Friday, February 27, 2015

अव्वैयार -नल्वली

nalvali ---सुमार्ग --अव्वैयार --२१ त० 30 

  ௨௧ .நீரும் நிழலும்  நிலம் பொதியும் நெல் கட்டும் 
           பெரும் புகழும்  பெருவாழ்வும் -ஊரும் 
            வருந்திருவும்  வாழ்நாளும் வஞ்சமிலார்க்கு என்றும்
            தரும் சிவந்த தாமரையாள்  தான்.

          लाल कमल  के आसन पर बैठनेवाली देवी  सरस्वती ,
          जिसके दिल में छल -कपट नहीं, निष्कपट है ,
          उनको  रहने के लिए धाम ,जल समृद्धि से भरे खेत
         सुनाम ,यश ,बड़प्पन,संपत्ति ,सम्पन्न शहर ,दीर्घ   आयुष ,
        सदा के लिए प्रदान करेगी.

22.பாடு பட்டுத் தேடி பணத்தைப் புதைத்து வைத்துக்
     கேடு கேட்ட மானிடரே கேளுங்கள் ;கூடுவிட்டு இங்கு
   ஆவிதான் போயின பின்பு யாரே அனுபவிப்பார்
  பாவிகாள் அந்தப் பணம்.

 कठोर मेहनत करके धन कमाकर उसे गाड़कर रखनेवाले 
 बुराई करनेवाले मनुष्य सुनिए-
 शरीर से प्राण पखेरू उड़ जाने के बाद ,
हे पापियों !उस खजाने के धन को 
कौम भोगेगा.
 अर्थात धर्म कार्यों में धन का खर्च करना ही पुण्यात्मा का काम  है.

२३ .வேதாளம் சேருமே  வெள் இருக்குப் பூக்குமே 
       பாதாள மூலி  படருமே -மூதேவி 
      சென்றிருந்து வாழ்வளே  சேடன் குடி புகுமே 
     மன்று ஓரம் சொன்னார் மனை.

    अदालत  में जो झूठे गवाही देते हैं , उनके घर में 
    भूत -पिशाच  स्थायी घर बना लेगा;
  श्वेत आक के फूल खिलेंगे ;
 पाताल मूल लताएँ फैलेगी ;
 ज्येष्टा देवी आकर जैम कर बैठेगी ;
 सांप के बिल बनेगा ;उसमें सांप बसेगी .

मतलब हैं जो अदालत में झूठ बोलेंगे उनको कष्ट ही कष्ट होगा.

२४.नीरू इल्ला नेत्री पाल ;नेय  इल्ला उंडी पाळ;

    आरू इल्ला ऊरुक्कु अलकू पाळ;---मारिल 
   उड़न पिराप्पू इल्ला उडम्बू  पाळ; पाले 
   मडक कोडी इल्ला मनैक.---तमिल 

    विभूति रहित  माथा बेकार;
   बिना घी के भोजन बेकार;
  बिना सहोदर के शरीर बेकार ;
  गृहस्थ  जीवन योग्य जोरू के बिना 
  वह घर भी शून्य और बेकार.

२५.  आ न मुतलिल अधिकं सेलवानाल 
      मानं अलिन्तु mathi केट्टुप पोन दिसै
     एल्लार्क्कुम कल्लनाय  एल पिरप्पुम  तीयनाय
    नल्लार्क्कुम पोल्लानाम नाडू.

 नौकरी   के   मिलते   ही   अधिक खर्च  होने पर ,
 मान -मर्यादा बिगड़ जाएगा ;
जहां    जाते  हैं ,वहाँ अपमान होगा.सभी लोगों के लिए चोर बन जायेगा

सातों जन्म एन बुरा ही होगा.अच्छे लोगों के लिए भी बुरा ही दीख पड़ेगा.

Tuesday, February 24, 2015

hindu friends --a request to you.


ஹிந்தி கற்க



मैं हिन्दू हूँ ;  --நான் ஹிந்து .
     
आजकल हिदुओं को अपनी दयनीय स्थिति  पर विचार करना है;

இந்நாட்களில் ஹிந்துக்கள் தங்களுடைய  தயைநிறைந்த நிலையைப் பற்றி சிந்திக்க வேண்டும்.

कई बड़े बड़े मंदिर अन्धकार में ;பெரிய -பெரிய கோயில்களில் இருட்டில்  .

