Monday, April 14, 2025

मनुष्य जन्म

 एस.अनंतकृष्णन्


नमस्ते वणक्कम्।


तमिऴ् हिंदी सेवा।


தமிழ் ஹிந்தி பணி.


मनमाना करने के लिए  

மனம் போல் செய்வதற்காக 

मंम्पोल चेय्वतऱ्काक


मानव जन्म नहीं हुआ।


மனித ப் பிறவி

मनितप्पिऱवि 


 ஏற்படவில்லை.


एर्पडविल्लै 


बुद्धि है  -- புத்தி இருக்கிறது 

बुद्धि इरुक्किरतु 

अतः सोचो विचारो।

ஆகையால் சிந்தி த்து  எண்ணுக


 मानव जन्म दुर्लभ कहा है,


மனிதப் பிறவி அரிது என்று


मनितप्पिऱवि  अपितु एन्रु

 சொல்லியிருக்கிறார்கள்


पर  सुख -दुख दोनों के


ஆனால் சுகம் துன்பம் 

இரண்டையும் 


आनाल् सुखम् तुन्बम्  इरंडैयुम् 

अनुभव किये बिना  


அனுபவிக்காமல் 


अनुभविक्कामल् 


 मानव जन्म का अंत नहीं।


மனிதப் பிறவிக்கு முடிவு கிடையாது.

मनितप्पिऱविक्कु  मुडिउ किडैयातु।


 कारण सद्यःफल के लिए 


காரணம் உடனடி பலனுக்காக

कारणम्  उडनडि पलनुक्काक 


 ईश्वरावतारी राम और कृष्ण भी


கடவுள் அவதாரம்  எடுத்த

कडवुळ् अवतारम् ऍडुत्त  

 இராமனும் கிருஷ்ணனும் 


इरामनुम् किरुष्णनुम्


 फिसल गये। நழுவி விட்டனர

नऴुवि विट्टनर।


 धर्मराज युधिष्ठिर भी


தர்ம ராஜன் யுதிஷ்டிரரும்

 धर्मराजन् युधिष्टरुम् 


 जुआ खेल के नशे में

 சூதாட்ட விளையாட்டு போதையில் 

सूताट्ट विळैयाट्टु पोतैयिल


 महा पाप किया।

பெரிய பாவம் செய்தார்.

पॆरिय पावम् चेय्तार।

 वेदों के ज्ञाता पटु रावण 

வேதங்களின் அறிஞர் 


वेदंगलिन अरिज्ञर्


திறமையுள்ள இராவணன் 

 अहंकारी बना।


ஆணவமுள்ளவனானான்.

आणवमुळ्ळवनानान्


 अतः मानव सुख दुख की आँख


ஆகையால் மனிதன் சுகம் துக்கம் என்ற  கண்ணா 

  आकैयाल  मनितन सुकम् तुन

बम्‌एन्ऱ  कण्णा

 मिचौनीमें ही अंत तक  மூச்சியில்  இறுதி

 வரை 


मूच्चियिल  इऱुति वरै 

जीता है। வாழ்கிறான்.वाऴ्किरान्


पाप पुण्य का दंड पुरस्कार ही

பாவபுண்ணிய தண்டனை பரிசு 

पांव पुण्य दंडणै परिसाकुम्।


 बुद्धि भ्रष्ट होने का प्रमाण है।

அறிவு ஊழலின்  சான்றாகும் 


अऱिउ  ऊऴलिन चानऱाकुम।


एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक 

 सौहार्द सम्मान , हिंदी साहित्य संस्थान , लखनऊ द्वारा  रचित भावाभिव्यक्ति  रचना।

शिवदास।

जगना जागना

 साहित्य बोध हरियाणा इकाई को एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई  का सादर नमस्कार। वणक्कम्।

विषय --उदित होते सूर्य को देखने के लिए पहले 

            खुद  जागना जरूरी है।

विधा --- अपनी हिंदी अपने विचार 

          अपनी स्वतंत्र शैली -भावाभिव्यक्ति।14-4-25.

