Friday, November 27, 2020

ईश्वर वंदना

 नमस्ते। प्रार्थनशना।

ईश्वर वंदना।

 भक्ति व्यापार में 

बदल रहा है।

भक्ति पवित्र है।

आज कई आश्रम।

कई हजार करोड़ रुपयों की

चल-अचल सम्पत्ति!

गर्भगृह के भगवान एक।।

अति कलात्मक मूर्तियां।।

लेकिन  बाजार से ढकी।

पैसे,पैसे,पैसे।।

आदी काल में जाति बंधन।।

अति दूर से दर्शन।।

मंदिरों में आज अमीरों के लिए

निकटतम विशेष दर्शन।।

भक्ति यात्राएं।

एक दिन में दस-बीस मंदिरों के दर्शन।

जल्दी जल्दी ,पर आसपास 

की दूकानों में अति देर।।

जल्दी जल्दी दर्शन।।

यात्रा बस से उतरते ही,

अगले मंदिर,अगले मंदिर

जल्दी जल्दी  मंदिर बंद न हो जाय।।

बारह बजे दोपहर तक 

चार बजे से नौ बजे तक।

तेज चलकर दौड दौड़कर।

तुरत दर्शन।

तिरुपति दर्शन तो 

बड़े कतार पर

जल्दी जाओ,जल्दी जाओ का धक्का।।

 जी दो मिनट के दर्शन।।

 हर साल जाने की तीव्र इच्छा।।

 हुंडी में हर साल अधिक पैसे

डालने का प्रोत्साहन।

न जान-समझ सका!

दर्शन में दलाल,

दूकानों में नकली चीज।

भिखारियों की चीख।

चलते फिरते व्यापार।

मानसिक असंतोष की बात।।

फिर भी पुनः यात्रा ,दर्शन की मनौती।

यकीनन  मानसिक संतोष,शांति।।

इस दिव्य शक्ति का पता नहीं!












வணக்கம்.

இறைவணக்கம்.

கடவுள் வணக்கம்.

பகவான் வணக்கம்.

ஆண்டவன் வணக்கம்.

    பக்தி  வணிகமயமாகிறது.

 பக்தி என்பது புனிதமானது.

 இன்று பல ஆஸ்ரமங்கள்.

பல ஆயிரம் கோடி 

அசையும் அசையா

ஆஸ்திகள்.

மூலவர் ஒருவர்.

கலை நயமிக்க சிற்பங்கள்.

ஆனால் வணிக வளாகமான

கடைகள். 

பணம் பணம் பணம்

அக்காலத்தில் ஜாதிய அடிப்படையில்

அனுமதி தொலை தூர தரிசனம்.

இன்று‌பணம் பணம்.

எப்படியும் இறைவனைக் காண வேண்டும் என்ற பக்தி யாத்திரைகள்.

பேருந்தில் சென்று இறங்குதல்.

நேராக மூலவர் தரிசனம்.

ஒரே நாளில் ஒன்பது கோவில்.

 நேரமாகிவிடுமே என்ற

 ஓட்ட நடை 

தரிசனம்.

இறைவனை வழிபடுவதை விட


சீக்கிரமாக வந்து அடுத்த கோவில் செல்லவேண்டுமே காலை பன்னிரெண்டு மணிக்குள்

பிறகு நடை சாத்திவிடுவார்கள்.

நான்கு மணிக்கு.

விளம்பரத்தில் பட்டியலிட்ட 

7 முதல் பத்து ஆலயங்கள் தரிசனம்.

 இதற்கிடையில் கடைகளில் பொருள் வாங்குதல்,

நடமாடும் வணிகர்கள் 

 புரோக்கர்கள்.

பொய் மெய் போலிகள் ஏமாற்றங்கள்.

ஆலயம் முன் கடவுள் இல்லை வாசகங்கள்.

 

அவசர பக்தி.

பக்தர்கள் குறுக்கு வழி தரிசனம்.

 நிம்மதி இல்லை.

எல்லா ஆலயம் சென்று வந்த மன நிறைவு.

  மீ ண்டும் செல்ல வேண்டும் என்ற ஆர்வம்.

மகிழ்ச்சி.தைரியம்.

திருப்பதி மூலவர் காணும் வரை ஜரகண்டி என்று தள்ளி வெளியில் வந்ததும் மீண்டும் வருகிறேன்.

பெருமாளே என்ற பிரார்த்தனை. ஆண்டுக்கு ஆண்டு

 நம்மை அறியாமல் காணிக்கை அதிகமாக போடும் மனம்.

வாழ்க்கையில் மேன்மை.

மன சாந்தி.

இது தான் பக்தி.

काश वो दिन फिर लौट आए

 नमस्ते। वणक्कम।

शीर्षक : काश वो दिन फिर लोट आये।

दिनांक २७-११-२०२०

   कल्पना कीजिए

 काश वो दिन फिर लौट आए।

 बच्चा था,लोट लोट कर रोता,

रुलाई रोकने  मां,बुआ, पिता,दादा,दादी

चारों ओर जमा हो जाते।

मेरी मांग क्या है ?

समझकर  पूरी करते।।

चारों ओर से चुंबनों की वर्षा।।

 घुटने चलनेवाले खिलौने,

तालियां बजाने वाले खिलौने,

चाबी देने पर तेज कूदकर,

भौंकने वाले कुत्ते।।

न पिता की आमदनी की चिंता।।

न नुकसान की चिंता,

न खिलौने तोड़ जाने की चिंता।

चाबी बढ़कर खिलौना टूट जाता।

लोट लोट कर रोना, एक ही खिलौना,

बार बार मां दिलवाती।।

पिता की झिड़कियां सह लेती।।

काश!वो दिन लोट लोट रोने का दिन

पुनः वापस आ जाता तो

कितना आनंद मिलन हो जाता।।

न सांसारिक  चिंता,न आध्यात्मिक चिंता।

काश!वह दिन लौटकर आ जाता।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै












नमस्ते। वणक्कम।

शीर्षक : काश वो दिन फिर लोट आये।

दिनांक २७-११-२०२०

   कल्पना कीजिए

 काश वो दिन फिर लौट आए।

 बच्चा था,लोट लोट कर रोता,

रुलाई रोकने  मां,बुआ, पिता,दादा,दादी

चारों ओर जमा हो जाते।

मेरी मांग क्या है ?

