Wednesday, January 14, 2026

 मकरसंक्रांति /पॊंगल् /भोगी/खिचड़ी/संक्रांत/लोहड़ी

की बधाइयाँ और शुभकामनाएँ।

कहते हैं पोंगल तमिल भाषियों का त्योहार 

वास्तव में हर प्रांत में 

 अपने अपने नाम से मनाते हैं।

इसमें  तमिलनाडु पोंगल का संक्षिप्त विवरण है।



तमिल हिंदी सेवा 

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।

14-1-26.

मकरसंक्रांति शीतकाल का अंत,

 वसंत काल का आरंभ।

 भारत भर में विभिन्न नामों से मनानेवाला आनंद पर्व।

 सूर्य देव के प्रति 

 उनकी कृपा की स्तुति में 

 अति आनंद से

 मनाने वाले त्योहार।

 तमिलनाडु की रीति से

 तीन दिनों का त्योहार।

 पुरानी वस्तुओं का जलन।

 नयी वस्तुओं का आगमन।

नये धान काटना।

 नये चावल से मिष्टान्न बनाना।

 सूर्य देव की पूजा  करना।

ईख प्रधान है पोंगल के दिन।

 तीन दिनों के इस त्यौहार 

 पहला दिन 

भोगी ।

दूसरा दिन पोंगल्।

 तीसरा दिन माट्टुप्पोंगल्।

 चौथा दिन काणुमपोंगल्.

भोगी में  पुराने कपड़ों को

 पुरानी चीजों को

 जलाकर 

 भोग सुख दुख का भोगना।

दूर करके  नयी वस्तुओं को खरीदना।

 पोंगल के दिन खुले मैदान में या घर के बाहर

 मिष्टान्न बनाना ।

 गुड और चावल दूध मिलाकर 

 उबालते समय उड़नेवाले

 जाग देखकर हर्षित होकर 

 पोंगलों, पोंगल ज़ोर से चीखना।

 पोंगल घड़े में हल्दी का पौधा बाँधना।

 सूर्यदेव को नैवैद्य चढ़ाना।

 माटृटुप्पोंगल का अर्थ है

 बैलों की पूजा,

 जिनके मेहनत से खेत

 जोता जाता है,

 किसान का अत्यंत सहायक गाय बैर्लों को सजाकर पूजा करना।

तीसरा दिन काणुम पोंगल।

काणुम् का अर्थ है

 देखना । मिलना।

 आम जगह में,

 समुद्रतट पर 

 एकत्रित लोग 

 पोंगल् बधाइयां देते हैं।

 अमीर गरीब ऊंच नीच का भेद भाव मिटाने का दिन।

समत्व पोंगल्।

भारतीय पर्व प्रकृति की कृपा  के लिए कृतज्ञता 

 प्रकट करने,

 सामाजिक एकता 

 समरस सन्मार्ग के 

 मार्ग है।

 प्रकृति को प्रदूषण से

 बचाना  इसका मूल उद्देश्य है।

मकरसंक्रांति

 मकरसंक्रांति /पॊंगल् /भोगी/खिचड़ी/संक्रांत/लोहड़ी

की बधाइयाँ और शुभकामनाएँ।

कहते हैं पोंगल तमिल भाषियों का त्योहार 

वास्तव में हर प्रांत में 

 अपने अपने नाम से मनाते हैं।

इसमें  तमिलनाडु पोंगल का संक्षिप्त विवरण है।



तमिल हिंदी सेवा 

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।

14-1-26.

मकरसंक्रांति शीतकाल का अंत,

 वसंत काल का आरंभ।

 भारत भर में विभिन्न नामों से मनानेवाला आनंद पर्व।

 सूर्य देव के प्रति 

 उनकी कृपा की स्तुति में 

 अति आनंद से

 मनाने वाले त्योहार।

 तमिलनाडु की रीति से

 तीन दिनों का त्योहार।

 पुरानी वस्तुओं का जलन।

 नयी वस्तुओं का आगमन।

नये धान काटना।

 नये चावल से मिष्टान्न बनाना।

 सूर्य देव की पूजा  करना।

ईख प्रधान है पोंगल के दिन।

 तीन दिनों के इस त्यौहार 

 पहला दिन 

भोगी ।

दूसरा दिन पोंगल्।

 तीसरा दिन माट्टुप्पोंगल्।

 चौथा दिन काणुमपोंगल्.

