Tuesday, April 7, 2026

स्वप्न की उड़ान

 विषय -- सपनों की उड़ान 

 एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना 

8-4-26.

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मानव की मीठी नींद में 

 अकल्पनीय स्वप्न,

 कभी कभी भयंकर 

 नींद टूटने के बाद भी

 भूल नहीं पाते।

 कभी कभी स्वप्न 

 नींद  के टूटते ही 

 विस्मरण हो जाता।

  कहते हैं ब्रह्म मुहूर्त का स्वप्न का असर है।

दिवा स्वप्न फल नहीं देता।

 हम बैठे बैठे,

 काल्पनिक स्वप्न भी देखते हैं।

 चित्र पट के देखते देखते 

 हम स्वयं नायक या नायिका बन जाते हैं।

 साहित्यकार की रचना पढ़ते पढ़ते  

पात्र में लीन हो जाते हैं।

 नेता के भाषण सुनकर 

 नेतृत्व की कल्पना ही के

 स्वप्न की उड़ान।

 जीवन में पदोन्नति का ख्वाब,

  समाज सेवा के ख्वाब।

 ये कल्पनाएँ ,

 कल्पना  को यथार्थ 

 जीवन में  वास्तविक बनने के स्वप्न की उड़ान।

 स्वर्गीय राष्ट्रपति  अब्दुल कलाम 

 जवानों की भरी सभा में 

 बोलते ख्वाब  को 

 सत्य में बदलिए।

 वह सफलता की कुंजी है।

 स्वप्न की उड़ान अनंत आकाश समान,

 सागर है की गहराई के समान।

 एक मिनट में जिला देश का स्वप्न,

 प्रेमी-प्रेमिका का स्वप्न,

व्यवस्थापक है का सपना

 मालिक , मंत्री, डाक्टर 

 स्वप्न की उड़ान अनंत जान।

  





  







 




 


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