समझकर  पूरी करते।।

चारों ओर से चुंबनों की वर्षा।।

 घुटने चलनेवाले खिलौने,

तालियां बजाने वाले खिलौने,

चाबी देने पर तेज कूदकर,

भौंकने वाले कुत्ते।।

न पिता की आमदनी की चिंता।।

न नुकसान की चिंता,

न खिलौने तोड़ जाने की चिंता।

चाबी बढ़कर खिलौना टूट जाता।

लोट लोट कर रोना, एक ही खिलौना,

बार बार मां दिलवाती।।

पिता की झिड़कियां सह लेती।।

काश!वो दिन लोट लोट रोने का दिन

पुनः वापस आ जाता तो

कितना आनंद मिलन हो जाता।।

न सांसारिक  चिंता,न आध्यात्मिक चिंता।

काश!वह दिन लौटकर आ जाता।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै






















नमस्ते। वणक्कम।

शीर्षक : काश वो दिन फिर लोट आये।

दिनांक २७-११-२०२०

   कल्पना कीजिए

 काश वो दिन फिर लौट आए।

 बच्चा था,लोट लोट कर रोता,

रुलाई रोकने मां,बुआ, पिता,दादा,दादी

चारों ओर जमा हो जाते।

मेरी मांग क्या है ?

समझकर पूरी करते।।

चारों ओर से चुंबनों की वर्षा।।

 घुटने चलनेवाले खिलौने,

तालियां बजाने वाले खिलौने,

चाबी देने पर तेज कूदकर,

भौंकने वाले कुत्ते।।

न पिता की आमदनी की चिंता।।

न नुकसान की चिंता,

न खिलौने तोड़ जाने की चिंता।

चाबी बढ़कर खिलौना टूट जाता।

लोट लोट कर रोना, एक ही खिलौना,

बार बार मां दिलवाती।।

पिता की झिड़कियां सह लेती।।

काश!वो दिन लोट लोट रोने का दिन

पुनः वापस आ जाता तो

कितना आनंद मिलन हो जाता।।

न सांसारिक चिंता,न आध्यात्मिक चिंता।

काश!वह दिन लौटकर आ जाता।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै


































Thursday, November 26, 2020

नशा

 Anandakrishnan Sethuraman

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नमस्ते नमस्ते। वणक्कम।
शीर्षक --नशा मुक्ति
विधा -अपनी शैली।
गद्य या पद्य संयोजक/संचालक निर्णय करें।।
लेखक लिखता है बस।
दिनांक २६-११-२०२९
---++++++++++
मैं नहीं चाहता, नशासे मुक्ति।
नशा केवल मधुशाला की नहीं।
भक्ति में नशा।
लौकिक प्रेम की नशा।
अंगुली माल को , रत्नाकर को
डकैती की नशा।
सिकंदर को विश्व विजय की नशा।
धूम्रपान की नशा।
घुड दौड़ की नशा।
शतरंज की नशा।
तुलसी जैसे पत्नी दास की नशा।
लाल दीप क्षेत्र कुछ नशा
अहं कार की नशा।
लोभ की नशा,
कामांध नशा।
आभूषण नशा।
मांसाहार की नशा।
शाकाहारी की नशा।
सकारात्मक नशा।
नकारात्मक नशा।
गोताखोर की नशा।
नशा केवल मधुशाला में
नहीं कदम कदम पर नशा।
ज्ञानी को मालूम है
बुरी नशा और बंद नशा के अ और अंतर।।
भक्ति की नशा श्रेष्ठ।।
अलौकिक नशा आनंदप्रद।
सत्संग की नशा
भक्ति की नशा
सकारात्मक परमानंद ब्रह्मानंद।
मनुष्य या की नशा चढ़ाती।
सकारात्मक नशा।
अगजग को प्रेम भक्ति परोपकार
दान धर्म पर ले जाने वाली।
जगत मिथ्या अनश्वर
जय जगत वसुधैव कुटुंबकम्।
यही नशा विश्व कल्याण।।
तुलसीदास को जगाया उनकी अर्द्धांगिनी ने।।
अनंतकृष्णन चेन्नै हिंदी प्रेमी की नशा
सकारात्मक विचार जगाना।।
स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।

comments फ्रॉम स्कॉलर्स

वणक्कम। नमस्ते।
साहित्य संगम संस्थान।
विषय --अन्नदाता की पुकार।
विधा --गीत।
अन्नदाता पुकार रहा है,
मगर मन कह रहा है,
है बुद्धिमानों !
दान में न लेना,
अपने पैरों खड़े रहना,
खड़े रहना अपने पैरों पर
खुद बनना अन्नदाता
अन्न दादा की पुकार सुनना।।
लेना प्रेरणा,पाना प्रोत्साहन।।
अन्नदाता की पुकार सुनना।
स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन,चेन्नै।।
Anandakrishnan Sethuraman बेहतरीन
· Reply · 9 h
बृजमोहन रणा रणा
Anandakrishnan Sethuraman शानदार
· Reply · 9 h
बृजमोहन रणा रणा
Anandakrishnan Sethuraman लाजवाब
· Reply · 9 h
बृजमोहन रणा रणा
Anandakrishnan Sethuraman वाह वाह
· Reply · 9 h
Archana Verma
Anandakrishnan Sethuraman वाह! बेहतरीन भाव पूर्ण सृजन
· Reply · 9 h
Archana Verma

· Reply · 9 h
Kumari Nirupma
Anandakrishnan Sethuraman बहुत खूब आदरणीय
· Reply · 6 h
Ratan Sharma
Anandakrishnan Sethuraman सुंदर काव्य रचना की प्रस्तुति आपके द्वारा दी गई है।
· Reply · 6 h
Raja Babu Dubey
Anandakrishnan Sethuraman बहुत सुंदर रचना आदरणीय
· Reply · 5 h
Santosh Gupta
Anandakrishnan Sethuraman
· Reply · 5 h
NL Sharma
Anandakrishnan Sethuraman जी सुंदर
· Reply · 4 h
B N Pandey
Anandakrishnan Sethuraman जी, वाह, बहुत खूब
· Reply · 3 h
Ratan Sharma
Anandakrishnan Sethuraman लाजवाब
· Reply · 3 h
Mithilesh Kumar Srivastava Shikhar
Anandakrishnan Sethuraman 🙏🙏 अन्नदाता पुकार रहा है बहुत अच्छा 🙏
· Reply · 2 h
Sitaram Rai सबको हार्दिक धन्यवाद।
Anandakrishnan Sethuraman जी बहुत ही सुंदर आदरणीय