 मेले उत्सवों के समय  मंदिरों के चहार दीवार पर पेशाब का दुर्गन्ध ,
திருவிழாக்கள் உத்சவ நாட்களில் கோயில்களின் மதில் சுவர்களில் சிறுநீர் நாற்றம்.


 कई मंदिरों में अन्धकार ,--aneka koilkal iruttu அநேக கோயில்கள் இருட்டு
जेनेराटर की सुविधा नहीं.==ஜெனரடர்   வசதி கிடையாது.

कई प्राचीन मंदिर उजड़े हुए हैं . பல கோயில்கள் பாழடைந்த நிலை .

हिन्दुओं की एकता के लिए  करोड़ों की मूर्ती विसर्जन करनेवाले हम
 मंदिरों को स्वच्छ न रखें तो भगवान खुद उन्हें स्वच्छ --बदल देगा;

ஹிந்துக்களின் ஒற்றுமைக்காக கோடிக்கணக்கான சிலைகளை விசர்ஜனம் செய்யும் நாம் ,கோயில்களை    தூய்மையாக   வைக்கவில்லை என்றால் கடவுள் தானே சுத்தம் செய்து கொள்வார் .
कांचीपुरम एकाम्बरेश्वर मंदिर गया तो  मंदिर के अन्दर ही पाखाना;
காஞ்சிபுரம் ஏகாம்பரநாதர் கோயில் சென்றால் கோயிலுக்குள் திறந்தவெளி கழிப்பறை.

अपने को हम ऐसा बनाना है ,हम खुद गर्व का महसूस करें.
நம்மை நாமே கர்வமாக உணரும்படி நம்மை ஆக்கிகிக் கொள்ளவேண்டும்.

मंदिरों के सामने ही पेशाब करने को रोकना है.

கோயிலுக்குதிரிலேயே  சிறுநீர் கழிப்பதை தடுக்கவேண்டும்.

 पैसे हैं ,लेकिन क्या करते हैं तो विसर्जन; பணம் உள்ளது. அதை விசர்ஜனத்திற்கு  பயன்  படுத்துகிறோம்.

फिर मंदिरों के पर्वों के दिनों   बदमाशों की वसूली रोकना चाहिए;

பிறகு கோயில் பண்டிகை காலங்களில் போக்கிரிகள் வசூலிப்பதை  தடுக்கவேண்டும்.

विनायक चतुर्थी जुलुस में  पियक्कड़ अश्लीली नाच करते हैं रोकना  चाहिए;

விநாயக சதுர்த்தி ஊர்வலத்தில்  குடிகாரர்கள் அசிங்கமான நடனம் ஆடுகின்றனர்  தடுக்கவேண்டும்.
भक्ति के क्षेत्र अत्यंत पवित्र ; பக்தி மிகவும் புனிதமான  துறை.

उन्हें  जाति ,भाषा आदि के नाम अपवित्र करना ठीक नहीं;
அதை ஜாதி ,மொழி என்று புனிதமற்று செய்வது சரியல்ல.

मैं कुछ सुधार और एकता की सलाह देने पर  नरेश कुमार ने लिखा मैं मुसलमान का चमचा;

நான் சில திருத்தங்களையும்  ஒற்றுமைக்கான
ஆ லோசனையும்   எழுதினால் நரேஷ்குமார் நான் முகலாயர்களின் தேக்கரண்டி என்று எழுதுகிறார்.

यह ऐसा लगता है  बन्दर को  बया ने उपदेश दिया तो उसने उसका घोंसला नष्ट किया;
குரங்கு தூக்கணங்குருவி உபதேசம் செய்ததும் கூட்டை நஷ்டப்படுத்தியதுபோல்  தோன்று கிறது  அவர் கூற்று.

पहले अपने को पवित्र रखना है; முதலில் நாம் நம்மை பவித்திரமாக வைத்துக்கொள்ளவேண்டும்.

धुल धूसरित मंदिर ,बदबू मंदिर  --தூசி நிறைந்த கோயில் .துர்நாற்றமுள்ள கோயில் .
मैं हिन्दू हूँ ,बीस हज़ार कीसुन्दर मूर्ति को समुद्र में फेंकनेवाले हिन्दू
अपने मंदिर को कूड़ा बना रखा है;

நான் ஹிந்து; இருபதாயிரம் அழகு சிலைகளை கடலில் எரிகின்ற  ஹிந்து ,தன்னுடைய கோயிலை குப்பைத் தொட்டி ஆக்கிஉள்ளான்.

