Wednesday, August 5, 2026

कालों में वह वसंत காலங்களில் அவள் வசந்தம்.

 कालों में वह वसंत =कालंगलिल  अवळ वसंतम्।

कण्णदासन के गीत।

 चित्रपट --पाप की क्षमा।

अपने प्रेयसी के बारे में।

 तन कादलियैप्पटृरि।

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  ऋतुओं में वह वसंत ऋतु।== कालंगलिल् अवळ्‌धसंतम्लओं में वह चित्र कला ==कलैकलिल अवळ् ओवियम्।

मासों में वह मृगशीर्ष --- मातंगलिल् अवळ्‌मार्कऴि

फूलों में वह चमेली --पूक्कलिल् अवळ् मल्लिकै

 पक्षियों में वह कबूतर -- पऱवैकळिल् अवळ् मणिप्पपुऱा।

गीतों में वह लोरी ==पाडलकऴिल् अवळ् तालाट्टु

फलों में वह आम== कनिकऴिल् वह मांगनी

वायु में  वह  समीर =काट्रिनिल अवऴ तेन्ऱल्

 दुग्ध समान  हँसने में  वह बच्ची। --पाल् पोल् चिरिप्पतिल् पिळ्ळै।

बर्फ सा गले लगाने में वह कुमारी -- पनि पोल अणैप्पतिल् कन्नि।

नयनों सी सुरक्षा में माँ --कण पोल वार्प्पतिल् अन्नै।

कवि बनायी मुझको।

कालों में वह वसंत।

 

 


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