नशा

 नमस्ते नमस्ते। वणक्कम।

 शीर्षक --नशा मुक्ति

विधा -अपनी शैली। 

गद्य या पद्य संयोजक/संचालक निर्णय करें।।

लेखक लिखता है बस।

दिनांक २६-११-२०२९

---++++++++++

मैं नहीं चाहता, नशासे मुक्ति।

 नशा केवल मधुशाला की नहीं।

 भक्ति में नशा।

लौकिक प्रेम की नशा।

अंगुली माल को , रत्नाकर को

डकैती की नशा।

सिकंदर को विश्व विजय की नशा।

धूम्रपान की नशा।

घुड दौड़ की नशा।

शतरंज की नशा।

तुलसी जैसे पत्नी दास की नशा।

लाल दीप क्षेत्र कुछ नशा

अहं कार की नशा।

लोभ की नशा,

कामांध नशा।

आभूषण नशा।

मांसाहार की नशा।

शाकाहारी की नशा।

सकारात्मक नशा।

नकारात्मक नशा।

गोताखोर की नशा।

नशा  केवल मधुशाला में

नहीं कदम कदम पर नशा।

ज्ञानी को मालूम है

बुरी नशा और बंद नशा के अ और अंतर।।

भक्ति की नशा श्रेष्ठ।।

अलौकिक नशा आनंदप्रद।

सत्संग की नशा 

भक्ति की नशा 

सकारात्मक परमानंद ब्रह्मानंद।

मनुष्य या की नशा चढ़ाती।

सकारात्मक नशा।

अगजग को  प्रेम भक्ति परोपकार

दान धर्म पर ले जाने वाली।

जगत मिथ्या अनश्वर  

जय जगत  वसुधैव कुटुंबकम्।

यही नशा विश्व कल्याण।।

तुलसीदास को जगाया उनकी अर्द्धांगिनी ने।।

अनंतकृष्णन चेन्नै हिंदी प्रेमी की नशा

सकारात्मक विचार जगाना।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।

Monday, November 23, 2020

अधजल गगरी छलकत जाय நிறைகுடம் ததும்பாது குறைகுடம் ததும்பும்

 अधजल गारी छलकत जाय।

நிறைகுடம் ததும்பாது

குறைகுடம் கூத்தாடும்.

  राजा अति सुन्दर,

सुशासक  हो तो गुणसुंदर।।

तुगलक दरबार अति व्यंग्य दरबार।।

राम राज्य अतिप्रिय।।

पूर्ण गुणवाले ईश्वर ।

सिवा उनके  मनुष्यावतार 

राम -कृष्ण भी अधजल गगरी।।

मानना पड़ा,

मानना पड़ता है,

मानना पड़ेगा।

सर्वेश्वर पूर्णकुंभ,

भरा घड़ा।।

मनुष्य अपूर्ण घड़ा।

अतः मानव जन्म अधजल गगरी 

छलकत जाय।।

सबहिं नचावत राम गोसाईं।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।


हिंदी भी मैं, तमिल भी मैं।।

ஹிந்தியும் 

தமிழும் நானே..

அரசன் அதி அழகு.

நல்லாட்சியர் குணம் 

அதி அழகு.

துக்ளக் அவை கேலிக் கூத்து.

ராம் ராஜ்ஜியம்

  அதிகப் பிரியம்.

பூர்ண குணமுள்ளவர் பகவானே.

இறைவனைத் தவிர

மற்றவர்கள் குறை குடம்.

அவரைத் தவிர மற்றவர்கள் குறை குடம்.

ஏற்க நேர்ந்தது.

ஏற்க நேர்கிறது.

ஏற்க நேரிடும்.

பகவான் பூர்ண கும்பம்.

இறைவன் நிறைகுடம்.

மனிதர்கள் குறை குடம்.

ஆகையால் 

மனிதப்பிறவி

"குறை குடம்.

குறை குடம் கூத்தாடும்.

நிறை குடம் ததும்பாது."

அனைவரையும் ஆட்டுவிக்கும் ஆண்டவன்.

 சுய சிந்தனையாளர் சுய படைப்பு அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை ஹிந்தி ஆசிரியர்.

Sunday, November 22, 2020

 अधजल गारी छलकत जाय।

நிறைகுடம் ததும்பாது

குறைகுடம் கூத்தாடும்.

  राजा अति सुन्दर,

सुशासक  हो तो गुणसुंदर।।

तुगलक दरबार अति व्यंग्य दरबार।।

राम राज्य अतिप्रिय।।

पूर्ण गुणवाले ईश्वर ।

सिवा उनके  मनुष्यावतार 

राम -कृष्ण भी अधजल गगरी।।

मानना पड़ा,

मानना पड़ता है,

मानना पड़ेगा।

सर्वेश्वर पूर्णकुंभ,

भरा घड़ा।।

मनुष्य अपूर्ण घड़ा।

अतः मानव जन्म अधजल गगरी 

छलकत जाय।।

सबहिं नचावत राम गोसाईं।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।


हिंदी भी मैं, तमिल भी मैं।।

ஹிந்தியும் 

தமிழும் நானே..

அரசன் அதி அழகு.

நல்லாட்சியர் குணம் 

அதி அழகு.

துக்ளக் அவை கேலிக் கூத்து.

ராம் ராஜ்ஜியம்

  அதிகப் பிரியம்.

பூர்ண குணமுள்ளவர் பகவானே.

இறைவனைத் தவிர

மற்றவர்கள் குறை குடம்.

அவரைத் தவிர மற்றவர்கள் குறை குடம்.

ஏற்க நேர்ந்தது.

ஏற்க நேர்கிறது.

ஏற்க நேரிடும்.

பகவான் பூர்ண கும்பம்.

இறைவன் நிறைகுடம்.

மனிதர்கள் குறை குடம்.

ஆகையால் 

மனிதப்பிறவி

"குறை குடம்.

குறை குடம் கூத்தாடும்.

நிறை குடம் ததும்பாது."

அனைவரையும் ஆட்டுவிக்கும் ஆண்டவன்.

 சுய சிந்தனையாளர் சுய படைப்பு அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை ஹிந்தி ஆசிரியர்.

Saturday, November 21, 2020

सामाजिक समरसता --சமுதாய நல்லிணக்கம் .

 सामाजिक समरसता।   
சமுதாய நல்லிணக்கம் .