एक सच्चा हिन्दू होने से  मेरा आदर्श और कर्तव्य यह लिखने की प्रेरणा दे रहा है.
ஒரு  உண்மையான ஹிந்துவாந்தால் என்னுடைய ஆதர்சமும் கடமையும் இதை எழுத தூண்டிக்கொண்டிருக்கிறது.

इन बातों पर ध्यान कीजिये. இதில் கவனம் செலுத்துங்கள்.

ॐ  श्री गणेशाय नमः;--ஓம் கணேசாய நமஹ

  ॐ कर्तिकेयाय नमः --ஓம் கார்த்திகேயாய நமஹ

ॐ नमः शिवाय --ஓம் நமஹ  சிவாய
ॐ दुर्गायै नमः ஓம் துர்காயை நமஹ

; ॐ हनुमंताय नमः -ஓம் ஹனுமந்தாயை  நமஹ

हरे राम हरे कृष्ण--ஹரே ராம் !ஹரே கிருஷ்ணா
तेरे भक्त मूर्ति विसर्जन छोड़ उस दिन में मंदिरों को  स्वच्छ पेशाब
 बदबू रहित के वातावरण बनाने -बनवाने की सद्बुद्धि दें.

உன்னுடைய பக்தர்கள் சிலை விசர்ஜனம் விடுத்து அந்த நாட்களில் தூய்மையான சிறுநீர் நாற்றமற்ற சூழல்  ஆக்கவும்
ஆக்குவிக்கவும்  நல்ல  அறிவைக் கொடுக்கவும்.

Monday, February 23, 2015

सुमार्ग --नलवली--अव्वैयार

अव्वैयार  -सुमार्ग --11 तो 15


11.


अव्वैयार कहती हैं :--

हे  पेट!एक दिन  का खाना  छोड़ दो तो  न छोड़ोगे;

दो दिन का खाना एक साथ लो तो न मानोगे ;

दुःख प्रद मेरे पेट!तू    मेरा दुख   न जानोगे !

मेरे  पेट !तेरे  साथ जीना दुर्लभ.



१२.

 नदी  तट  पर  के पेड़ गिर  पड़ेगा;

राज- भोग  का जीवन भी मिट जायेगा;
लेकिन कृषी ही ऐसा धंधा
  जिसका कभी न होगा पतन.

१३ 

इस  सुन्दर भू -गर्भ पर ,
जीने के लिए जो भाग्यवान पैदा हुए हैं ,

उसको कोई मिटा नही सकता;

मरनेवाले को कोई रोक नहीं सकता;

भीख माग्नेवाले को कोई  रोक नहीं सकता.

१४ .

भीख  माँगकर ,अपमानित  जीवन जीने  से 

मर्यादा की रक्षा  करते हुए  मरना  बेहतर है;

15.

नमः शिवाय   मन्त्र  जपते हुए ,

जो  जीते  है  न उनको  होगा कभी दुःख या डर;

शिव भगवान का नाम जपना  ही बुद्धिमानी है.
बाकी सब उपाय दुःख दूर करने   बुद्धिमानी  नहीं  है. 




Sunday, February 22, 2015

sumaarg--सुमार्ग --नल वली-अव्वैयार. ६ to१०

sumaarg--सुमार्ग --नल वली-अव्वैयार. ६ to१०

   सुमार्ग 


अव्वैयार तमिल कवयित्री का नलवली--संघकाल-ई.पू.-२वीन शताब्दी 


अव्वैयार  कहती है :---

एक व्यक्ति को उनके भाग्य  रेखा  के अनुसार 

जितना मिलना है ,उतना मिल ही जाएगा.

यही संसार में चालू है.
संसार में  लहरोंवाले समुद्र पारकर 

द्रव्य आदि कमाकर आनेपर 

वापस समुद्र तट पर  पहुँचने पर 

उतना ही आनंद या सुख मिलेगा ,
जितना मिलना है.

उससे अधिक  न मिलेगा.

तमिल में एक कहानी हैं --

दो व्यक्ति जैतून का तेल लगाकर 

रेतीले प्रदेश में लुढ़ककर उठे.

एक के शरीर पर ज्यादा रेत चिपके हुए थे,दुसरे के शरीर पर कम.

अतः प्रयत्न तो ठीक है,

पर फल उतना ही मिलेगा ,जितना मिलना था.

७.

