Saturday, November 17, 2012

महाराष्ट्र प्रांत के महा योगी,हिन्दू धरम के महारथी,हिन्दुवों के ह्रदय सम्राट,मिट्टी  के लाल ,हिदुवों के आधार स्तम्भ आज हमें छोड़कर चले गए। यह प्राकृतिक क़ानून है।हम दुःख सागर में चंद  दिन  डुबकियाँ  लेते रहेंगे। दिवंगत आत्मा की श्रंदान्जलियाँ  समर्पित करते रहेंगे। लेकिन उस अमर आत्मा का संतोष तभी होगा,जब हर एक के दिल में उनके 
समान धार्मिक भक्ति दृढ़ हो।हिन्दू धर्म में एकता हो जाएँ।हर कोई हिन्दू उच्च हो या निम्न अपने को हिन्दू कहने में गर्व का अनुभव करें।जिन लोगों ने अपनी विवशता,लाचारी या व्यक्तिगत अपमान या परिस्थितियों से अन्य धर्मों को अपनाया,उन सबको अपने मात्ृ -धर्म  के प्रति श्रद्धा और भक्ति उत्पन्न हो। सारे राष्ट्र में धार्मिक एकता हो। उनके सिद्धांत में भेदभाव इसीलिये हैं कि  हिदू-धर्म पर बुरा असर पडा है। सब हिन्दू इसी चिंता में है  कि  हिन्दुओं का स्वर एक हो। ऐसा महान लक्ष्य तक पहुँचने के कार्य में लगना ही उनके प्रति हमारी बड़ी श्रन्द्धान्जली हो सकती  है। हम देश की प्रगति में एकता का सन्देश  लेकर आगे बढेंगे। उनका दैविक बल हमें मिल जाएगा।

Friday, November 16, 2012

तमिल -हिन्दी सीखो। =कटटलै विनै ==विधि क्रिया।

तमिल-हिदी सीखो।
तमिल -हिन्दी सीखो। =कटटलै  विनै ==विधि क्रिया।
नी एन्ने विरुम्बू।===तुम मुझसे  प्रेम करो।
      मनितरकलै   वेरुक्काते==मनुष्यों से नफरत मत करो।
एलैकलुक्कु  उदवी  सेय ==गरीबों  की मदद करो।
कालैयिल सीक्किरम एलुन्तिरू ==सबेरे  जल्दी उठो।
इरविल  सीक्किरम तूंगु ===रात को जल्दी सोओ।
तिनन्तोरुम  प्रार्त्तनै  सेय ==रोज़ प्रार्थना करो।

Thursday, November 15, 2012

तमिल -हिंदी सीखो ="विधि" वाक्य



तमिल -हिंदी सीखो 
"विधि" वाक्य

नी पो =तुम जाओ==नी पो।     नींगल  पोंगल= आप जाइए।
नी वा=तुम आओ।              नींगल वारुंगल= आप आयिये .
नी वुटकार =तुम बैठो।         नींगल उट्कारुंगल =आप बैठिये।
नी पार=तुम देखो।              नींगल पारुन्गल= आप देखिये।
नी पड़ी=तुम पढो।              नींगल पडियुन्गल।==आप पढ़िए।
नी पाडू==तुम गाओ।           नींगल पाडुंगल =आप गायिए .
नी केल==तुम  सुनो।            नींगल  केलुंगल = आप  सुनिए।।
नी एलुतु =तुम लिखो .         नींगल एलुतुंगल ==आप लिखिए।

नी विलैयाडू =तुम खेलो .     नींगल विलैयाडुंगल। =आप खेलिए।
नी साप्पिडु =तुम खाओ .       नींगल  साप्पिडूंगल =आप खायिये ;
नी काफ़ी कुडि =तुम काफ़ी  पिओ .     नींगल काफ़ी  कुडियुंगल .==आप काफ़ी  पीजिये। 
नी पत्तु   रूपाय कोडु =तुम दस रूपये दो।    नींगल पत्तू  रूपाय कोडुंगल । =आप दस रूपये दीजिये।
बोलचाल की तमिल में   आदर सूचक "विधि" वाक्य में अंतिम  "ल" का उच्चारण नहीं करते।
उदाहरण :--नींग  वांग= लिखित तमिल में  "नींगल वारुंगल ". बोलचाल और लिखित तमिल में ज़रा बड़ा फरक है।
नींग  कुडिंग =आप पीजिये। बोलचाल। नींगल कुडियुंगल =लिखित .=