सामाजिक समरसता  की बात 
சமுதாய நல்லிணக்க விஷயம் .
இந்த சமுதாய நல்லிணக்கம் 
இந்த நாள் இல்லை 
இராமாயண காலத்திலேயே ஆரம்பம் .
ராமர் குகனைக் கட்டிப்பிடித்து 
சபரியின் எச்சில் இலந்தை சாப்பிட்டு 
வானரர்களுக்கு மகத்துவம் அளித்து 
நல்லிணக்கம் ஏற்படுத்தப்பட்டிருக்கிறது .
மஹாபாரதத்தில் ஏகலவ்வின்  கட்டைவிரல் வெட்டி 
தேரோட்டி மகன் என்று அவமானப்படுத்தி
அப்பொழுதிருந்தே மத நல்லிணக்கம்
கேள்விக்குறியாகிவிட்டது .
விதுரன் கெட்டிக்காரன் ஆனால் 
விலக்கப்பட்ட தரித்திரன் .
ஸ்ரீ கிருஷ்ணன் விதுரன் வீட்டில் உணவருந்தி 
சென்றாலும் அவனை சூத்திர புத்திரன் 
என்ற பெயரே உலக அரங்கில்.
சமுதாய நல்லிணக்கம் பாரதத்தில் .
பணக்காரர்கள் வசதிகள் பாக்கியத்தால் .
ஏழைகளின் கஷ்டமும் பாக்கியவசத்தால் .
அழகு -அழகற்ற ,ஞானம் -அஞ்ஞானம் 
நல்லது -கெட்டது ,நோயாளி -அசாத்திய நோயாளி 
தேசபக்தி -தேசத்துரோகி 
நன்றியுள்ள -நன்றிகெட்ட ,
நாஸ்திகன்- ஆஸ்திகன் ,
வீரன் -கோழை ,இரக்கமுள்ள-இரக்கமற்ற 
கடவுளின் பார்வையில் படைப்பில் 
நல்லிணக்கம் எங்கே ?
படித்த வழக்கறிஞர் பணம் கிடைத்தால் 
குற்றவாளியை விடுவிக்கத் தயார் .
இரவும் பகலும் படித்து பட்டயக்கணக்காளராகி 
பொய்க்கணக்கு எழுதத் தயார் .
நீதிபதிகளும் ஒவ்வொரு நீதிமன்றமும் 
ஒவ்வொரு தீர்ப்பும்  மேல் முறையீடு .
பணம்கொடுத்தால் வாக்காளர்கள் வாக்களிக்கத் தையார் .
சமுதாய நல்லிணக்கம் எப்படி ?
வேசிகளுக்குப் பத்து லக்ஷம் கொடுக்கத் தையார் .
அழகான இறைவன் சிலைகளை நூற்றுக்கணக்கில் 
உருவாக்கி  விசர்ஜனம் என்பது எப்படி பக்தி ?
ஒவ்வொரு ஆண்டும் கோடிக்கணக்கில் பணம் .
தானம் தர்மம் கிடையாது .
இறைவனின் கோபத்தைத் தூண்டுதல் .
இது உண்மை வாக்கு என்றே உணர் .
கடவுளின்   தானம் என ஏற்றுக்கொள் .
ஒவ்வொருவர் மனதிலும் நல்லிணக்கம் தேவை .
இல்லை என்றால் நல்லிணக்கம் இல்லை 

எல்லோரையும் ஆட்டுவிப்பவன் ராமனே /கடவுளே !







आजकल की समस्या नहीं है। 
रामायण काल से  शुरू।  
राम ने गुह से गले मिलाकर ,
शबरी का जूठा बेर खाकर ,
वानरों का महत्त्व देकर ,
समरसता  बनायी है.
महाभारत में एकलव्य का
अंगूठा काटकर ,
सारथी पुत्र कर्ण  का अपमान कर 
तब से  समरसता का प्रश्न चिन्ह शुरू। 
विदुर चतुर पर दूर दरिद्र। 
भले ही श्री कृष्ण दूत बनकर
विदुर के यहाँ पहले गए। 
पर उनका अपमान भी साथ ही 
सूत पुत्र  से ही जग मंच पर। 
सामाजिक समरसता भारत में ?
अमीर की सुविधाएं भाग्य वश ,
गरीबों का कष्ट भाग्य वश ,
सुन्दर -असुंदर ,ज्ञान -अज्ञान 
भले -बुरे ,रोगी -असाध्य रोगी 
देश भक्त -देश द्रोही ,
कृतघ्न -कृतज्ञ ,नास्तिक -आस्तिक 
वीर -कायर ,दयालु -निर्दयी ,
ईश्वर की दृष्टी और सृष्टि में
समरसता कहाँ ?
कैसे सामाजिक समरसता ?
दिव्य शक्ति -असुर शक्ति 
आदि काल  से आज तक। 
समरसता का मार्ग कहाँ ?
पढ़े लिखे  वकील  पैसे मिलने पर 
अपराधियों को छुड़ाने तैयार ,
रात -दिन पढ़कर लेखा कार परीक्षा 
कठिन परीक्षा पर मिथ्या लेखा लिखने सहायक। 
न्यायाधीश भी एक एक न्यायालय 
एक एक न्याय। 
पैसे मिलें वोट देने
मतदाता  तैयार।  
सामाजिक समरसता कैसे ?
दस लाख वेश्या के यहाँ फूंकने तैयार ,
सुन्दर मूर्तियाँ करोड़ों को बनवाकर 
विसर्जन  के नाम   कैसी भक्ति। 
हर साल  करोड़ों के पैसे ?
वह दान दक्षिणा नहीं ,
भगवान के क्रोध भटकाना , விஸர்ஜனம்
यह सत्यवचन जान। 
ईश्वरीय दान  मान। 
मनुष्य मनुष्य  मन में पहले समरसता के विचार आवश्यक है 
नहीं तो  समरसता नहीं। 
सबहिं  नचावत राम गोसाई। .

































துடுப்பு.வையக இன்னல் தப்பிக்க पतवार भवसागर से बचने

 


வணக்கம் நமஸ்தே!

துடுப்பின்றி 

 படகு செல்லாது.

நானும் சமுதாயமும்

 வையகக் கடலில் 

துடுப்பில்லா மனிதன்

 துடுப்பற்ற ஓடம் போல 

அலைகளில் ஆடி தத்தளிக்கிறான்.

ஒருவன் நாணயமாக 

வாழ்க்கையை நடத்துகிறான்.

சுகமும் துன்பமும் 

தெய்வீகம் என்று தன்

வட்டத்தில் மகிழ்ச்சியாக 

வாழ்கிறான்.

நாணயமற்றவன் செல்வம்,காமம்,மமதை,கோபம்,

 பேராசை , நான் என்ற எண்ணமே

 துடுப்பு என்று ஏற்று 

அறியாத வனாகஅனாசாரம் 

கொடு மையிலேயே

வாழ்க்கையைக் கழித்துத்

 தீராத நோய்,

அல்ப ஆயுள்,

மதுப்பிரியர், 

தீய சேர்க்கை என

துடுப்பு இல்லாமல் 

அமைதியற்று துன்பஅலைகளில்

 தள்ளாடி மூழ்கி தத்தளித்து 

துன்பங்களால் மூச்சுத்  தினரலில்   துடிதுடித்து

தசரதசக்கரவர்த்தி போல்

கண்ணீர் வடித்து

  உயிருள்ள சவம் போல்

 வாழ்ந்து கொண்டிருக்கிறான்.

