் திலகர் 

बालगंगाधर तिलक,

லாலாலஜபதிராய் 

लाला लाजपतराय 

तमिलनाडु में राजगोपालाचारी,कामराज,

कप्पलोट्टिय तमिल चिदौबरनार् 

महाकवि भारतियार 

सुब्रह्मण्यम शिवा  आदि तीव्रता से लड़ें।

कोडिकात्त कुमरन् 

वेलूनाच्चियार

तिल्लैयाडी वळ्ळियम्मै  प जैसे लोगों का त्याग,

वांचिनाथन्् भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद जैसे लोगों का आतंकवाद अंत में अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने विवश कर दिया।

 

 தமிழகத்தில் ராஜகோபாலாச்சாரி காமராஜர் கப்பலோட்டிய தமிழர் சிதம்பரனார் பாரதியார் சுப்பிரமணிய சிவா போன்றோர் தீவிரமாக போராடினர் கொடிகாத்தகுமரன்  வேலுநாச்சியார் தில்லையாடி வல்லியம்மை போன்றோரின் தியாகம் வாஞ்சிநாதன் பகத்சிங் சந்திரசேகர ஆசாத் போன்றோரின் தீவிரவாதம் இறுதியில் ஆங்கிலேயரை நாட்டை விட்டு செல்ல காரணமாகின.


 ஆனால் நாடு இரண்டாக பிரிக்கப்பட்டது.

लेकिन देश दो टुकड़े हो गये।

 முகலாயர்களுக்காக 

 பாகிஸ்தான் தனி நாடானது.

मुगलों केलिए पाकिस्तान अलग देश बना

  ஹிந்து முஸ்லிம் கலவரத்தில் பலர் உயிர் நீத்தனர்.

 हिंदू मुस्लिम कलह में अनेक मर गये।

 ஆகஸ்ட் 15 நாட்டின் சுதந்திரநாள் பல தியாகிகள் உயிர்த்தியாகம் கடும் சித்திரவதைக்குப் பிறகு.. நம் சுதந்திர நாளை வந்தேமாதரம் தாய் நாட்டிற்கு வணக்கம் என்று கூறி மகிழ்ச்சியாக கொண்டாடி வலிமைமிக்க பாரதமாக மாற்ற ஒன்று படுவோம்.

अनेक प्रकार के त्याग कठोर दंड के बाद अगस्त 15तारीख को देश आज़ाद हुआ।

   हम इस आज़ाद दिन को वंदेमातरम् कहकर खुशी से मनाकर  बलवान भारत बनाने परिश्रम करेंगे।

 சாதி மதங்களை மறந்து நாட்டின் வளர்ச்சியில் ஈடுபடுவோம்.

जाति मजहब भूलकर देशकी प्रगति में लगेंगे।


जय भारत।  जय हिन्द।

 வாழ்க பாரதம்

 வாழிய பாரத மணித்திரு நாடு.


ஜய் ஹிந்த்.

कण्णदासन चित्रपट गीत।

 




तमिल हिंदी सेवा 

एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई 

कवि सम्राट कण्णदासन् के चित्र पट गीत का तमिल अनुवाद नागरी लिपि और हिंदी भावार्थ के साथ।



அவள் பறந்து போனாளே 

अवळ्  परंतु पोनाळे

 वह उडकर चली गई।


என்னை மறந்து போனாளே
ऍन्नै मरंतु पोनाळे 
मुझे भूलकर चली गई।

நான் பார்க்கும் போது கண்கள் இரண்டை
கவர்ந்து போனாளே
नान् पार्क्कुम् पोतु कण्कळ् इरंडै कवर्न्तु पोनाळे।
मेरे देखते समय मेरे नयनों को चुराकर चली गई।

கந்தா
என் காதுக்கு மொழியில்லை
ऍन् कातुक्कु मोऴियिल्लै 
मेरे कानों को भाषा नहीं
என் நாவுக்குச் சுவையில்லை
ऍन् नाउक्कु चुवैयिल्लै
मेरे जीभ को रुची नहीं ,

என் நெஞ்சுக்கு நினைவில்லை
ऍन् नेंजुक्कु निनैविल्लै
मेरे दिल में स्मरण नहीं।
இனி நிழலுக்கும் உறக்கமில்லை
नि निऴळुक्कु उऱक्क मिललै
मेरे दिल में नींद नहीं 