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मानव को  जागना जगाना जगवाना 

 कविता  के कवि का कर्तव्य है।

 परीक्षा के पहले ही 

जगकर पढ़ना है,

 पुनरावृत्ति करना है,

 इसके लिए जगाना गुरु का काम्।

 स्वास्थ्य की रक्षा के लिए 

 पहले ही  कसरत करना,

 रोग का निदान करना

 आदि बातों को जानना 

 जगना,  जगाना शिक्षितों का काम है।

 प्रकृति में आनेवाले वसंत के लिए 

 पहले ही गर्मी, सर्दी, पतझड़ के अनुकूल 

 जगना आवश्यक तैयारी के लिए 

 जगना जगाना मनुष्य का काम।

 चींटी के बिल में गोदाम है,

 अन्न भंडार है वह जगकर काम करती है।

 मधुमक्खियाँ वसंत में जगकर 

 मधु जमा कर लेती है।

 गर्मी में सूरज वर्षा के लिए 

 भाप बनाकर ऊपर ले जाता है।

 मानव को प्रकृति से जागृति सीखनी है।

 देश की स्वतंत्रता के लिए 

 नेता जग गये, तो 

सुप्त जनता को जगाने का काम।

जगना पहले जगाना पीछै।

वैसे ही   सूर्योदय देखना है तो

दर्शकों को पहलै जागना चाहिए।

 

एस.अनंतकृष्णन्, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।

Friday, April 11, 2025

नरक स्वर्ग । நரகமும் சொர்க்கமும்

 

हिंदी और तमिऴ् सेवा।

ஹிந்தி தமிழ் பணி 

வணக்கம். नमस्ते।

नरक और स्वर्ग। --நரகமும் சொர்க்கமும்.

 நரகமும்  சொர்க்கமும்  

नरकमुम स्वर्गमुम्

नरक और स्वर्ग 

பூலோகத்தில்  தான். 

भूलोकत्तिल तान।

भूलोक में ही।

 தனியாக கிடையாது. तानियाक किडैयातु।

अलग नहीं है।

 குடும்பச் சூழலில் कुटुंब चूऴलिल   --

पारिवारिक परिस्थितियों में 


பெற்றோர்  पॆट्रोर -----

अभिभावक 

 கணவன் மனைவி  कणवन्प मनैवि ---

-पति-पत्नी

குழந்தைகள்  कुऴंतैकळ् ---

बच्चे 

 நண்பர்கள்  नण्बर्कल्  

दोस्त

 மைத்துனர்கள்  मैत्तुनर्कळ्

साले

நாத்தனார்  -नात्तनार -

ननद।

ஓர்ப்படி ओरपडि-- 

भाभी 

இவையெல்லாம். -इवैयॆल्लाम् 

 அமைவதைப். பொறுத்து 

अमैवतैप्पोरुत्तु 

बनने के अनुसार 

வாழ்க்கை

 वाऴ्क्कै      -

-जिंदगी

 நரகமாகவோ नरकमाकवो -

नरक 

 சொர்க்கமாகவோ-स्वर्गमाकवो --

स्वर्ग

 அமையும்.

 अमैयुम --बनेगा।

இதெல்லாம் தான் கர்மவினை.

इतेल्लाम तान कर्म विनै।

ये सब ही कर्मफल होता है।

 தனிப்பட்ட।  तनिप्पट्ट --

व्यक्तिगत 

 மனிதனைப் -मनितनैप्पोऱुत्तूபொறுத்து 

मनुष्य के अनुसार 

 அவனுடைய  अवनुडैय --

उसकी 

செல்வம் வறுமை 

सेल्वम्‌वरुमै 

संपत्ति ग़रीबी 

பதவி நோய் ஆகியவை 

पदवि नोय आकियवै

पद-रोग  आदि

சொர்க்கம் நரகமாக அமையும் 

स्वर्ग में नरकमाक अमैयुम।

स्वर्ग नरक बनेगा।

 நமது அறிவுத்திறன் 

नमतु अरिवुत्तिरन --

  हमारा। बुद्धि कौशल 

அதை பயன்படுத்த தவறுவது 

अतैप्पयनपडुत्त तवऱुवतु

 उसके उपयोग  अचूक

நரகமாக சுவர்க்கமாக அமையும்.

नरकमाक स्वर्गमाक अमैयुम।

नरक और स्वर्ग बनेगा।

 முதுமை தான் சுவர்க்க நரக வேதனைகளின் இறுதிகட்டம்.

मुतुमैतान स्वर्ग नरक वेदनैकलिन इरुति कट्टम्।


 वेदनाएं का अंतिम समय बुढापा ही  है


 நாம் செய்த பாவ புண்ணியங்களின்

नाम चेयत पाप पुण्यंकलिन 

हम ने जो पाप पुण्य किया है

 மொத்தத்தையும் 

मोत्तत्तैयुम् 

  कुल मिलाकर 

அதற்கேற்ப  अतर्केर्प =-उसके अनुसार 

அனுபவித்து अनुभवित्तु  ==भोगकर 

 உயிர் உடலை விட்டுப் பிரியும்.