அவர்களுக்குள் பரமாத்மாவின் 

பயம் இல்லை .

திகம்பரரின் தியானம் இல்லை.

அழியும் உலகையே  அழியா உலகமாக ஏற்று

தீய வழியில் சென்று

துன்ப வழியில் 

துன்பத்தின் குவியலை 

சேர்ப்பதில்

அறிந்த அறியாமல்

தவறுகளை ஆனந்தமாகத்

துன்பமாகக் கருதி 

ஏற்று வாழ்கிறான்.

பரமாத்மா என்ற துடுப்பை மறந்து .

பரமானந்த பிரம்மானந்த 

துடுப்பு பரமேஸ்வரன்.

வாழ்க்கை பகவானின்

ஸ்மார்ட் இன்றி எவ்வித

 துடுப்பும் உலகத்து இன்னல்களை க்

 கடக்க

அகில உலகில்  எதுவும்இல்லை என்பதைப்பற்றி புரிந்து அறிந்து 

தெளிந்து அறிந்து கொள்.

சுய சிந்தனையாளர் சுய படைப்பு அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை ஹிந்தி ஆசிரியர்.

"बिन पतवार चले कुछ नया रचे।"


मैं ने समाज के भवसागर में

 पतवार  बिना मानव  डांवाडोल।।

कोई ईमानदारी  से  जीवन चलाता है 

सुख दुख ईश्वरीय जान,

अपने दायरे में सुखीरहता है।।

बेईमानदारी धन , काम,क्रोध,लोभ 

अहं  आदि को  ही पतवार मानकर 

अज्ञानी बनकर  अनाचार

 अत्याचार में ही जीवन बिता कर

असाध्या रोगी,विधुर,विधवा बनकर 

निस्संतान, संतान पाकर  असाध्य रोगी,अलपायु,मधुप्रिय,दुस्संगत 

पतवार बिना  बेचैनी कीलहरों  में 

डांवाडोल डूबकर  दुखों में

दम घुटकर  तडप तड़पकर

दशरथ चक्रवर्ती के समान,

आंसू बहाते हुए जिंदा

 शव बन

जी रहा है, 

उनमें परमात्मा  का आतंक नहीं।

परमात्मा का ध्यान नहीं।।

अनश्वर जगत को ही,

नश्वर मानकर  बद पथ पर 

दुख  के ढेर जमा करने में 

अज्ञानी  भूल से 

आनंद 

 स्वीकारा है।। 

परमात्मा पतवार को भूल ।।

परमानंद ब्रह्मानंद  पतवार परमेश्वर।।

 जीवन  ईश्वर स्मरण बिना और कोई

पतवार भवसागर पार करने  

 अगजग में नहीं समझ जान।।

बिन पतवार चले न नाव।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।।


 


Friday, November 20, 2020

நன்மை உலகின் பெரும் சம்பாத்தியம் .

  "अच्छाई जीवन की बड़ी कमाई"--- நன்மை வாழ்க்கையின் பெரும் சம்பாத்தியம் 

कहना आसान,--சொல்வது எளிது 

भलाई करनेवाले, நன்மை செய்கின்றவர்கள் 

सत्य बोलने वाले, உண்மை பேசுபவர்கள் 

बेचारा भला आदमी। ஐயோ பாவம்  நல்லமனிதர்கள் .

लेखक लिखता रहे,  எழுத்தாளர்கள் எழுதிக்கொண்டே இருக்கட்டும் .

सैकड़ों  पृष्ठ दिन रात  நூற்றுக்கணக்கான பக்கங்கள் இரவும் பகலும் 

प्रकाशक  को लिखा करें।। வெளியீட்டாளர்களுக்கு எழுதுவதை வழக்கமாக வைக்கட்டும் .

पैसे न मांगें तो लेखक भला। பணம் கேட்கவில்லை என்றால்
                                          எழுத்தாளர் நல்லவன் 

अपने सुविचार प्रकट कर  தன்  நல்லெண்ணத்தை வெளிப்படுத்தி

अनुशासन  समाज को    ஒழுக்கம் சமுதாயத்திற்கு 

सतपथ दिखाता  रहे। நல்வழி காட்டிக்கொண்டே இருக்கட்டும் .

प्रेमचंद ,महावीर प्रसाद,  பிரேமச்சந்த் ,மஹாவீர் பிரசாத் 

गीतावाचक,गीता पाठक,  கீதை படிப்பவர்கள் ,கீதை வாசகர்கள் 

उपदेशक, सब के सब,   உபதேசகர்கள் ,எல்லோரும் 

अच्छाई जीवन की बड़ी कमाई।। நன்மை வாழ்க்கையின் பெரும் சம்பாத்தியம் 

 हिंदी   कवि अपने आप लिखना,ஹிந்தி கவிஞர்கள் தாங்களாகவே எழுதுவது 

पंजीकरण शुल्क, பதிவுக்கட்டணம் 

अपनी कविता के  தன்  கவிதை 

प्रकाशन केलिए शुल्क, வெளியிட கட்டணம் 

मंच पर कविता सुनाने शुल्क, மேடையில் கவிதை சொல்லக் கட்டணம் 

प्रेम भरा,अश्लील व्यवहार की कविताएं  तालियां पाती।।காதல் ,அசிங்கமான கவிதைகள் 
   கைதட்டல் பெறுகின்றன .

अच्छाई जीवन की बड़ी कमाई।।நன்மை வாழ்க்கையின்
 பெரும் சம்பாத்தியம் .

धन दौलत भ्रष्टाचार सौ गुना लाभ, பணம் செல்வம் நான்கு மடங்கு லாபம் 

बुराई जीवन की बुरी कमाई।। தீமை வாழ்க்கையின் தீய சம்பாத்தியம் .

कमाई अच्छाई  दरिद्रता का  हो நல்லதற்கு தரித்திரத்திற்கு சம்பாதிப்பதாக இருந்தாலும் 

 कमाई  बुराई भ्रष्टाचारी का हो। சம்பாதிப்பது தீமை ஊழலலாக இருந்தாலும் 

सबको अंत में एक ही  जगह, எல்லோருக்கும் இறுதியில் ஒரே இடம் .

भलाई एक कोने में,            நன்மை ஒரு மூலையில் 

भगवान  भी बिना सोचे विचारे  இறைவனும்  சிந்திக்காமல் 

असुरों को वर देकर देवों को जेल में रख, அசுரர்களுக்கு வரம்
 கொடுத்து சிறையில் வைத்து 

मोहिनी अवतार, மோஹினி அவதாரம் 

महिषासुर वर्द्धिनी மஹிஷாஸுரவர்த்தினி 

 असुरों को मारने के पुराण। அசுரர்களைக்கொல்லும் புராணம் .