भोगी में  पुराने कपड़ों को

 पुरानी चीजों को

 जलाकर 

 भोग सुख दुख का भोगना।

दूर करके  नयी वस्तुओं को खरीदना।

 पोंगल के दिन खुले मैदान में या घर के बाहर

 मिष्टान्न बनाना ।

 गुड और चावल दूध मिलाकर 

 उबालते समय उड़नेवाले

 जाग देखकर हर्षित होकर 

 पोंगलों, पोंगल ज़ोर से चीखना।

 पोंगल घड़े में हल्दी का पौधा बाँधना।

 सूर्यदेव को नैवैद्य चढ़ाना।

 माटृटुप्पोंगल का अर्थ है

 बैलों की पूजा,

 जिनके मेहनत से खेत

 जोता जाता है,

 किसान का अत्यंत सहायक गाय बैर्लों को सजाकर पूजा करना।

तीसरा दिन काणुम पोंगल।

काणुम् का अर्थ है

 देखना । मिलना।

 आम जगह में,

 समुद्रतट पर 

 एकत्रित लोग 

 पोंगल् बधाइयां देते हैं।

 अमीर गरीब ऊंच नीच का भेद भाव मिटाने का दिन।

समत्व पोंगल्।

भारतीय पर्व प्रकृति की कृपा  के लिए कृतज्ञता 

 प्रकट करने,

 सामाजिक एकता 

 समरस सन्मार्ग के 

 मार्ग है।

 प्रकृति को प्रदूषण से

 बचाना  इसका मूल उद्देश्य है।

Tuesday, January 6, 2026

मानव संताप

 இனிய காலை வணக்கம்.

सुप्रभात 

 இறைவணக்கம்.

प्रार्थना 

 மனிதனுக்கு  मनुष्य को 

இறைவன்  भगवान 

தானே ज्ञखुद 

தெய்வமாகும் ईश्वर बनने  का 

 ஞானத்தை அளித்தும்  ज्ञान देकर भी 

 அதை உணராமல்  उसका एहसास न करके 

 உலகியல் சுகத்திற்காக  सांसारिक सुख के लिए 

 சத்திய மார்க்கத்தை  सत्य मार्ग को 

 கைவிட்டு விட்டு  छोड़कर 

இன்னல்களில்  संताप में 

 மூழ்குகிறான். डूबता है।

 உயர உயரப்  अधिक ऊँचे ऊँचे 

பறந்தாலும் उड़ने पर भी 

 இறைவன் படைத்த  ईश्वर सृष्टित

அளித்த ஆற்றல் மீறி  दिये शक्ति से बढ़कर 

பருந்தாக முடியாது. बाज नहीं बन सकता।

 மனிதன்  मनुष्य में 

தன் ஞானத்தால் अपने ज्ञान से 

 விண்ணையும்  आकाश 

தொடும்  छूने  की 

ஆற்றல் மிக்கவன். शक्तिवाला है।

 அவன்  वह 

தன் கடமையை  अपने कर्तव्य को 

 சத்தியத்தின் सत्य के 

 அடிப்படையில்  आधार पर 

செய்தால்  करें तो 

 வாழ்வில்  जिंदगी में हम

உயரலாம்.  ऊँचाई पर जा सकते हैं।

 தெய்வமாகலம். ब्रह्म बन सकते हैं।

 ஒவ்வொரு  हर एक 

மனிதனுக்கும் मनुष्य में 

 ஒவ்வொரு ஆற்றல். हर एक शक्ति है।

 அதை அறிந்து उसको जानकर 

  தன் கடமையை अपने कर्तव्य को 

 பேராசை இன்றி लालच के बिना 

 வாழ்ந்தால் जिएँ तो 

 வாழ்வில் உயரலாம். जिंदगी में ऊँचाई

पर पहुँच सकते हैं ।

आज का ईश्वरीय चिंतन।

एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई 

 சே. அனந்த கிருஷ்ணன்.

ஓய்வு பெற்ற தலைமை ஆசிரியர்.

 இன்றைய இறை சிந்தனை.

 இறைவன் அருள்.

Friday, January 2, 2026

ज्ञान அறிவு.

 ज्ञान की वीणा --அறிவின் வீணை

 एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई। 

சே.அனந்தகிருஷ்ணன்.