नाना प्रकार से सोचो ,
कई प्रकार से अनुसंधान करो,
सामाजिक शस्त्र पर खोजो ,
यह शारीर नाना प्रकार के कीड़े  और 
अनेक प्रकार के रोगों का केंद्र हैं;

एक दिन ज़रूर प्राण पखेरू उड़ जाएगा.
इस बात को चतुर ,बुद्दिमान ज्ञानी जानते हैं.

अतः वे कमल के पत्ते और पानी केसमान संसार से अलग 

अनासक्त जीवन जियेंगे.
वे  माया जग नहीं चाहेंगे.
संसार से अनासक्त रहेंगे .
८.

अव्वैयार कहती है -

भूलोक वासियों! सुनिए!

बड़ी बड़ी कोशिशों में लगिए;

आपका  समय ग्रहों के अनुसार 

अनुकूल न हो तो 

आपके प्रयत्न में न मिलेगी कामयाबी.

यदि अपने प्रयत्न में सफलता मिल ही जायेगी तो भी 

मन चाही चीज न मिलेगी .

ऐसा मिलने पर भी स्थायी न रहकर 
वह अस्थायी होगी.
हमें  शाश्वत सम्मान देनेवाला इज्जत है.
मर्यादा की तलाश करके पाना ही  शाश्वत संपत्ति है.

९.

नदी के बाढ़ सूखने पर ,
रेतीली नदी  में पैर रखने पर धूप के कारण पैर जलेगा .

पर वहीं स्त्रोत से पानी निकलकर सुख पहुंचाएगा.

वैसे ही बड़े सज्जन  गरीब होने पर भी ,
जो उनसे मांगते हैं ,उनको नकारात्मक उत्तर न देंगे.

१० .

जो मर गया उसका जीवित आना असंभव.
रोओ,साल भर रोओ ;
रोना दुखी होना बेकार.

गाँठ बांधकर रखो --भूलोक वासियों !एक दिन 

आप की भारी आयेगी.

अतः जितना हो सके ,
उतना दान -धर्म देकर 
आप भी पेट भर खाइए .

avvaiyaar --nalvali --

Sethuraman Anandakrishnan

Shared publicly  -  10:45 AM

Sethuraman Anandakrishnan

Discussion  -  10:44 AM
 
मातृभाषा दिवस  के सन्दर्भ  में ,अव्वैयार ,तमिल कवयित्री के चालीस पद्य का गद्यानुवाद का  प्रयत्न किया गया है. आशा है ,हिन्दी भाषी इसका स्वागत करके अपनी रायें प्रकट करेंगे ; इनमें खूबी है तो  प्राचीन तमिल साहित्य का रसास्वाद कीजिये;

अनुवाद में भूलें हो तो समझाइये; टिप्पणी  आलोचना कीजिये जिससे मैं अपनी हिन्दी के भूलें समझ सकूँ. मेरे गुरु  प्रचारक प्रशिक्षण में ही मिले ;श्री गणेश मेरे माताजी गोमती ने और मामाजी ने किया;  आशा है हिन्दी भाषी भूलें हो तो समझायेंगे और मैं बुढ़ापे में  सुधर सकता हूँ. आज तक किसीने मेरी गलती नहीं बतायी हैं 
मेरे प्रचारक विद्यालय के गुरुवार राम्चान्द्रशाह ,ई.तंगप्पन जी ,श्री के.मीनाक्षीजी ,श्रीसुमातींद्र ,आदि के प्रति मैं आजीवन  आभारी हूँ.

    अव्वैयार --नल  वलि ----सुमार्ग --संघ-काल  ईस्वी पूर्व  दूसरी शताब्दी 

प्रार्थना गीत 
  गजवदन ! तेरे नैवेद्य के रूप में  ,
 दूध ,शुद्ध दही ,गुड-रस ,दाल  आदि मिश्रित 
पकवान दूंगी मैं;बदले में देना त्रि -तमिल
भौतिक ,संगीत और नाटक आदि तमिल भाषा ज्ञान देना.
   वर स्वरुप '"तमिल भाषा ज्ञान माँगना कवयित्री  के भाषा -प्रेम कीझलक है.