Sunday, November 11, 2012



२०१२ नव वर्ष  की शुभ कामनाएं

अनंत आनंद का वर्ष २०१२ हो,
अन्याय अत्याचार का अंत हो,
अधिकारियों के मन में,
आम जनता की सेवा करने
तटस्थता हो.
राजा नैतिक दलों की ,
संख्याएं   घटे.
नेताओं के मन से .
स्वार्थता मिट जाएँ.
अपनी उन्नति,
अपने नाते रिश्तों की ,
अहम् की उन्नति -विचार
स्वार्थ कार्रवाई से दूर
देश के समस्त , 
सर्वजन सेवा का भाव हो.
नकली ठगी
 सन्यासी साधुवों
का भेद खुलें.

पोल खुलें,
छद्म वेश्धारियों   का. 
गिरगिट सा रंग बदलनेवाले,
नेताओं के मन में,
केवल देश की चिंता जगे.
२०१२ में
सब के सब निस्वार्थ बने.
सरकार  अपव्यय न करें  
पुलिस अधिकारी और पुलिस ,
चोरों-लुटेरों,डाकुओं के पक्ष में न होकर
जनता की सच्ची सेवा में लगें.
सत्य ,धर्म,ईमानदारियों का राज हो.
ईश्वर सब के मन में ,
सुविचार जगाने की कृपा करें.
यहीं मेरी मनोकामना २०१२ नव वर्ष में.

naaladiyaar


तमिल साहित्य के सर्वश्रेष्ठ  ग्रन्थ है --नालाडियार अर्थात  चार चरण के पद्य.यह नीति ग्रंथों में श्रेष्ठ है. इस   ग्रन्थ में

एक चमत्कार है. एक जमाने में पांडियराजा के दरबार में  अकाल पीड़ित आठ हज़ार कवि थे. अकाल  के बाद भी राजा ने   उन कवियों को  विदा नहीं किया. कवियों ने बिना राजा से बताये ग्रंथों को वेकै नदी में फ़ेंक दिया.और राजा से बिना बताये चले गए.नदी में फेंके ग्रंथों में नालाडियार ग्रन्थ मात्र उलटी दिशा में आया और किनारे पर लग गया.नालाडियार के चार सौ पद्यों को पदुमनार नामक कवि ने संग्रह किया.
उनमें शिक्षा सम्बन्धी पद्यों का हिंदी भावानुवाद देखिये.


शिक्षा ही सुन्दर है 
r
लोग सोचते हैं ,सर के केश में सुन्दरता  है,
इत्रवगैरह सुगन्धित वस्तू लगाने में  और ,
रंगबिरंगे कपड़ों में सुन्दरता है.वास्तव में
इन सब की खूबसूरती सच्ची नहीं है.
सच्ची सुन्दरता शिक्षा प्राप्त करने में है.
शिक्षा ही हमें पक्की राय देती है --
अच्छी चालचलन सिखाती है.
शील सिखाती है.
தமிழ் மூலம்
குஞ்சி அழகும் கொடுந்தானைக் கோட்டழகும்
மஞ்சள் அழகும் அழகல்ல-நெஞ்சத்து
நல்லம் யாம் என்னும் நடுவுநிலைமையால்,
கல்வி அழகே அழகு.

௨-/2./२
शिक्षा से संसार का कल्याण हैं.
शिक्षा ही ऐसी बात है,
जो दूसरों को देने  से कम नहीं होगी.
मनुष्य का बढ़प्पन शिक्षा  देने  में है.
शिक्षा के संग्रह से कोई बुराई नहीं होगी.
 सप्तलोकों में शिक्षा-सम 
   बूटी  भोलापन,
बेवकूफी  नष्ट करने , 
और कोई नहीं है.

இம்மை பயக்குமால்,ஈயக்குறைவின்றால்,
தம்மை விளக்குமால் தாமுளராக் கேடின்றால்,
emmai உலகத்தும் யாம் காணோம் கல்வி போல்
மம்மர் அறுக்கும் மருந்து .