उयिर उडलै विट्टुप् पिरियुम।

प्राण शरीर तजकर  अलग होगा।

இறக்கும் பொழுதுள்ள

इऱक्कुम् पोऴुतुळ्ळ 

मरते समय के 

 எண்ணங்களுக்கு ஏற்ப 

ऍण्णंकळुक्कुएऱ्प

विचारों के अनुसार 

மறுபிறவி கிடைக்கும்.

मरुपिऱवि   किडैक्कुम्।

पुनर्जन्म मिलेगा।

 நமது சனாதன தர்மம் 

नमतु सनातन धर्मम्

हमारा सनातन धर्म 

 முதுமையை துறவரமாக 

मुदुमैयै तुऱवरमाक एट्रु

बुढ़ापे को संन्यासी जीवन अपनाकर 

ஏற்று 

பற்றற்ற நிலையில்

पट्रु अट्र निलैयिल

निस्पृह स्थिति में 

 இறைவனிடம் 

इऱैवनिडम् 

சரணாகதி அடைந்து

शरणागति अडैंतु

शरणागति तत्त्व  अपनाकर 

 முக்தி பெற வேண்டும்

ऍन्ऱ  उपदेशम् तऱुकिऱतु।

मुक्ति पेऱवेंडुम्   

मुक्ति पाना चाहिए।का उपदेश देता है।

ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ 

ஓம் ஓம் ஓம் ஓம்ஓம்

பழனி சே. அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை.

एस.अनंतकृष्णन, हिंदी प्रेमी प्रचारक 

शिवदास।

Thursday, April 3, 2025

भारतीय भाषाएँ

 हिंदी की समस्या में सरकार करोड़ों रूपए खर्च कर रही है।

 दस छात्र पढ़नेवाले कालेज के प्रोफेसर के लिए एक लाख।

 हिंदी अफ़सर के लिए एक लाख। पर सैकड़ों छात्रों में जनता में हिंदी प्रचार करने स्थाई प्रचारक नहीं, उनके लिए उचित वेतन नहीं तमिलनाडु में। हम अपनी हिंदी की दूकान चला रहे हैं।   हमको न पेंशन न प्रोत्साहन। न मेडिकल सुविधाएं।

 अतः तमिलनाडु में हिंदी प्रचार अंशकालीन है।  अन्यान्य काम करते हुए हिंदी का प्रचार कर रहे हैं। द्विभाषा नीति 58साल से लागू है। जिस भाषा को पढ़ने से नौकरी नहीं, भाषा सीखने से लाभ नहीं है। 

  ईश्वर भाई कमिटि में साफ सिफारिश है कि आठवीं कक्षा तक  भाषा काफ़ी है।

 गाँधीजी की बेसिक शिक्षा भी

 कोई न कोई पेशा सीखने पर ज़ोर देती है।

 नौकरी के प्रभाव से ही अंग्रेज़ी 

 को प्रधानता है।

   हिंदी सम्मेलन आजकल धनियों का सम्मेलन है।

 मलेशिया में सम्मेलन ।

 यात्रा खर्च तमिलनाडु का मामूली प्रचारक भाग नहीं ले सकते। धनी कालेज के लोग ही एक या दो भाग लेते हैं।

 उनका सम्मान करते हैं।

 मुझे कन्याकुमारी आना है तो पंद्रह हज़ार खर्च करना पड़ेगा।

 कोई आर्थिक लाभ नहीं है।

एक सांसद विधायक सौ करोड खर्च करके हज़ारों करोड़ कमाते हैं।

 हिंदी सम्मेलन कठोर मेहनत के पैसे खर्च करके नालायक सम्मान।

 यह तो न्याय पूर्ण कार्य नहीं है।

 अमीर अपने मनमौजी के लिए हिंदी सम्मान सम्मेलन।

 78 की आज़ादी  पर मातृभाषा के प्रति सम्मान नहीं।  अंग्रेज़ी माध्यम पाठशाला धन कमाने के लिए।