१. पुण्य-कर्म से मिलेगा सुख ,संपत्ति ;
   पाप  कर्म से होगा सर्वनाश;
  भू में जन्म लेनेवालों का खजाना तो 
  उनके पूर्व जन्म  के पाप-पुण्य कर्म फल ही;
 सोचकर अन्वेषण अनुशीलन करें तो ये ही सत्य है.
  बुराई तज,भला कीजिये .यही है जीवन के सुख की कुंजी.
२. संसार  में जातियां तो दो ही है;
एक  जो परोपकार ,दान -धर्म  और न्याय मार्ग  चलते हैं वे  ही 
उच्च जाति के मनुष्य  है;
जो  परोपकार  नहीं करते ,वे हैं निम्न जाति के लोग;
नीति ग्रंथों में यही बात हैं.
3. यह शरीर मिथ्या है,यह तो  वह थैली है ,
जिसमें स्वादिस्ट सामग्रीयां अन्दर सड़कर
 बदबू केरूप में निकलती है;
यह शरीर तो अशाश्वत है;
इसे स्थायी मत मानो ;समझो;
अतः  जो कुछ मिलते हैं 
उन्हें दान और परोपकार में फोरन लगा दो;
धर्म्-वानों को जल्दी मिलेगी  मुक्ति;
4.कार्य जो भी हो ,कामयाबी के लिए 
   भाग्य साथ देता हैं;
 जितना भी सोचो ; करो ;
 कामयाबी वक्त  और पुण्य कर्म पर निर्भर है;
इसे  न  समझकर प्रयत्न करना ,
उस अंधे के कार्य के समान हैं जो 
आम तोड़ने अपनी लकड़ी फेंकता है;

5.जिनता भी प्रयत्न करो,
   मांगो ,बुलाओ;चीखो ;चिल्लाओ ;
तेरी चाहों की वस्तुएं  न मिलने का सिरों rekha  है  तो 
कभी नहीं  मिलेंगी ;
जो चीज़ें नहीं चाहिए ,वे मिलना सहज है.
यह वास्तविकता न जान -समझकर दुखी होना ही 
अति दीर्घ काल से मानव -कर्म हो गया है.

क्रमश चालीस सुमार्ग अव्वैयार के सात दिन आयेंगे. 
आशा है हिन्दी जानकारी रखने वालों के लिए उपयोगी रहेगा 
तमिल  संघ साहित्य की जानकारी के लिए;

Thursday, February 19, 2015

திடமான நம்பிக்கை வையுங்கள்.

  

कहते हैं  ,सुख -दुःख के साथी भगवान ;சுகம் -துன்பத்தின் தோழன்  இறைவன் ---சொல்கிறார்கள்

दीन रक्षक ,दीन बंधु,दीन सहायक ,---தீன ரக்ஷக் ,தீன பந்து,தீனதயாளன் 

दुष्ट संहारक ,भक्त वत्सल ,--துஷ்ட சம்ஹாரன் ,பக்த வத்சலன் 

लेकिन उनके दरबार में  ---ஆனால்  அவன் அவையில் 

लोग सोचते हैं देरी होगी ;   தாமதமாகும் என்று மக்கள்  நினைக்கிறார்கள்.

देर करेंगे ; परीक्षा करेंगे ;  தாமதம் செய்வார் ; சோதனை செய்வார் .

वास्तव में तो बात ऐसी नहीं ,--------------------உண்மையில் விஷயம் இப்படி அல்ல.

सबको समय -समय पर कर्म -फल के अनुसार -  எல்லோருக்கும் ஒவ்வொரு காலத்திலும் வினைப்பயன்  படி  சுகமும் தருகிறார் 

सुख भी देते हैं    सीख  भी देते हैं ,-----பாடமும்  கற்பிக்கிறார்.

सतर्क करते हैं ,चेतावनी देते हैं ,  எச்சரிக்கையும்  தருகிறார்.உணர்வு பூர்ண எச்சரிக்கையும்.

फिर भी हम सतर्क नहीं होते ;  ---பிறகும்  நாம்  எச்சரிக்கையுடன் இருப்பதில்லை 

सद्यः फल के पीछे जरा पीछे हट्टे हैं , உடனடி பாலனுக்குப் பின்னால் கொஞ்சம் பின்னால் விலகுகிறோம்.

या धर्म कर्म छोड़ बैठते हैं या    அல்லது  தர்ம செயலை விட்டுவிடுகிறோம்.

अधर्म में ही डूब जातेहैं;    அதர்மத்தில்  மூழ்கிவிடுகிறோம்.

उनकी खतरनाक घंटी की आवाज़ नहीं सुनते;=அதனுடைய பயங்கர மணியின் ஓசை கேட்பதில்லை.

बुद्धि सुनने में साथ नहीं देती  ;===== அறிவு கேட்பதற்கு உதவி செய்வதில்லை .

