Tuesday, August 4, 2026

संताप

 संताप!?

 मानव जीवन में 

 निश्चित है।

 सुख दुख के मधुर मिलन में होता

 जागता मानव जीवन।

  

मानव का जीवन  

 पाप का फल है।

 कहते हैं 

मानव जीवन 

दुर्लभ है। 

सच है क्या?

 राम का जीवन दुख मय।

 कृष्ण का जन्म जेल में।

 अपनी माता के आलिंगन में नहीं।

 दानवीर कर्ण को माँ का प्यार न मिला।

 कुंती के पति रोगग्रस्त।

 बच्चे अवैध संबंध  से।

 दशरथ के  अपने पुत्र नहीं है।

 राजा भर्तृहरि की पत्नी के अवैध संबंध से संन्यासी बने।

मानव जीवन में शांति कहाँ?

 प्रधानमंत्री मोदी  की पत्नी ,

 जयललिता  का जीवन।

 सीता के दुख।

 मानव जीवन संताप  का   अनंत सागर।

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