இந்த வீட்டுக்கு விளக்கில்லை
इंद वीट्टुक्कु  विळक्किल्लै 
इस घर में दिया नहीं।
சொந்தக் கூட்டுக்கு குயிலில்லை
चोन्द कूट्टुक्कु कुयिल इललै
निजी पिंजड़े में कोयल नह
என் அன்புக்கு மகளில்லை
ऍन् अन्बुक्कु मकळ् इल्लै
मेरे प्यार केलिए बेटी नहीं
ஒரு ஆறுதல் மொழியில்லை
ऒरु आऱुतल मौऴिइल्लै
एक सांत्वना भाषा नहीं 
என் இதயத்தில் பூட்டி வைத்தேன் 
ऍन इदमत्तिल् पूट्टी वैत्तेन्
मेरे हृदय में ताला लगाकर रखा था।
அதில் என்னையே காவல் வைத்தேன்
अतिल ऍन्नैये कावल् वैत्तेन्।
उसमें अपने को पहरेदार बनाया
அவள் கதவை உடைத்தாளே
अवळ कतवै उडैत्ताळे
उसने दरवाज़ा थोड़ा।
தன் சிறகை விரித்தாளே
तन चिरकै विरित्ताले
अपने पंख फैलाये।
தன் சிறகை விரித்தாளே
அவள் பறந்து போனாளே
वह परंतु पोनाले।
वह उडकर चली गई।
அவள் எனக்கா மகளானாள்
अवळ एनक्का मकळानाल्
वह मेरी बेटी न बनी।
நான் அவளுக்கு மகனானேன்
नान अवलुक्कु मकान आनेन्।
मैं उसका  पुत्र बना।
என் உரிமை தாயல்லவா
एन् उरिमै तायल्लवा
मेरी अधिकार की माँ है न?
என் உயிரை எடுத்துக் கொண்டாள்
ऍन् उयिरै ऍडुत्तुक्कोंडाळ्।
मेरे प्राण ले लिये

वह उडकर चली गयी।
मुझे भूलकर चली गई।
 मेरे देखते देखते
 मेरे नयनों को चुराकर ले गयी।

Wednesday, August 5, 2026

कण्णदासन चित्रपट गीत।

 

तमिऴ हिंदी सेवा

नागरी लिपि में।

+++++

पाप की क्षमा --पावमन्निप्पु तमिल चित्रपट में 

कवि सम्राट कण्णदासन् का गीत का तमिऴ अनुवाद।

अनुवादक --एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक।



 वंदे नाळ् मुतल= आये दिन से

इंद नाळ वरै --इस दिन तक 

 वानम् माऱविल्लै -- आकाश न बदला।

वानमतियुम् नीरुम् कडल् काट्रुम् = आकाश , चंद्र, नीर, समुद्र पवन

मलरुम् मण्णुम् कॊडियुम् सोलैयुम् नदियुम माऱविल्लै =

फूल, मिट्टी,लता,उद्यान नदी नहीं बदले

 मनितन माऱिविट्टान --= मनुष्य बदल गया।

मतत्तिल एरिविट्टान = मद में चढ़ गया।

निलै माऱिनाल् = स्थिति बदलने पर

गुणम् माऱुवार== गुण में बदलेंगे।

जातियुम भेदमुम् कूऱुवार = जातिभेद बोलेंगे।

वेदना विधि ऍनऱोतुवार= वेद विधि पढ़ेंगे।

मनुष्य बदल गया, मद में चढ़ गया।

पऱवैयैक्कंडान = पक्षी को देखा

विमानत्तै पड़ैत्तान  =वायुयान का पता लगाया।

पायुम मीनकळिल् पडकिनैक्कंडान।

तैर थी मछलियों  में नाव को देखा।

ऍतिरोलि केट्टान वानोलि पडैत्तान्= गूँज बना आकाशवाणी का आविष्कार किया।

 न जाने किसको देखा , धन का पता लगाया।

मनुष्य बदल गया।

इन्बमुम् कातलुम इयऱ्क्कैयिन नीति  =

सुख और प्यार प्रकृति की नीति।

एट्रताऴ्वुकळ  मनितनिन जाति।==

ऊँच नीचे मनुष्य की जाति।

पारिल इयर्क्कै पडैत्ततैऍल्लाम्=

 संसार में प्रकृति की सृष्टि सब को 

मनितन् माऱिविट्टान = मनुष्य ने बदल दिया।

मद पर चढ़ गया।










 

कालों में वह वसंत காலங்களில் அவள் வசந்தம்.

