Monday, October 22, 2012

कार्यान्वित करने का; सोचो;जागो;करो देश की रक्षा।


दक्षिण  -उत्तर 
दक्षिण उत्तर दोनों  कम नहीं भ्रष्टाचार में।

आन्ध्र -कर्नाटक -तमिलनाडु  
तीनों में ग्रेनेट   में लाखो करोड़ों का भ्रष्टाचार।
सब में मिले हैं अधिकारी।
अधिकारी बेचारा क्या करता।
उन्हें बदमाशों की धमकी।
पुलिश अधिकारियों की धमकी।
स्थानीय शासक दल की धमकी 
मंत्री की धमकी ,मंत्री पुत्रों की धमकी।
इन् धमकियों  के साथ -साथ उनके 
कुटिम्बियों  को भी धमकी।
देश प्रेम  जब शासकों को नहीं,

लाखों के रुपए का भ्रष्टाचार 
 तो मंत्री नहीं कर सकता।
करोड़ों के रूपये एक ओर।

भोले भाले 6,00,000  लाख हर साल के वेतन 
पानेवाले अधिकारी।
अधिकारी  को दंड मिला है .
क्या करोड़ पतियों को मिला है दंड।
जेल में भी राजमहल की सुविधाएं।
एक साधारण कैदी ,आय कर नहीं ;तो 
जेल जीवन हाय!हाय!
आयकर रसीद हो तो जीवन आराम।
खून करो;रेप करो;
प्रथम श्रेणी जेल में।
मंत्री जेल गयी तो जेल का पुनर्निर्माण 
वातानुकूल भरा।
पुलिस को देखकर डरते नहीं;
जेल यात्रा सुख-चैन की यात्रा।
गाना सूना है:
गांधी जेल में, भगवान कृष्ण का जन्म जेल में।
जैल्जाना आना "त्यागी की उपाधि पाना;
केन्द्र  सरकार का  क़ानून तोड़ो;
राज्य सरकार त्यागी की उपाधि देगी;
संविधान के विरुद्ध  बसें जलाओ ;रेल जलाओ 
प्रांतीय दल त्यागी पेंशान  देगी;
इसके विरुद्ध अदालत में भी इन्साफ नहीं मिलेगा।
केंद्र हमारा;राज्य आपका।
इंदिरा की नीति।
तमिलनाडु अपनी अलग नीति;
प्रांतीय सरकार राष्ट्री धारा पर नहीं बहेगी।
अखंड भारत में खंड  की संभावना।
समुद्रतट कीसुरक्षा में केंद्र सरकार दखल 
इसमें भी मत भेद।
पूरे राष्ट्र में प्रांतीय मोह;
प्रांतीय शिक्षा ;प्रांतीय अधिकार।
मैनारिटी ;मेजारिटी;
अखंड भारत।
देश की एकता खतरे में;
इसकी चिंता करते नहीं तो 
देश में चैन होगी नहीं।
स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग 
आत्मा बलिदान 
केवल बोलने का नहीं;
कार्यान्वित करने का;
सोचो;जागो;करो देश की रक्षा।




तमिल हिंदी सीखिए गिनती ।संख्या

तमिल  हिंदी सीखिए

गिनती ।संख्या

मुक्काल =पौना

ओन्ने मुक्काल =पौने दो
इरंडे मुक्काल=पौने तीन
मुने मुक्काल=पौने चार
नाले मुक्काल= पौने पाँच

ऐनते मुक्काल =पाने पाँच

हिंदी  में एक संख्या  अधिक कहते  हैं।उससे पाँव  कम करना है।

तमिल् में  मुक्काल पौना है .उसकी आदिमें उपसर्ग के सामान संख्या लिखनी है।


  1. ओन्रु =एक 
  2. इरंडू =दो 
  3. मून्रु =तीन 
  4. नानगु =चार 
  5. ऐन्तु=पाँच 
  6. आरू=छे 
  7. एलू =सात 
  8. एट्टू =आठ 
  9. ओन्पतु =नौ 
  10. पत्तू =दस 


Saturday, October 20, 2012

குற்றங்கள் . நடந்த வண்ணமாக உள்ளன. அதை பாரத மக்கள் மதியால் வெல்வார்களா//??

விதி  என்பது வலியது என்றனர்.---சிலர்
விதியை  வெல்லலாம் என்றனர்.

