Tuesday, August 25, 2026

अदृश्य धागा

 

अदृश्य धागा

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई

अदृश्य धागा
जादूगर के हाथों में,
मकड़ी के जाल में
अदृश्य धागा।

मैंने सुना है—
चंद्रमुखी का मंगलसूत्र
केवल हरिश्चंद्र ही देख सकते थे।

विवाह का बंधन भी
एक अदृश्य धागा है।

मित्रता का बंधन भी
एक अदृश्य धागा है।

मेरे और हिंदी के बीच का
प्रेम-बंधन भी
एक अदृश्य धागा है।

दिखाई नहीं देता,
फिर भी बाँधे रखता है—
यही तो है
अदृश्य धागा!

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