 कालों में वह वसंत =कालंगलिल  अवळ वसंतम्।

कण्णदासन के गीत।

 चित्रपट --पाप की क्षमा।

अपने प्रेयसी के बारे में।

 तन कादलियैप्पटृरि।

++++++++

  ऋतुओं में वह वसंत ऋतु।== कालंगलिल् अवळ्‌धसंतम्लओं में वह चित्र कला ==कलैकलिल अवळ् ओवियम्।

मासों में वह मृगशीर्ष --- मातंगलिल् अवळ्‌मार्कऴि

फूलों में वह चमेली --पूक्कलिल् अवळ् मल्लिकै

 पक्षियों में वह कबूतर -- पऱवैकळिल् अवळ् मणिप्पपुऱा।

गीतों में वह लोरी ==पाडलकऴिल् अवळ् तालाट्टु

फलों में वह आम== कनिकऴिल् वह मांगनी

वायु में  वह  समीर =काट्रिनिल अवऴ तेन्ऱल्

 दुग्ध समान  हँसने में  वह बच्ची। --पाल् पोल् चिरिप्पतिल् पिळ्ळै।

बर्फ सा गले लगाने में वह कुमारी -- पनि पोल अणैप्पतिल् कन्नि।

नयनों सी सुरक्षा में माँ --कण पोल वार्प्पतिल् अन्नै।

कवि बनायी मुझको।

कालों में वह वसंत।

 

 


तमिल सिनेमा गीत। पाप की क्षमा

  तमिऴ चित्रपट  गीत सम्राट कण्णदास  के गीत 

 पाव मन्निप्पु(पाप  की क्षमा) के गीत।

तमिल हिंदी सेवा देवनागरी लिपि में 

एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति अनुवाद 

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  सिलर्  सिरिप्पार,  ==कुछ लोग हँसेंगे

सिलर अऴुवार  ==कुछ लोग रोएँगे

 नान चिरित्तुक्कोंडे  = मैं हँसते हुए 

अऴुकिन्रेन। == रोता हूँ।

पासम् -- स्नेह 

नेंचिल ==दिल में 

मोदुम् --टकराएगा।

अंतप्पादैयै --उस मार्ग को

भेदंगळ् --भेदभाव

मूडुम==बंद करेगा।

उऱवै =नाते को 

ऍण्णि =सोचकर 

चिरिक्किन्रेन =हँसता हूँ।

उऱिमै यिल्लामल् --अधिकार रहित 

रोता हूँ =अऴुकिन्ऱेन्।

कुछ लोग रोएँगे, 

कुछ लोग हँसेंगे

मैं रोते हुए हँसता हूँ।

 करुणै पॊंगुम् उळ्ळम् -- करुणा उमड़ते दिल

 अतुल कडवुळ् वाऴुम् इल्लम् =वह ईश्वर बसे आवास।

  करुणै मऱंते वाऴ्ककिन्रुरार् = करुणा भूलकर जीते हैं 

कडवुलैत्तेडि अलैकिन्रार्==भगवान  की खोज में भटकते हैं।

कुछ लोग रोते हैं, कुछ लोग हँसते हैं,

मैं रोते हुए हँसता हूँ।

 कालम् ऒरु नाळ्  माऱुम् -- वक्त एक दिन बदलेगा।

कवलैकऴ याउम् तीरुम् = चिंताएँ सब मिट जाएँगे।

वरुवतै ऍण्णि चिरिक्किन्रेन == जो कुछ आनेवाले हैं 

उसको सोचकर हँसता हूँ।

वंततै ऍण्णि अऴुकिन्रेन् --जो आये हैं, उन्हें सोचकर रोता हूँ।

कुछ लोग रोएंगे, कुछ लोग हँसेंगे 

मैं रोते हुए हँसता हूँ।




 



Tuesday, August 4, 2026

संताप

 संताप!?

 मानव जीवन में 

 निश्चित है।

 सुख दुख के मधुर मिलन में होता

 जागता मानव जीवन।

  

मानव का जीवन  

 पाप का फल है।

 कहते हैं 

मानव जीवन 

दुर्लभ है। 

सच है क्या?

 राम का जीवन दुख मय।

 कृष्ण का जन्म जेल में।

 अपनी माता के आलिंगन में नहीं।

 दानवीर कर्ण को माँ का प्यार न मिला।

 कुंती के पति रोगग्रस्त।

 बच्चे अवैध संबंध  से।

 दशरथ के  अपने पुत्र नहीं है।

 राजा भर्तृहरि की पत्नी के अवैध संबंध से संन्यासी बने।

मानव जीवन में शांति कहाँ?