மதி எல்லாம் அதிக பட்சம் குற்றங்கள் 
புரியவே?
மதிமயக்கும் விதி என்பர்.
அதனால் தான்  ஊழல் புரிந்தோர்,
ஊழலின் எல்லைக்கே சென்று--இன்று 
செய்தித் தாளில் நீ ஊழல் -நான் ஊழல்,
அவன் ஊழல்,ஊழல் ஊழல் என்று சொல்பவனும் 
ஊழலுக்குத் துணை போவோர் சிலரின் 
ஊழலை மறைப்பதாகக்  குற்றச்சாட்டு.
குற்றம்புரிந்தவன்  வாழ்க்கையில்  
நிம்மதி  எது?
ஆனால்விதி மதியை மயக்கி 
மேலும்மேலும் குற்றங்கள் .
நடந்த  வண்ணமாக உள்ளன.
அதை பாரத மக்கள் மதியால் வெல்வார்களா//??

அல்லது  விதியென  துன்பங்களை  அனுபவிப்பார்களா/
அப்படித்தானே அயலார் ஆட்சியையும்
இப்பொழுது  மன்மொஹன்சிங்கை ஆட்டிவைக்கும்
தலைவியையும் ஏற்று வாக்களிக்கின்றனர்.

हममें ईश्वर की असली श्रदधा होती, तो ईश्वर की कृपा के लिए एक एजंट नहीं चाहते।

आज की खबर है कि  एक साधू  ने  अपनी भक्ता  को
 चरणामृत  के नाम से नशीला पेय पिलाकर गैंग रेप  कर दिया।
बार- बार ऐसी  खबरें आती  हैं।
 ऐसे  आश्रम की सूची  प्रेमानान्दा,चतुर्वेद शास्त्री,नियानान्दा   ,आसाराम  आदि।
और भी कईं मंदिरों में भी प्रायश्चित्त के नाम से
 महिलायें अपने-तन-धन  को कलंकित करती हैं।

महिलायें भारत की , 
आदी  काल से संयासी  के पीछे धोखा खाती रहती हैं।
 रामायण की कथा तो सीता सन्यासी
की बात को  बड़ा मानकर  
लक्ष्मण रेखा पार कर गयी तो रावण उठाकर ले गया।

बड़े आविष्कारक  की जीवनी पढिये।
वे अपने अथक परिश्रम के कारण ही रेडियो ,वायुयान,बल्ब,बिजली आदि का 
आविष्कार कर चुके हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की पढाई नहीं की।
मुहम्मद्नबी,भगवान  बुद्ध ,महावीर ,शंकराचार्य,रमण महर्षि,रामकृष्ण परमहंस,ईसा मसीह  आदि सीधे ईश्वर के भक्त थे।

वाल्मीकि,तुलसीदास,पुरंदरदास,मीरा,आंडाल,आदि सीधे ईश्वर के संपर्क में रहे।

सिकंदर    दंडियायन  से मिले तो आचार्य नंगे बदन  सर्दी में  तेजोमय   थे।

उन्होंने सिकंदर   से भेजे सोना चांदी, गरम कपडा ठुकरा दिया।

ऋषि  -मुनि पर्ण कुटीर में थे। 

जो सच्चे थे ,वे चले गए।

 अर्धनग्न -लंगोटी पहनकर।

. उनके पीछे जो उनके चेले आये ,दीक्षा देने  रुप्येमांगने लगे। 

अपने मठों  में सोना-चांदी-हीरे रूपये जमा करने लगे।

 आधुनिक सुविधाओं से भरे आलीशान आश्रम बनाने लगे।

 मैंने  अखबार में पढ़ा  कि  एक आश्रममें 76 शयनागार है, ;