समझकर भी फल की माया नहीं छोडती; புரிந்தும்  பலனின் மாயை விடுவதில்லை.

नशीली से होगी बीमारियाँ -यह डाक्टर  की सावधानी ;=போதையால் நோய்கள் உண்டாகும்  மருத்துவரின்  எச்சரிக்கை 
पियक्कड़ों की संख्या बढ़ती रहती हैं तो   सरकार तो केवल देखती आमदनी पर
குடிகாரார்கள்  எண்ணிக்கை அதிகரிக்கிறது ; அரசாங்கம்  வருமானத்தை மட்டும் பார்க்கிறது.
नागरिक पियक्कड़ बने या सर्वनाश ;குடிகாரன்  குடிமகன் ஆகிறானா  அல்லது சர்வநாசமா?

रंडी भी कमाती हैं   उससे बढ़कर  बदतर  सरकार  खुद शराब की दूकान चलाना;
வேசி சம்பாதிப்பதை விட  மோசமானது அரசாங்கம் மூலம் தானே சாராயக்கடை நடத்துவது.

विदेश के समय पाबंदी का पालन से दूर   அயல்நாட்டு நேரம் தவறாமை கடைபிடிப்பது அப்பால் 

प्रेम ,तलाक,नशीली में तो लेते हैं भाग ; காதல் ,போதை ,விவாகரத்தில் பங்கெடுக்கின்றனர்.

वहाँ तो भारतीय अच्छाइयों का पालन ;  அங்கு இந்தியாவின் நல்லவைகளை கடைப்பிடிக்கின்றனர்.

जब मैं गया तो बेटे ,बहुए ,पोते -पोती ,माँ -बाप से भरे परिवार देख   हैरान हो जाते हैं ; 
 மகன்கள் ,மருமகன்கள் ,பேரன் ,பேத்தி  அம்மா -அப்பா நிறைந்த  குடும்பம்  பார்த்து பிரமிக்கின்றனர்.


वे भी इनके पालन में लगना चाहते हैं ;   அவர்களும் இவைகளை கடைப்பிடிக்க விரும்புகிறார்கள்.

हम उनकी बुराइयां अपनाने में ,-------நாம் அவர்களின் தீமைகளை ஏற்பதில் 

पारिवारिक एकता तोड़ एकांत परिवार में  குடும்ப ஒற்றுமை உடைத்து  தனிக் குடும்பம் 

तब अच्छाइयों से दूर ,--எல்லா நல்லவைகளும் போக்கி  

आमदनी प्रदान ;-- வருமானமே  பிரதானம்.

एक दिन का बोतल ,हज़ार रूपये ஒருநாள் பாட்டில் .ஆயிரம் ரூபாய் 

अयोग्य के ओट .  தகுதியற்றவனுக்கு  வாக்கு .

देश कीचिंता नहीं ,  நாட்டின் கவலை இல்லை .

सोचो ; भगवान की  दी  बुद्धि पर , யோசியுங்கள்  இறைவன் அளித்த அறிவுப்படி 

हम चलते कहाँ;------------------------நாம் எங்கே செல்கிறோம்.

हमारी संस्कृति का पालन करते कहाँ ?-நாம் நமது பண்பாட்டை எங்கே கடை பிடிக்கிறோம்.

अब छोड़ो भगवान पर  आरोप  लगाना; ---இப்பொழுது இறைவன் மேல் குற்றம் சாட்டுவதை விட்டு விடுங்கள்.
अपनी गहरे मन की नेक रास्ता मानो ;--நீங்கள்  உங்கள் மனதின் நேர்மை வழியை ஏற்றுக்கொள்.

चलो  धार्मिक आध्यात्मिक मार्ग पर;--  மதம் ஆன்மீக வழியில் செல்லுங்கள்.

धन के लिए  अन्याय मत करो;-- பணத்திற்காக  அநியாயம் செய்யாதீர்கள் .

ऐसा काम मत करो जिसको चार लोगों के सामने  कहने में शर्म का एहसास हो;
நாலுபேருக்கு முன்னால் சொல்ல வெட்கம்  உணரும் செயலைச் செய்யாதீர்கள்.

ईश्वर के पुरस्कार -दंड अपने अपने कर्म पर निर्भर;   கடவுளின் வெகுமதியும் தண்டனையும் நம் வினையைச் சார்ந்தது,

कबीर के दोहे याद  रखो --                   கபீரின் தோகை நினைவில் வையுங்கள். 