राय



राय

राम कौन है?किसकी पत्नी को मोदी ले गये. रावण गुणी था;एक ही अपराध दूसरे की पत्नी उड़ाना. रावण पर और कोई दोष नहीं ..उस में यह नेक था,सीता के मन बदलने के बाद अपनाना. उसके शासन में लंका स्वर्ण पूरी थी;क्या मणि शंकरजी रामायण जानते हैं? रावण शिव भक्त था।.तपो बलि था।.शाह्जहान शेरशाह को मारा तो   मुमताज  को जबरदस्त अपना ही बना लिया;रावण ने वैसा नहीं किया. सोचकर बोलोजी.





11/11/2012 at 01:39 AM
मणिशंकर अय्यर ड्रमुख दल की पूँछ पकड़कर आगे बढते है. 45 साल हो गये तमिलनाडु में. कांग्रेस अकेले चुनाव लडकर जीत नहीं सकता. दाऊद जो तहखाना दादा है ,उनकी तुलना करनेवाले कितना नीच होंगे;वह भी स्वामी विवेकानान्द  और आत्मनिर्भर गुजरात के मुख्य मंत्री केसाथ; समझता हूँ इन की बुद्धि फिर गयी है. मोदी साधक ;दाऊद के पिछलग्गू कांग्रेस. जनता समझ गयी. आगे कांग्रेस का दाल नहीं गलेगा.1967 से तमिलनाडु में दाल नहीं गला. क्या वह अकेले आनेवाले संसद चुनाव में लडकर तमिलनाडु में जीत सकता है. उनको जयललिता या करुणानदि का समर्थन चाहिये . मतदाता जागो; देश को बचाओ ;एक सुमगलेर जिसका नामोनिशान मिटाना है,छी!धूर्त.


परेशानियाँ ;समाचारों की परेशानियाँ; लोगोंके दिलमें 'फल फिर गलत मत. मत मत;हिदी में ओट के लिये मत शब्द'.धर्म के लिये मत. मत मंथन मत की मतलब की ;मतलब =स्वार्थ. अतः भ्रष्टाचार. में मतदाता शामिल है; जागना है. स्वार्थ की लड़ाई में लोग हर जाते है;मर जातेहै. शासक सुखी हैं;उनके चाटुकार मंगल मानते है. ईश्वरीयशक्ति देशकी रक्षा करती है.

नशे चढने का रोग फैलाने पर, होश उडेगा ही; छोड़ेगा नहीं.

 एक मच्छर ,कई मच्छर , 

मच्‍छ्रों से रोग ,

संक्रामक रोग. 
वह रोग है,
भ्रष्टाचार।

पहले ही भ्रष्टाचारों के मच्छर काटकर, 

काले धन जोडनेका रोग डेन्गूसे,

कालरा से बढ़कर, 

सुदृढ़ हो गया।

इसके आकर्षण से, 

जितने भी नये मच्छर,

ईमानदारी मच्छर आये; 

भ्रष्टाचारी  मच्छरों का चमक -धमक

 हृष्ठ-पृष्ठ ,गुलाबी गाल,आकर्षक आंखे देखी; 

माया घेर ली;

ममता बाँध ली;

लाल का बोरा बांधा;

 होगये मच्छरों  की   भीड़; 

ए मच्छर अति चतुर निकले; 

एक का विरोध करते,

उसी से सम्बंध रखकर 

बिना शादी के भ्रष्टाचार क़ेबच्चेपैदा करते; 

लोग तो इनके काटने से डरते नहीं;

विष का औषद विष बन गया; 

अतः नये मच्छर ,पुराने मच्छर से मिल जाएं . 

तो गरीब दुर्बल मच्छर रोग नसाहकर दुरब्ल होंगे; ए 

अमीर मच्छर नए  आवरण से रोग फैलाते रहते; 

मुफ्त शब्द के जाल में गरीब मच्छर फंस जाते; 

येतो एक संक्रामक रोग; 

एक केबाद एक; 

मिटेगा नहीं; 

यह न जान लेगा;

सताता रहेग.

ये हैं आकर्षक नशीले मच्छर

नशा चढेगा
प्राण चलेंगे;

फिर भी आनंद का मस्ती;

देश बर्बाद नहीं सोचेगा, 

नशे चढने का रोग फैलाने पर,

होश उडेगा ही;

छोड़ेगा नहीं.