भगवान के वर्णन ही ऐसा हो तो பகவானின் வர்ணனையே  இப்படித்தான் 

लोभी लालची स्वार्थी  मानव कैसे? பேராசைக்காரன் சுயநலம் முள்ள  மனிதன் எப்படி ?

अन्याय के साथ रहें तो     அநியாயத்துடன் இருந்தால் 

विस्मय की बात क्या?     வியக்க என்ன இருக்கிறது >

भगवान भी देता      இறைவனும் ஊழல்வாதிகளுக்கு உடனளிக்கிறான் .

 भ्रष्टाचारियों के साथ।।

वर देकर अच्छे या बुरे வரமளித்து நல்லவர்கள்  கெட்டவர்களின் 

दुख सुख देखना,  சுகம் துன்பம் பார்ப்பது 

ईश्वर की लीला नहीं, கடவுளின் லீலை இல்லை 

ईश्वर के दंड विधान  हीअलग।கடவுளின் தண்டனை சட்டம் தனியானது .

कोई भी सुखी नहीं, ஒருவரும் சுகமாக இல்லை 

कोई भी दुखी नहीं।। ஒருவரும் துன்பமாக இல்லை 

स्वर्ग नरक ,यही जान।। ஸ்வர்கமும் நரகமும் இதுதான் .

अच्छाई जीवन की बड़ी कमाई।। நன்மை வாழ்க்கையின்  பெரும் சம்பாத்தியம் .

लैखकों का सद्विचार तो  எழுத்தாளர்களின் நாள்
 எண்ணம்  உலகின் பெரும் சம்பாத்தியம் .

संसार  की बड़ी कमाई।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।।

ஆரோக்கிய வாழ்க்கை

  இனிய காலை வணக்கம் நண்பர்களே!

मधुर प्रात:कालीन प्रणाम।

Good morning friends।

 ईश्वरीय लीला अद्भुत।       கடவுளின்  லீலை  அற்புதம் .

 इंसान को  संतुलन में  रखने बुद्धि दी .-மனிதனை சரிவிகிதத்தில் வைக்க  அறிவைக்கொடுத்தார் 


सुखी से जीने,----சுகமாக வாழ 

आनंद से जीने , --ஆனந்தமாக வாழ ,

पशु पक्षियों मनुष्य को பறவைகள் ,மிருகங்கள் ,மனிதனை 

भूख-प्यास, काम,नींद, பசி -தாகம்  காமம்  தூக்கம் 

बराबर बांटे गए। சமமாகப் பங்கிடப்பட்டிருக்கிறது 

केवल मनुष्य को जितेंद्रिय बनाया । மனிதனை  மட்டும் ஐம்புலன்களை
 வெல்பவனாக படைத்திருக்கிறார் .

सनातन धर्म के प्रधान भगवान को  சனாதன தர்மத்தின் முக்கிய கடவுளுக்கு 

दो पत्नियां दी   இரண்டு மனைவிகள் கொடுத்திருக்கிறார் .

पर ब्रह्मा -सरस्वती   एक அனால் பிரம்மா சரஸ்வதிக்கு ஒன்றே .

ज्ञान एक, चिंतन अनेक।  ஞானம் ஒன்றே ,சிந்தனைகள் அநேகம் 

शक्ति , ज्ञान, क्षमताओं में சக்தி ,ஞானம் ,திறமைகளில் 

बराबरी नहीं,--சமமில்லை .

पागलों,पंडितों,  பைத்தியக்காரர்கள் ,பண்டிதர்கள் 

नायक, खलनायक, நாயகன் ,வில்லன் 

क्रोधी, कामुक,लोभी, கோபக்காரன் ,காமுகன் ,பேராசைக்காரன் 

न्यायी,अन्यायी, நியாயி ,அநியாயி 

दयालू-निर्दयी,   இறக்கமுள்ளவன் ,இரக்கமற்றவன் 

पापात्मा, पुण्यात्मा,--பாவி ,புண்ணியவான் 

बल दुर्बल गुण अवगुण, பலம் ,துர்பலம் ,குணம் ,அவனம் 

मान अपमान--மானம் ,அவமானம் 

  जगमंच को  உலக அரங்கை 

एक अभिनय मंच बनाकर  ஒரு அபிநய அரங்கமாக்கி 

अपने को सर्व श्रेष्ठ  सिद्ध की.  தன்னை சர்வஸ்ரேஷ்டமாக
நிரூபித்திருக்கிறார் .

जो शक्ति नचा रही है,   ஆட்டிவைக்கும்  சக்திக்கு  வணக்கம் .

उस शक्ति को प्रणाम।

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 स्वस्थजीवन कैसे?

मन चंगा तो कठौती में गंगा।

निश्चल /निश्छल 

मन है तो

स्वज्स्थ जीवन।।

काम,क्रोध,मद,लोभ न तो 

सर्वार्थ जीवन।।

संयम है तो स्वस्थ जीवन।

जितेन्द्रियता स्वस्थ जीवन।।

दान धर्म जनकल्याण स्वस्थ जीवन।

सुशासक का जीवन स्वस्थ जीवन।।

आदर्श जीवन में  यथार्थ जीवन 

स्वस्थ जीवन।। 

भ्रष्टाचारी अत्याचारी रिश्र्वत खोरी

ठेकेदार कच्ची सड़क

 चुनाव में मतदाता का घूस।

इन सब का जीवन अस्त-व्यस्त जीवन जान।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै

 आज की काव्य-पंक्ति?

 ஹிந்தியும் நானே தமிழும் நானே.

हिंदी भी मैं और  तमिल भी मैं।।

தலைப்பு:---


स्वस्थजीवन कैसे? 

ஆரோக்கிய வாழ்க்கை எப்படி?

மனம் பரிசுத்தம் ஆனால்

அனைத்தும் பவித்திரம்.

சஞ்சலமற்ற /வஞ்சனை மற்ற

மனம் இருந்தால்

 ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

காம குரோதம்,ஆணவம், பேராசை

இல்லை என்றால்

 ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

புலன் அடக்கம் இருந்தால் 

ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

ஐம்புலன்களை வென்றால் 

ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

தானம் தர்மம் மக்கள் நலம்

ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

நல்ல ஆட்சி யாளர் வாழ்க்கை

ஆரோக்கியமான வாழ்க்கை.

ஊழல்செய்பவன்,கொடுங்கோலன்,

லஞ்சம் வாங்குபவன் வாழ்க்கை

ஆரோக்கியமற்ற வாழ்க்கை.

இவர்கள் வாழ்க்கை 

சிதறிய வாழ்க்கை என்பதை 

அறிந்து கொள்வோம்.