न संस्कृति न भाईचारा न अनुशासन,।

मैं तमिलनाडु में केवल हिंदी प्रचार में लगता तो

 भूखा प्यासा मर जाता।

 पैसे   न होने पर सम्मान भी नहीं सम्मेलन भी नहीं।

 हिंदी का विकास तो  देश की स्वतंत्रता संग्राम नहीं।

 वे नेता हिंदी के नहीं,

 अंग्रेज़ी के पारंगत, अंग्रेज़ी द्वारा 

 कमानेवाले न भारतीय भाषाओं के पक्ष में नहीं है।

आजकल कृषी के विकास के औजार ट्राक्टर खाद, 

पीने का पानी, पेय सब विदेशी कंपनी की देन है।

 इस मोबाइल भी टंकण भी अंग्रेज़ी ज्ञान के बिना अधूरी है।

 अंग्रेज़ी हटाकर जड़मूल  परिवर्तन संभव नहीं है।

हिंदी अनूदित किताबें  तमिल अनूदित किताबें गोदाम में।

  हिंदी और भारतीय भाषाओं का विकास होना है तो

अंग्रेज़ी माध्यम पाठशालाओं को बंद करना चाहिए।

 यह तो बिल्कुल दुर्लभ काम है।

 हिंदी के खर्च तो हिंदी भाषियों के लिए लाभप्रद है, न हिंदी तर प्रांत के लिए ‌।  बीस प्राध्यापक अंग्रेज़ी माध्यम के हैं।

 एक प्राध्यापक हिंदी के।

   अतः ये सम्मेलन अमीर हिंदी के पक्षधर के लिए, न साधारण हिंदी प्रचारक के लिए।

एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक।

Wednesday, April 2, 2025

मधुशाला மதுக்கடை

 வணக்கம் वणक्कम् 

.நமஸ்தே. नमस्ते।


 மன நிம்மதி। --मन निम्मति= मानसिक संतोष 

அமைதி - अमैति =शांति 

ஆனந்தம் =आनंदम् =आनंद


 என்பது  என்பது जो है 

 நிச்சயமாக --निश्चयमाक =निश्चित रूप में 

 டாஸ்மாக் ==टास्माक

 சென்று  ==चेन्रु =जाकर 

குடிப்பதால்  =कुडिप्पताल्=पीने से

நிரந்தரமாக -निरंदरमाक =स्थाई रूप में 

 கிடைக்காது  किडैक्कातु --नहीं मिलेगा।


அறிந்தும் தெரிந்தும்=अऱिन्तुम्  तेरिन्तुम् = जान पहचान कर 

 புரிந்தும்  पुरिन्तुम् = समझकर  தெளியாதவர்களில்  स्पष्ट न होनेवाले 

 

 படித்தவர்கள் पडित्तवर्कळ् --- शिक्षित 

 நடுத்தர   =नडुत्तर =मध्यम 

ஏழைத்   =एऴैत्=गरीब 

தொழிலாளர்கள்  =तोऴिळार्कळ=मज़दूर।


அரசு திரைப்படம் மூலம்  சின்னத்திரை மூலம் குடிகாரர்களை 

ஊரைத் தெரிஞ்சுக்கிட்டேன் உலகம் புரிஞ்சுக்கிட்டேன் என்று  குடிகார கதாநாயகனை  காட்டுவதால் குடிகாரர்கள் எண்ணிக்கை அதிகமாகிறது.


 அதற்கு अतर्कु  =उसके 

பதிலாக   बदिलाक --बदले

 ஆன்மீக  आन्मीक =आध्यात्मिक 

சிந்தனைகள்  चिंतनैकषषळ्=चिंताएँ

 யோகா  =योगा 

பிராணாயாமம்  प्राणायाम 

 பக்தி பஜனை भक्ति भजन

தியானம் ध्यान

 போன்ற  पोन्ऱ 

நிரந்தர  निरंतर 

எண்ணங்களை ऍण्णंकळै =विचारों को 

 மக்களின் मक्कळिन =लोगों के

ஆழ்மனதில் --आऴयंतिल् =गहरे मन में 

புரிய வைக்கவேண்டும். 

पुरिय वैक्कवेंडुम् ==समझाना चाहिए।

 இந்த इस 

அரிய  अपूर्व

பணியைச்  पणियिनै --सेवा को

செய்வது தான்  चेय्वतु तान =करना ही

தர்மம் அதாவது அறம்.

धर्मम् अर्थात अऱम्

धर्म तमिऴ में  आरम्भ 

அறம் செய விரும்பு अऱम् करना चाह।

 धर्म करना चाह।

 அதில் தான் ஆன்மீகம் நிலைத்து இருக்கிறது.

 ஆசைகள் மறந்து 

ஆன்மீக நாட்டம் தான் 

நிரந்தர நிம்மதி தருவது.

ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் ஓம் 

 என்று இரண்டு நிமிடம் மூச்சுப் பயிற்சி.

 பல நல்ல விளைவுகளை ஏற்படுத்தும்.

 நிலையில்லாத உலகம்.

அழியும் உடல்

 நிலையற்ற இளமை

   செல்வம் பதவி

 நமது மரணத்தைதடுக்காது என்பது இறைவனின் சட்டம். அதற்கு துணை விதிமுறைகள் கிடையாது.