वहाँ  का बिस्तर  बहुमूल्य  हैं।

  वे स्वर्गीय प्रधान मंत्री के गुरु थे।

जहाँ   बहुमूल्य हैं, आना जाना वहाँ   मंत्रियों  का सहज है।

 जहाँ  चाँदी  की चिड़ियाँ है,वहाँ  सब बुराइयाँ होंगीं।

ये महिलायें   सद्य-फल प्राप्त करने 

भगवान से  बढ़कर  इन नकली  

साधू संतों को बड़ा मानती हैं।

कबीर के जमाने के गुरु,

आजकल के गुरु में बड़ा फर्क हैं

आज वेतन भोगी गुरुओं  का  यूनियन  है।

आज गुरु-चेला दोनों नकली हैं।

कलियुग में श्रद्धा से अपने घर में ही नाम जप करो।

तुलसी ने लिखा है- जड़-चेतन,गुण-दोष मय  वस्तुओं को  ईश्वर ने बनायाहै।  

केवल राम नाम लो।

सूर ने कहा-अंधे को आँख।

गूंगे कोबोलने की शक्ति,

लंगडे  को चलने की शक्ति,

दरिद्र को राजा बनाने कीशक्ति ईश्वर में है। 

ईश्वर  की प्रार्थना करो।केवल  ईश्वर की।

कबीर ने कहा -मेरे भगवान की भुजाएं अनंत  हैं। 

लाली मेरे लाल की जित  देखो  तित लाल।

अतःईश्वर के  अनुग्रह की तलाश में कहीं मत जाओ।

रैदास  की  कहानी  सब जानते हैं।

 चमार के काममें लगाव था।

गंगा में नहीं नहाया। फिर भी ईश्वर की कृपा मिली।

इतने प्रयक्ष  कहानियाँ होने  पर भी  

महिलायें साधू के आश्रम में जाकर कलंकित है तो  यह उनकी बेवक़ूफी है।

भक्त ध्रुव,भक्त प्रहलाद,दक्षिण के कन्नप्पन, आण्डाल ,आदि  तो ईश्वर के भक्त थे।

उन्होंने किसी कीशागिर्दी नहींकी।



हममें ईश्वर की असली श्रदधा होती, 

तो   ईश्वर  की कृपा के लिए एक एजंट  नहीं चाहते।













































तमिल-हिन्दी सीखो - संख्याएँ = गिनती भिन्नांक


नान   ओन्पतु  मनिक्कू  अलुवलकम   सेल्किरेन ==मैं  नौ  बजे  दफ्तर जाता हूँ .

नान   ओन्पते   काल   मणिक्कू   कालै   चिट्रूणडि   साप्पिडुकिरेन =मैं सबरे  सवा नौ बजे नाश्ता  खाता हूँ।

नान कालै   आरे काल मनिक्कू  काफी  अरुंदुकिरें .==मैं सबेरे  सवा छे  बजे  काफ़ी   पीता हूँ।

काल =पाँव 
 
ओन्ने  काल= सवा 
 
इरंडे काल=सवा दो।
 
म़ूने  काल=सवा तीन।

नाले काल=सवा चार
ऐन ते   काल== सवा पाँच .


अरै =आधा

ओन्नारै=डेढ़

इरंड रै = साढ़े   दो।

मून्ररै =साढे  तीन

नालरै=  साढ़े  चार

ऐन्तरै = साढ़े   पाँच



 

Wednesday, October 17, 2012

हमारे साथ कभी माया है तो कभी ममता है।


अपराधी  हम नहीं हैं।
हम हैं शासक या भावी शासक।

अन्ना  हज्जारे,केजरीवाल ,
   हम  पर आरोप  लगाते  हैं।
मैं  कांग्रेस  दल में हूँ।
हमारे  स्थायी अनुयायी है।

वह भारतीय जनता दल में हूँ।
उस के स्थायी  अनुयायी हैं।

हमारे साथ  कभी  माया है  तो
कभी  ममता है।
कभी लाल है तो
कभी यादव है।
अतः  हम सब बनते हैं
सांसद;  विधायक।
क्या थोड़े ही हम अपराधी हैं?
मतदाताओं  में  बदल-बदलकर
माया-या   ममता
अक्सर घेर लेती हैं।
हम बनते हैं  शासक।
अपराध हम नहींकरते।
मतदाता अपराध  करते हैं।
भोगते  हैं कष्ट .
हम सुखी हैं।
अतः  हम हैं भाग्यवान।
जो कष्ट भोगते हैं ,
वहीं पापी है।
हम अपराधी हैं नहीं;
हम है पुण्यात्मा।
हमें बिजली का कष्ट नहीं है।
हमारी सड़कें पक्की हैं।
हमारे  लिए इलाज  की कमी नाहीं।
महंगाई की चिंता नाहीं।
चिंताएं उनको सताती हैं ,
जो अपराध करते हैं;
वे ही बेचारे मत दाता।

Monday, October 15, 2012

तमिल हिंदी सीखो



राम  तेज़ लड़का है।  तेज़  लड़का  =विशेषण  पद्बंद।

घोडा  तेज़ दौड़ता है।   तेज़ दौड़ता है  क्रिया विशेषण  पद-बंद।



     
तमिल हिंदी  सीखो

  उडल  उरुप्पुकल===शरीर के अंग


  1. तलै =सिर 
  2. नेट्री  = माथा 
  3. कण =आँख 
  4. मूक्कू =नाक 
  5. कातु =कान 
  6. पल =दाँत 
  7. नाक्कू=जीभ 
  8. पुरुवम =भौहे 
  9. मार्पू=छाता 
  10. वयिरू=पेट 
  11. मुतुकु =पीट 
  12. कै =हाथ।
  13. काल=पैर 
  14. विरल =उंगली 
  15. तोडै=जाँग 
  16. मुकम =मुख 
  17. वाय =मुंह