 प्रधानमंत्री मोदी  की पत्नी ,

 जयललिता  का जीवन।

 सीता के दुख।

 मानव जीवन संताप  का   अनंत सागर।

Monday, August 3, 2026

प्रार्थना இறைவணக்கம்.

 இனிய காலை வணக்கம்.

सुप्रभात। नमस्ते।



  இறை

வணக்கம்.


प्रार्थना।


 மணமான மகிழ்ச்சி.

वैवाहिक खुशी।

 இறைவன் அளித்தது..

ईश्वर की देन।

 மனைவி உயிரெடுத்த துன்பம்  இறைவன் அளித்தது.

 पत्नी  के प्राण लेकर दुख ईश्वर की देन।


 இறைவனை பழிப்பதா?

ईश्वर की निंदा करनी है?


 இறைவனைப் போற்றுவதா?


ईश्वर  की प्रशंसा करूँ?

  புரியாத மனித ஞானம்.

ना समझ मनुष्य ज्ञान।


 மனவேதனை

 ஏன்

 இருக்கிறோம் என சளிப்பு.

मनुष्य की वेदना 

क्यों जीते हैं।

मन में नीरसता।


 இறைவனின் சூக்ஷ்மம்.

ईश्वर की सूक्ष्मता।

  இயற்கையான  ஞானம்.

 प्राकृतिक ज्ञान। सहज ज्ञान।

 இறைவனளிப்பது.

ईश्वर की देन।



 நமது சேர்க்கை அளிப்பது 

செயற்கை  ஞானம்.


हमारे संग की देन

कृत्रिम देन।

 அதில் மாயையும் இருக்கும்.



उसमें माया होगी।

 ஆன்மீக    ஆனந்தம் இருக்கும்.

 आध्यात्मिक आनंद होगी।

 நல்வழி இருக்கும்.

सुमार्ग रहेगा।

 தீய வழி இருக்கும்.

दुर्मार्ग रहेगा।

 ஆண்டவன் அருளிருந்தால் தான் மாயைபிடிக்காமல் ஆன்மீகம் பிடிக்கும்.



भगवान का अनुग्रह रहें तो आध्यात्मिकता पसंद होगी।

 உலகம் மாயை.

जग माया है।।

 உலகநாதன் உண்மை.

जगन्नाथ सत्य है।

கபீர் பக்தி कबीर भक्ति

 तंमिल हिंदी सेवा

தமிழ் ஹிந்தி பணி.


சே. அனந்த கிருஷ்ணன்.

एस. अनंतकृष्णन 


संत कबीर 

கபீர்.

नहाये धोये क्या हुवा,

मन का मैल न जाए।

मीन सदा जल में रहे,

धोये बांस न जाये।

மன அழுக்கு அதாவது மனத்தூய்மை இன்றி குளிப்பதால் கழுவுவதால் என்ன பயன்?

 மீனகள் எப்பொழுதும் தண்ணீரில் இருந்தாலும் அதன் துர்நாற்றம் போகாதே.


भले जाय बद्री

भले जाय गया

कहे कबीर सुनो भाई साधो 

सबसे बड़ी दया।

  பத்ரிநாத் சென்றாலும்  காசிக்குச் சென்றாலும் நல்லது நடக்குமா?

 கபீர் சொல்கிறார் 

கேள்

சகோதரா!

இரக்க குணம் தான் பெரிது.


मथुरा जाउ भावे द्वारका।

भले जांच जगन्नाथ।

साथ संगति भक्ति बिन,

कुछ भी न आवे हाथ।


மதுரா போனாலும் துவாரகா பிடித்தாலும்

ஜகந்நாதன் பிடித்தாலும்

 உடன் உள்ளத்தில் பக்தி இல்லாமல் 

 எதுவும் நடக்காதே.




 मन में ही मक्का,

दिल में द्वारिका।

काया काशी जान।

दस  द्वारा का देहरा

देह माही ज्योती बसान।

ना तीर्थ में,

ना मूरत में 

 मोटो ढूँढे रे बन्दे।

मैं तेरे पास में।

 மனதே

 மக்கா,

மனதே துவாரகா

 உடலே காசிதான்.

தெரிந்து கொள்.