आछे दिन पाछे गए अब हरिसे होत किया;       நல்ல நாள் சென்றுவிட்டது இப்பொழுது ஹரியால் என்ன நடக்கும்.
अब पछताते होत किया ,जब चिड़िया चुग गयी खेत;-பறவைகள் பயிர்களை கொத்தித்  தின்றபின் வருத்தப்பட்டு  என்ன பயன்.

ईश्वर ध्यान में लगो .--கடவுள் தியானத்தில் ஈடுபடுங்கள்.

अपने बारे में सोचो;  உங்களைப்பற்றி  சிந்தியுங்கள்.

सद कर्म में लगो ;   நல்ல செயலில் ஈடுபடுங்கள்.

काया होगा स्वच्छ ; உடல் தூய்மை ஆகிவிடும்.

मन होगा स्वच्छ ;  மனது பரிசுத்தமாகும்.

तेरे कर्म होगा स्वच्छ ;------உங்கள் செயல் பரிசுத்தமாகும்.

अपने मन को जो बुरा लगे ,--உங்கள் மனதுக்கு எது தீமையோ,

न्याय विरुद्ध लगे ,  நியாயத்திற்கு எது புறம்பானதோ 

उस काम में कभी मत लगाओ मन.  அதில் மனதை  ஈடுபடாதீர்கள்.

ईश्वर ते रे  साथ देगा ,  கடவுள் உங்களுக்கு உதவி செய்வார்,

इस पर रख दृढ़ विश्वास.--இதில் திடமான நம்பிக்கை வையுங்கள்.

Wednesday, February 18, 2015

கடவுளின் தண்டனை

ஹிந்தி கற்க ;-
ईश्वर कहाँ है तो सर्वत्र हैं. ஈஸ்வர் கஹான் ஹை டு சர்வத்ர,

கடவுள் எங்கிருக்கிறார் என்றால் எல்லா இடங்களிலும்.

भारत में तो पेट के नीचे பாரத் மேன் டு பேட் கே நீசே --இந்தியாவில் மரத்திற்குக் கீழே 

,
फुटपाट पर ,गली गली में मंदिर हैं .புட் பாத் பர்,galiகலி கலி மேன் மந்திர் ஹைன் 

.நடைபாதையில் ஒவ்வொரு தெருவிலும் கோயில்கள் இருக்கின்றன.
इन मंदिरों से घेरे भारत में भी भ्रष्टाचार , இன் மந்திரோன் சே கேரே பாரத் மென் ப்ரஷ்டாசார் .

இந்த கோயில் கள் சூழ்ந்த பாரதத்தில் ஊழல் .

कालाधन ,रिश्वतखोर हैंr காலாதன் ,ரிஷ்வத் கோர் ,

கருப்புப்பணம் லஞ்சம்
भगवान किसी को प्रेरित कर --பகவான் கிஸீ கோ பிரேரித் கர்-

கடவுள் யாரையோ தூண்டி

धर्म-स्थापित करने ,தரம் ஸ்தாபித் கர்னே -தர்மத்தை நிலைநாட்ட

सत्य ,ईमानदारी , दान -पुण्य के लिए சத்ய,ஈமான்தாரீ.தான்-புண்ய கே லியே
 உண்மை ,நாநயம்தானம் புண்ணியம் ஆகியவற்றிர்க்காக

मंदिर धर्म-शाला आदि स्थापित करवाते हैं. மந்திர் தர்ஷாலா ஆதி ஸ்தாபித் கரவாதே ஹைன். 

கோயில் தர்மசாலை முதலியவற்றை ஸ்தாபிக்க வைக்கிறார்.

फिर भी देश की तीस-पैंतीस जनता तो धर्म -भ्रष्ट , பிர் பீ தேஷ் கீ தீஸ்-பைந்தீஸ் ஜனதா தோ தரம் பிரஷ்ட 

பிறகும் முப்பது நாற்பது சதவிகிதம் தர்மத்தை விட்டு விடுகின்றன .

चालीस प्रतिशत तटस्थ जनता , சாலீஸ் பிரதிசத் தடஷ்த் ஜனதா 

நாற்பது சதவிகிதம் நடு நிலையான மக்கள் ,

पच्चीस प्रतिशत दीवार पर की बिल्ली ,डाँवाडोल, 

பச்சீஸ் பிரதிசத் தீவார் பர கீ பில்லி டாவ்வாடோல்

இருபத்தைந்து சதவிகிதம் மதில்மேல் பூனை ,ஆட்டம் அசைந்து தருபவர்கள்

यदी इतने मंदिर ,इतने मस्जिद ,इतने गिरिजा न हो तो भारत पुराणों जैसे असुरों के शासकों का देश हो जाएगा.