2 -1-26

अज्ञानता मिटानेवाली, அறியாமை   போக்கும்

 ज्ञान की वीणा, ஞானவீணை

 आधुनिक अति मेधावी    நவீன அதி மேதாவி 

 आडिटर, वकील, पुलिस। ஆடிட்டர் வக்கீல் காவல்

 सरकारी  அரசாங்கம் 

अधिकारी  அதிகாரி

डाक्टर  டாக்டர் 

 सब के सब   அனைவரும் 

ज्ञान की वाणी   அறிவு

 प्राप्त करके பெற்று 

तटस्थ रहें तो நடுநிலைமையுடன்  இருந்தால்

 भारत देश स्वर्ग बन जाता।

பாரத நாடு  சுவர்க்கம் ஆகும்.

भ्रष्टाचार रिश्वत का विकास न होता।

ஊழல் லஞ்சம் வளராது.

अपने प्रतिनिधि चुनने में 

தன் பிரதிநிதிகள் தேர்ந்தெடுப்பதில் 

 ध्यान से रहते।

 கவனமாக இருப்பார்கள்.

ताज़ी खबरों के अनुसार 

 புத்தம் புதிய செய்திகளின் படி

 ज्ञान की वाणी  அறிவு சொல்

 अति मेधावी वकील  அதிக மேதாவி வழக்கறிஞர்கள் 

 अपराधियों  को छुड़ाकर

குற்றவாளிகளை விடுவித்து

 अधिक लाभ कमाते हैं।

அதிக இலாபம் சம்பாதிக்கின்றனர்.

 आडिटर अमीरों के आयकर बचाने की सलाह में अधिक  कमाते हैं।

ஆடிட்டர்கள் பணக்காரர்கள் வருமான வரி மீதம் படுத்த அதிகம் 

சம்பாதிக்கிறார்கள்.

अति वेद के पंडित 

அதிக வேத பண்டிதர்கள் 

 अपनी दिव्यवाणी के ओज से धन बढ़ाते हैं।

தன் தெய்வீக அறிவால் பணம்

சம்பாதிக்கின்றனர்.

 चित्रपट गीत लेखक

 சினிமா பாடல் எழுத்தாளர்கள்

 निदेशक  ज्ञान की वाणी से कमाते हैं अधिक।

இயக்குனர்கள் அறிவால் அதிகம் சம்பாதிக்கிறார்கள்.

ज्ञान की वाणी तो

அறிவால்

 सब अपनी सोच विचार 

அனைவரும் சிந்தித்து எண்ணுவதன் படி 

 के अनुसार 

भला भी करता है बुरा भी।

நன்மையும் செய்கின்றனர்.

தீமையும் செய்கின்றனர்.

शील सुशील अश्लील तीनों में ज्ञान की वाणी।

ஒழுக்கம் நல்லொழுக்கம் 

தீய ஒழுக்கம் 

भिखारी भीख माँगने==பிச்சைக்காரன்  பிச்சை எடுக்க 

 अंधे बहरे लंगड़े कूबड़ का वेश धारण करते हैं 

குருணாகல் செவிடனாக நொண்டியாக கூனியாக

पुलिस के नजर बचाने के ज्ञान।

காவரின் பார்வை தப்பிக்க ஞானம்

 चोर को पकड़ने का ज्ञान।

திருடனைப் பிடிக்க ஞானம்.

 हीरे के सुरंग வைரச் சுரங்கம் 

 सोने के सुरंग  தங்கச் சுரங்கம் 

अंतरिक्ष यात्र, விண் வெளி பயணம்

रोग निदान के यंत्र  நோய் அறியும் எந்திரங்கள் 

रोग निवारण की गोलियाँ।

நோய் போக்கும் மருந்துகள்

 दस मिनट में लाश जलाने के यंत्र

பத்து நிமிடம் பிணம் எரிக்கும் எந்திரம்.

सब के सब ज्ञान की वाणी।

அனைத்துமே அறிவு

भारतीय ज्ञान की वाणी 

பாரத ஞானம்

 सत्यं वद। உண்மை பேசு

अहिंसा परमो धर्म அஹிம்சை சிறந்த அறம்

सर्वे जना सुखिनो भवन्तु।

அனைவரும் சுகமாக வாழனும்.

वसुधैव कुटुंबकम्।

வையகம் ஒரு குடும்பம்.

 परोपकार  மற்றவர்களுக்கு ஷா உதவி

 दान धर्म का ज्ञान। தான் தர்மம் அறிவு

जय जवान जय किसान। 

வாழ்க வீரர்கள் வாழ்க விவசாயி

ध्यान योग त्याग और मानवता निभाना।

தியானம் யோகம் தியாகம் மனித நேயம் கடைப்பிடித்தல்.