 பத்து துவாரங்கள் உள்ள உடல் 

 அதில் தான் இறைவன்  குடியமர்ந்து உள்ளான்.

 என்னை எங்கே தேடுகிறாய் பக்தா!

 உடலில் ஒளியாக உள்ளேன்.

நான் புனித இடத்தில் இல்லை.

நல்ல நேரத்தில் இல்லை.

 என்னை  எங்கே தேடுகிறாய்.

 நான் உன். மனதில் உன் அருகிலேயே உள்ளேன்.

   மனதில் தூய பக்தி இருந்தால் கடவுளே உனக்குள் 

 என்னருகில் இருக்கிறார்.

Wednesday, July 29, 2026

இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை. दूर की ढोल सुहावना

 कण्णदास  तमिल भाषा के चक्रवर्ती हैं  उनके गीत।

दूर का ढोल सुहावना 

उसको   

तमिल में इक्करैक्कु अक्करैप्पच्चै  कहते हैं।


 इसका सीधा अनुवाद है

 इस तट  से उस तट की हरियाली बढ़िया।

जो वस्तु नहीं है, उस वस्तु पर सब की चाह।

मेरे घर का दर्पण मेरा अपना चेहरा नहीं दिखाया।

इस तट से उस तट की हरियाली  अच्छी।

 कुटुंबी  की चाह संन्यासी बनना

संन्यासी की चाह कुटुंबी बनना।

मृग मरीचिका की ओर भटकनेवाला हिरन।

 सामने देखना करोड शिष्य।

इस तट से उस तट की हरियाली अच्छी।

समुद्र पर जो गिरे हैं, तैरिए।

फल पर जो गिरे हैं खाइए।

राह देखनेवाले चलिए।

जिनको राह नहीं दीखती, ठहरिए।

चट्टान फर्श पर तैरनेवाले आदमी

काल के आदेश बदलना नहीं सरल।

 वर्षा के दिनों में आंखें धूप की तलाश में।

गर्मी में शरीर ठंडा की तलाश में 

 यह-वह की तलाश में भटकते हो

जीवन में जो कुछ पाते हो

फिर भी अभाव में तड़पत हो।

हर एक को जो मिलता है

 वह ईश्वर की भीख।

जो मनुष्य यह नहीं जानता 

उसको दूर का ढोल सुहावना लगता।।

इस तट से उस तट की हरियाली अच्छी।।

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இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை
இல்லாத பொருள் மீது
எல்லோர்க்கும் ஆசை வரும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை
என் வீட்டு கண்ணாடி
என் முகத்தை காட்டவில்லை
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை

படம்: அக்கரை பச்சை
பாடியவர்: எம்.எஸ்.வி,
இசை: எம்.எஸ்.வி


சம்சாரியின் ஆசை சன்யாசம் - அந்த
சன்யாசியின் ஆசை சம்சாரம்
சம்சாரியின் ஆசை சன்யாசம் - அந்த
சன்யாசியின் ஆசை சம்சாரம்
கானலுக்கு மானலயும் கண்கண்ட காட்சி
கண் முன்னே காணுங்கள் ஒரு கோடி சாட்சி
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை

Supported by #CeylonRadio
நன்றி@Harshini_Palani Track Created
This HQ Paid Track
Upload and Tamil Lyrics by@XavierSRavi


கடல் மீது விழுந்தோர்கள் நீந்துங்கள்
கனி மீது விழுந்தோர்கள் உண்ணுங்கள்
வழிச்சாலை கண்டோர்கள் செல்லுங்கள் - போக
வழியின்றி நிற்பவர்கள் நில்லுங்கள்
கல் தரையில் கை போட்டு நீந்துகின்ற மனிதா
காலம் இட்ட கட்டளையை மாற்றுவது எளிதா
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை




மழை நாளில் உன் கண்கள் வெயில் தேடும்-கோடை
வெயில் நாளில் உன் மேனி குளிர் தேடும்
அது தேடி இது தேடி அலைகின்றாய் - வாழ்வில்
எது வந்து சேர்ந்தாலும் தவிக்கின்றாய்
அவரவர்க்கு வாய்த்த
இடம் அவன் போட்ட பிச்சை
அறியாத மானிடர்க்கு அக்கரையில் இச்சை

இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை
இல்லாத பொருள் மீது
எல்லோர்க்கும் ஆசை வரும்
இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை - என்றும்

இக்கரைக்கு அக்கரை பச்சை