சுயசிந்தனை பாளர் சுய படைப்பு

அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை ஹிந்தி ஆசிரியர்.


मन चंगा तो कठौती में गंगा।

निश्चल /निश्छल 

मन है तो

स्वस्थ जीवन।।

काम,क्रोध,मद,लोभ न तो 

स्वस्थ  जीवन।।

संयम है तो स्वस्थ जीवन।

जितेन्द्रियता स्वस्थ जीवन।।

दान धर्म जनकल्याण स्वस्थ जीवन।

सुशासक का जीवन स्वस्थ जीवन।।

आदर्श जीवन में  यथार्थ जीवन 

स्वस्थ जीवन।। 

भ्रष्टाचारी अत्याचारी रिश्र्वत खोरी

ठेकेदार कच्ची सड़क

 चुनाव में मतदाता का घूस।

इन सब का जीवन अस्त-व्यस्त जीवन जान।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै
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Friday, November 13, 2020

Jaagoजागो

 अनंत कृष्णन चेन्नै

 प्रशासक, संचालक, समन्वयक,सदस्य पाठक सबको प्रणाम।

कलम बोलती है साहित्य समूह को

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां।

दिनांक १४-११-२०२०

विधा विचार मेरा अपना 

साहित्य का मतलब है,

समाज कल्याण। समाज सुधार। 

समाज जागरण।

आज यही आग्रह,अनुरोध 

यही संकल्प लेंगे हम ।

बुराई बदों का नाश,

अत: मनाते हैं दीपावली।

आज प्रतिज्ञा करेंगे हम।।

मजहबी नेता के पीछे 

मनुष्य मनुष्य में भेद न करेंगे।

अपना धर्म पालन करेंगे,

सत्याचरण करेंगे हम।।

मधुशाला, वेश्यालय का 

बहिष्कार करेंगे हम।

मातृभाषा माध्यम को प्रधानता देंगे हम।।

भक्ति में बाह्याडंबर दूर करेंगे।

चालीस पचास हजार की मूर्ति बनाकर

विसर्जन के नाम अपमानित न करेंगे।।

भ्रष्टाचार और घूसखोरी का साथ न देंगे हम।।

सबके कल्याण की सेवा करेंगे हम।।

राष्ट्रीय एकता का जागरण करेंगे हम।।

जय जवान जय किसान का नारा लगाएंगे।

चुनाव के दिन सौ प्रतिशत 

मत दाता वोट  दें गें ।

वोट नोट के लिए नहीं 

देशोन्नति  के ईमानदार प्रतिनिधियों के लिए।।

जागो,जागो भारतीय, भ्रष्टाचार भगा देना।

कृषी की प्राथमिकता ,

भावी पीढ़ी की संरक्षा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम की आयोजना,

जागो जागो भारतीय।।

कृषी प्रधान देश को

उद्योगीकरण के नाम से

मरुभूमि न बनाओ।।

सोचो,समझो,जागो,आगे बढ़ो।

दूरदर्शिता है प्रधान।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।।

Sunday, November 8, 2020

सावधान --எச்சரிக்கை

 எச்சரிக்கை !எச்சரிக்கை !எச்சரிக்கை !

सावधान !सावधान !सावधान !
तमिल भी हिंदी भी मैंने ही लिखा है।
தமிழும் ஹிந்தியும் நானே எழுதியது .
அனந்தகிருஷ்ணன் ,ஹிந்தி ஆசிரியர் ,சென்னை .
நாம் எப்படி இருந்தோம் ?எப்படி ஆகிவிட்டோம் !
கற்காலத்தில் இருந்தோம் .
இப்பொழுது படித்த கல் மனம் உள்ளவர்களாகிவிட்டோம் .
கோடீஸ்வரர்கள் தொழிலதிபர்களிடம்
இரக்கமில்லை .
படிக்காத கிராமத்தான் அநாகரீகமானவன்
என்பவர்களிடம் தான் இரக்கம் உள்ளது.
உடனடி உதவி அவர்களிடம் கிடைக்கும் .
हम क्या थे ?क्या हो गए ?
पत्थर युग में थे ,अब पढ़े लिखे
पत्थर दिल के हो गए।
पढ़े -लिखे लोगों में उतनी दया नहीं ,
करोड़पति उद्योगपतियों में दया नहीं ,
जितनी दया असभ्य गँवार अनपढ़ लोगों में होती है।
வணக்கம் .நமஸ்தே .
எச்சரிக்கை . எச்சரிக்கை .
இரக்கம் கலி விரக்கம் மனித நேயம்
ஆட்சியாளர்களிடம் இல்லை .
இரக்கம் ஏழை படிக்காத மக்களிடமே அதிகம் .
படிக்காத நாகரீகமற்ற என்ற விவசாயீ
கூலித்தொழிலாளி இல்லை என்றால்
கல்வி கற்ற அலுவலர்கள் ,கோடீஸ்வரர்கள்
பசியாலேயே மாண்டுவிடுவார் .
விவசாயிகள் வாழ்க .
ஊழல்வாதி கோடீஸ்வரர்களின்
செல்வம் வீண் என்று
அறிந்து கொள் .
விவசாய முக்கியத்துவம் நாட்டை
தொழில் மயமாக்கல்
செழிப்பான பூமியை
பாலைவன மாக்கும் படித்தவர்கள்
ஆட்சியாளர்கள் வித்வான்கள்
கட்டாயம் பசியால் துடிப்பார்கள் .
விவசாயிக்கு முதலிடம் தரவேண்டியது
கட்டாயம் .
இல்லை என்றால் கட்டடங்கள் ,மாளிகைகள்
சிலைகள் இருக்கும் .
எதிர்கால மக்கள் பசியோடு இருப்பார்கள்.
இறப்பார்கள் .
அறிந்து புரிந்து தெரிந்துகொள் .சிந்தனை செய் .
விழித்துக்கொள் .
எச்சரிக்கை !எச்சரிக்கை !
सहानुभूति हमदर्दी मनुष्यता
शासकों में नहीं ,
जिंतनी दया गरीब अनपढ़ों में नहीं।
अनपढ़ गँवार किसान मजदूर नहीं तो
शिक्षित अधिकारी ,करोड़पति ,भूखों मर जाते।
जय किसान। भ्रष्टाचारी करोड़पति का धन बेकार जान। ,
कृषि प्रधान देश को उद्योगीकरण के नाम से
रेगिस्तान बनानेवाले शासक ,वैज्ञानिक ,विद्वान ,
किसान न तो रसोइया न तो
भूक से तड़पेंगे जरूर।
किसानों को प्राथमिकता देना अनिवार्य।
न तो यन्त्र धन महल शिला सब रहेंगे
भावी पीढ़ी भूखों मरेंगे समझो जानो। सोचो जागो।
सावधान !