யதி இத்நே மந்திர் ,இதனே மஸ்ஜித் இதனே கிர்ஜே ந ஹோ தோ, பாரத் புராநோன் ஜெய்ஸ் அசுரோன் கே ஷசகோன் கா தேஷ் ஹோ ஜாயேகா.

இவ்வளவு கோயில் ,சர்ச் ,மசூதி இல்லை என்றால் பாரதம் புராணங்களில் உள்ளபடி அசுரர்களின் ஆட்சியாளர் உள்ள நாடாக ஆகிவிடும்

ईश्वर सुरक्षित देश हमारा . ஈஸ்வர் சுரக்ஷித் தேஷ் ஹமாரா --

கடவுளால் பாதுகாக்கப்பட்ட நாடு நம்முடையது.

मैंने सोचा मंदिर तो एक कारपोरेट कंपनी हैं, மைனே சோசா மந்திர் டு கார்பொரேட் கம்பனி ஹாய்,

நான் கோயில்கள்கார்ப்பரெட் கம்பனி என்று நினைத்தேன் 

वास्तव में ईश्वर सर्वत्र अपने मंदिर ,मस्जिद ,गिरिजा बनकर
उचित दंड देने निगरानी कर रहा है;

வாஸ்தவ் மேன் ஈஸ்வர் சர்வற்ற அப்னே மந்திர் ,மஸ்ஜித் சர்ச் பந்வாகர் நிகரானி கர் ரஹா ஹாய்

உண்மையில் கடவுள் எல்லா இடங்களிலும் கோயில் ,மசூதி ,சர்ச் கட்டுவித்து தகுந்த 
தண்டனை தர மேற்பார்வை செய்து கொண்டிருக்கிறார்.

देखता हूँ ईश्वर की लीला ,தேக்தா ஹூன் ஈஸ்வர் கீ லீலா . 

கடவுளின் லீலையைப் பார்க்கிறேன்.

असंतोष मानव जीवन , அசந்தோஷ் மாணவ ஜீவன் = மன நிரைவற்றை மனித வாழ்க்கை

दिखावे के लिए अमीरी जीवन; திகாவே கே லியே அமீரி ஜீவன் ,

வெளித்தோற்றத்திற்கு பணக்கார வாழ்க்கை

अकेले रो रहे हैं भ्रष्टाचारी नेता गण. धार्मिक आचार्य ;
அகேலே ரோ ரஹே ஹைன் பிரஷ்டாசாரீ நெதாகன் ;தார்மிக் ஆசார்ய.

ஊழல் தலைவர்களும் தர்மாசாரியர்களும் தனிமையில் அழுதுகொண்டிருக்கிறார்கள்.

धन हैं ; अदालत में अपराधी ; தன் ஹை;அதாலத்மேன் அபராதி ;

பணம் இருக்கிறது .நீதிமன்றத்தில் குற்றவாளி
ये ऐसे अपमानित जीवन पेट के बल पर गिरने पर भी 

मूंछ पर मिट्टी न चिपका --तमिल् कहावत सा जीवन;-
ஏ ஐசே அபமானித் ஜீவன் ,
பேட் கே பல பர் கிர்நே பர பீ மூஞ்ச் பர மிட்டீ சிப்கா நஹீன்;

இது ஒரு அவமான மான வாழ்க்கை .தமிழ் பழமொழி போன்று குப்புற விழுந்தாலும் மீசையில் மண் ஒட்டவில்லை என்பது போன்று.

पेट के बल पर गिरने पर भी
मूंछ पर मिट्टी न चिपका --तमिल् कहावत सा जीवन;

यह है सावधान मनुष्य ! இது மனிதனுக்கு எச்சரிக்கை.

पैसे के बल ओट खरीद सकते हैं , --பண பலத்தால் ஓட்டு வாங்க முடியும்.

जीत सकते हैं ,-- வெற்றி பெற முடியும்

पर आँसू एकांत में रोक नहीं सकते.
ஆனால் தனிமையில் கண்ணீரை தடுக்க முடியாது.
रोक नहीं सकते.
यही ईश्वरीय दंड . 
இதுதான் கடவுளின் தண்டனை.