 குடிப்பதை நிறுத்தி

 திருஆவினன் குடி ஆறுமுகம்  பழனியாண்டியை

குலதெய்வத்தை வழிபட்டால் 

 அஹம் பிரஹ்மாஸ்மி

 நான் கடவுள் என்ற 

 அத்வைதம் கோட்பாடு புரியும்.

மன சஞ்சலங்கள் முடிந்து ஆத்மபோதம் அதாவது சுய அறிவு உண்டாகும்.

 மதுவை விட்டு மஹாதேவனை வணங்கினால் தான் 

நிரந்தர நிம்மதி.

சிவதாசன் 

சே.அனந்த

கிருஷ்ணன்.

Monday, March 31, 2025

இட்லி. इडली।

 तमिष हिंदी सेवा 

தமிழ் ஹிந்தி பணி 

विश्व इडली  दिवस = உலக இட்லி நாள் 


பழனிஅனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை.

 இட்லி. इडली

 அரிசியாக चावल के रूप में 

உழுந்தாக  उडद के रूप में 

 அரைபட்டு।  पिसाकर 

 மாவாக்கி आटा बनकर 

ரவை சேர்த்து  रवा मिलाकर 

 பல சுவை சேர்த்து  अनेक स्वाद मिलाकर 

ஆவியில் வெந்து  भाप में उबालकर 

 பல பெயரில்  अनेक नामों में 

வயிற்றுப்பசி भूख 

மட்டுமல்ல  ही नहीं 

நோயாளிக்கு  रोगी के लिए 

மருத்துவரின்  डाक्टर की 

 பரிந்துரையாக. सिफारिश।

எத்தனை வகைப் பெயர்கள் 

कितने  किस्म के नाम 

 சாம்பார் இட்லி  सांबार इडली 

ரவா இட்லி   सूजी इडली 

 காஞ்சிபுரம் இட்லி. कांचीपुरम इडली

குஷ்பு இட்லி. खुशबू इडली

மினி இட்லி. लघु इडली

ஆனால்  लेकिन 

சுவைகூட स्वाद बढने

மிளகாய்ப்பொடி  लाल मिर्च चूर्ण

தேங்காய் சட்னி. नारियल चटनी 

தக்காளி சட்னி टमाटर चटनी 

சாம்பார் மூழ்கிய இட்லி.

सांबार में डूबीं इट्ली

நல்லெண்ணெய் மிளகாய்ப் பொடி

लाल मिर्च चूर्ण तिल का तेल मिश्रित 

 தடவிய கட்டுச்சாத கூடை இட்லி.

लगायें वैवाहिक टोकरी इडली

 ஆரோக்கியம் தரும்  आरोग्यप्रद 

 அறுசுவை சேரும்  षडस्वाद  मिश्रण

மென்மையான  कोमल इडली

 சிறு குழந்தைகள் முதல் பல்லில்லா முதியோர் வரை

शिशु से लेकर दांत रहित वृद्ध तक के लिए 

 ஏற்ற உணவே இட்லி.

 योग्य खाना इड्लियाँ।

विश्व इडली दिवस।


உலக இட்லி நாள்

प्रार्थना

  



தமிழ் ஹிந்தி பணி.तमिल्टऴ् हिंदी सेवा 

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एस . अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना 

சே. அனந்தகிருஷ்ணன் சென்னை 

தமிழ்நாடு ஹிந்தி காதலர் மூலம் தன் படைப்பு கருத்து வெளிப்பாடு.

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இறைவணக்கம். इरैवणक्कम्  प्रार्थना 

இதயம் வலுப்பட. इदयम वलुप्पड- हृदय बल

होने 

இன்பம் நிலைப்பெற  इन्बम् निलैपेऱ

सुख  स्थिर होने

இன்னல் அகல. इन्ना अंकल संताप हटने

அறம் பெருக -अऱम् पॆरुक-धर्म बढ़ने 

 அறிவு செம்மை பெற  अऱिवु चेम्मै पॆऱ  

ज्ञान शास्त्रीय बनने 


அறியாமை அகற்றிட  अऱियामै अकट्रिड अज्ञानता हटने 


  அறுசுவை  கலந்திட अऱुचुवै कलंदिड षडरस मिलने

   ஆற்றல் பெருகிட  आट्रल् पॆरुकिड--शक्ति बढने

 ஆறுதல் தர  आट्रल् तर =शक्ति देने 

ஆற்றுப்படுத்திட --आट्रुप्पडित्तिड  -- पार कराने 

आंडवन उडनिरुक्क =भगवान साथ रहने

 प्रार्थनाएँ ==इऱैवणक्कम्‌