Saturday, November 7, 2020

மதுஷாலா புறக்கணிப்பு -मधुशाला बहिष्कार

 [9:21 AM, 11/7/2020] sanantha 50: नमस्ते। वणक्कम।

समर्थन संगठन ही जन क्रांति।

मधुशाला बंद करने

न जाने का संकल्प लेना,

सरकार से अनुरोध अनुनय विनय,

बंद कर आंदोलन की आवश्यकता नहीं।

मातृभाषा माध्यम ज़रा सोचिए,

सरकार ने बंद किया ? नहीं।

जनता की चाह,

अपनी भाषा का अवहेलना।

३०००  से ज्यादा  तमिल स्कूल बंद।।

हिंदी माध्यम स्कूल बंद।

तेलुगू माध्यम बंद।।

मधुशाला बंद आंदोलन /क्रांति

मधुशाला न जाने का संकल्प।

मधुशाला न जाने की प्रतिज्ञा।।

मधुशाला न जाने का शपथ।

मधुशाला बहिष्कार का वादा।।

समर्थन संगठन ही 

++++++++


+++++++++++++++++(+++++++++


नमस्ते! नमस्ते!

 वणक्कम। वणक्कम।।

अनंतकृष्णन का विनम्र प्रणाम।।

வணக்கம்.நமஸ்தே.

जिंदगी एक लंबा सफर या 

अल्प सफर।

सिरोरेखा पर निर्भर।।

मां के गर्भ धारण के दस महीने

अंधेरी गुफ़ा में दो बिंदुओं  के जुड़ने से

वह भी सूक्ष्म दर्शी से ही 

देख सकेगा मानव।

सहज दृष्टि देख न पा…

[9:26 AM, 11/7/2020] sanantha 50: नमस्ते। वणक्कम।

समर्थन संगठन ही जन क्रांति।

मधुशाला बंद करने

न जाने का संकल्प लेना,

सरकार से अनुरोध अनुनय विनय,

बंद कर आंदोलन की आवश्यकता नहीं।

मातृभाषा माध्यम ज़रा सोचिए,

सरकार ने बंद किया ? नहीं।

जनता की चाह,

अपनी भाषा का अवहेलना।

३०००  से ज्यादा  तमिल स्कूल बंद।।

हिंदी माध्यम स्कूल बंद।

तेलुगू माध्यम बंद।।

मधुशाला बंद आंदोलन /क्रांति

मधुशाला न जाने का संकल्प।

मधुशाला न जाने की प्रतिज्ञा।।

मधुशाला न जाने का शपथ।

मधुशाला बहिष्कार का वादा।।

समर्थन संगठन ही 

समर्थ संगठन सामार्थ्य

 मनुष्यों के लिए।

जागरण के लिए समर्थक संगठन।

मधुशाला बहिष्कार।।

समर्थक संगठन ही जन क्रांति,

कल्याणकारिणी जान।।

अनंत कृष्णन,चेन्नै।।

[11:28 AM, 11/7/2020] sanantha 50: தீபாவளி உறுதி மொழி.

பிரமாணம் சபதம்

சத்தியப் பிரமாணம்.



வணக்கம்.நமஸ்தே.

ஹிந்தியில் படைத்தவனும் நானே!

தமிழ் மொழி பெயர்ப்பும்நானே.

கவி குடும்பம்.

7-11+2020

இன்றைய தலைப்பு.

மக்கள் புரட்சி ஆதாரவுஅமைப்பு.

----++-+

ஆதரவாளர் அமைப்பு 

தானே 

மக்கள் புரட்சி.

மதுக்கடை மூட செல்லாமல் இருக்க

உறுதிமொழி எடுக்க வேண்டும்.

அரசாங்கத்திடம் பணிவாக வேண்டுதல்

மூடுவதற்கு ஒரு புரட்சி அவசியமற்றது.


தாய் மொழி வழிக்கல்விப்

பள்ளிகள்

அரசாங்கமா மூடியது?!!

சற்றே சிந்தியுங்கள்!

இல்லை.

மக்கள் விருப்பம்.

தாய் மொழி அவமதிப்பு.


3000த்திற்கும் அதிகமான 

தமிழ் வழி 

பள்ளிகள் மூடல்.

ஹிந்தி வழி பள்ளிகள் மூடல்.

தெலுங்கு வழி பள்ளிகள் மூடல்.

காரணம் மக்கள் 

தாய் மொழி வழி

விரும்பவில்லை.

மதுக்கடை மூடல் போராட்டம்/புரட்சி.

மது சாலை போகமாட்டேன் என்ற

உறுதிமொழி.

மது சாலை போகமாட்டேன் என்ற பிரமாணம்.

மது சாலை போகமாட்டேன் என்ற சபதம்.

மது சாலை போகமாட்டேன் என்ற வாக்குறுதி.

மதுக்கடை புறக்கணிக்க புரட்சி.

ஆதரவு அமைப்பு.

ஆதரவாளர் அமைப்பு.

சாமர்த்தியசாலிகளுக்குத் தேவை இல்லை.

விழிப்புணர்விற்கு,

புறக்கணிக்க ஆதரவு அமைப்பு,

ஆதரவாளர் அமைப்பு

மக்கள் நலனுக்கும் தேவையான ஒன்று.

சுய சிந்தனையாளர் சுய படைப்பு

அனந்த கிருஷ்ணன் ஹிந்தி ஆசிரியர் சென்னை.


नमस्ते। वणक्कम।

कवि कुटुंब शीर्षक:

समर्थन संगठन ही जन क्रांति।

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मधुशाला बंद करने

न जाने का संकल्प लेना,

सरकार से अनुरोध अनुनय विनय,

बंद कर आंदोलन की आवश्यकता नहीं।

मातृभाषा माध्यम ज़रा सोचिए,

सरकार ने बंद किया ? नहीं।

जनता की चाह,

अपनी भाषा का अवहेलना।

३०००  से ज्यादा  तमिल स्कूल बंद।।

हिंदी माध्यम स्कूल बंद।

तेलुगू माध्यम बंद।।

मधुशाला बंद आंदोलन /क्रांति

मधुशाला न जाने का संकल्प।

मधुशाला न जाने की प्रतिज्ञा।।

मधुशाला न जाने का शपथ।

मधुशाला बहिष्कार का वादा।।

समर्थन संगठन ,समर्थकसंगठक


समर्थ संगठन सामार्थ्य मनुष्यों के लिए।

जागरण के लिए समर्थक संगठन।

मधुशाला बहिष्कार ही कल्याणकारिणी जान।।

अनंत कृष्णन,चेन्नै।।