Tuesday, October 30, 2012

शादी एक पवित्र बंधन है. कब से ?

शादी एक पवित्र बंधन है. कब से ? मानव  सभ्य बन्ने के बाद. पाषाण युग  के बाद. ज्ञान  प्राप्ति के बाद.  मनुष्य समाज  में मनुष्यता आने के बाद. पाश्चात्य देशों में  इसका कोई ठोस बंधन नहीं है. कारण वे विज्ञानिक है.
उनका जीवन सैद्धांतिक  और प्रायोगिक  आधार पर है.  भारत में सिद्धांत  का जितना महत्त्व है,उतना  प्रायोगिक का नहीं; सरकारी  पाठशालाओं में विज्ञान सिखाते हैं,जहाँ  प्रायोगिक वर्ग नहीं है;वहां प्रयोग शाला भी नहीं है.
कोरे सिद्धांत  काम का नहीं है. आधुनिक युग में ज्ञान  का विस्फोट हो गया.इतना सोचता हैं,कि देवकी और vasudev  को अलग-अलग कोठी में रखें तो कृष्णा का जन्म ही नहीं होता. या गर्भ-पात का दवा देता रहता.एक बच्चे का जन्मा लेना ,उसे मारना  यह तो प्रायोगिक नहीं है; राम का जन्म भी आजकल का  स्पर्म बैंक का पूर्व रूप. अतः शादी सभ्यता का बंधन है;  संयम  की जरूरत हैं. वह तो प्राकृतिक उत्तेजना है. ब्रह्मचारी  का पाठ  रुष्य श्रुंग को सिखाया गया;केवल सैद्धांतिक ;प्रयोग में असफल ही रहा. साmaaजिक  बंधन ,क़ानून तोड़ना आजकल एक डाकू और एक खूनी,एक भ्रष्टाचार मंत्री के लिए आसान है तो  ईश्वर की दी हुयी प्राकृतिक इच्छा को अपने संयम से या कोई धार्मिक या जाति  बंधन से  दबाना  असंभव है;इसीलिये  जब शादी की उम्र बढ़ाई गयी  तब से  बलात्कार,तलाक,शादी के बाद दुसरे पुरुष से सम्बन्ध,दूsरी स्त्री के सम्बन्ध से अपनी पत्नी की हत्या,दूsरे पति या पुरुष से सम्बन्ध रखकर अपने पति की ह्त्या ये सब हो रही है. यह तो आजकल की बात नहीं है; बिना पिता के बच्चे का जन्मा होना ईसाई धर्म में है;संत कबीर की जीवनी में है.शीरड़ी  के जीवन में है.महाभारत में तो पुत्रोत्पत्ति कैसे हुई,इसकी चर्चा करना देव्निन्दा है. आधुनिक बुद्धिबल  बहुत सोचता है. अतः हमारे पूर्वजों  ने सोच समझकर समाज कल्याण के लिए सयानी होने के पहले ही शादी की व्यवस्था  बना रखीं है.उसमें केवल पुरुषों के लिए दूसरी शादी करने की अनुमति  है. इसे नारी को भी लागू करने पर  शादी की उम्र १५ साल ही उचित है,जिससे बलात्कार कम होगा.इतना ही नहीं ,तीस साल की उम्र अंग शिथिल हो जाता है. मानसिक नियंत्रण या हस्त मैथुन पुरुषों में हीनता प्रवृत्ति लाती है; परिवार में अशांति,पति-पत्नी में झगडा,गैर पुरुष सम्बन्ध ,तलाक  आदि. देवदासी  प्रथा,बहु पत्नी ,बहु-पति ये सब हामारी पौराणिक कथाओं में,पुरानों में,इतिहास में है. कम उम्र की शादी  से मोहनदास करमचन्द की जीवनी तरक्की हुई.विवाहिक जीवन में वे सानंद रहे; जब परिवार में पति-पत्नी दोनों में संदेह का ज्वार-भाटा होता  रहता है,वह मनुष्य जीवन के सर्वांगीण विकास में बाधक रहेगा ही.  आजकल यही हो रहा है तनाव मय  पारिवारिक जीवन.

Sunday, October 28, 2012

क्या मायन के अनुसार दुनियां का विनाश होगा?



क्या  मायन  के अनुसार दुनियां का विनाश होगा?

  कहा जाता है कि  दिसंबर 21,2012 के दिन  संसार  का नाश होगा?
जब यह किम्वदंती फैली,कुछ लोग चिंता मग्न हो गये।
कहा गया है कि ये मायन लोग अति प्रतिभाशाली  थे।
उन्कीदैनिकी के अनुसार दुनिया में प्रलय होगा।

वास्तव में यह दुनिया नश्वर  है।
 परिवर्तनशील है।
 मनुष्य  चतुर,चालाक है।
  फिर भी उनकी मृत्यु निश्चित  है।
संसार तो रहेगा ही।
 मनुष्य जो बुद्धिजीवी  है,उसी के कारण  वनस्पतियों  का ,पशु-पक्षियों का विनाश होगा। भूमी गरम होगी।
जल,थल, वायु का प्रदूषण होगा।
 इस प्रकार  प्राकृतिक विकार के कारण अतिवृष्टि होगी  या अनावृष्टि होगी।बरफ पिघलेगा। भूकंप होगा।धरती सूखेगी। यह तो बुद्धिमान   मनुष्य  का  कर्म-फल है।उसीको भोगना  पड़ेगा।
दूसरा  चतुर मनुष्य अपने लोभ के  कारण  या  अहम् की भावना  लेकर आपस में कट  मरेगा।लूट-मार-डकैती के  कारण मरेगा।कुर्सी केलिए   मरेगा। पद के  लिए मरेगा।पदोन्नति केलिए मरेगा।जाति  के नाम से धर्म -सम्प्रदाय केनाम से कट मरेगा।
देश की सीमाओं केलिए ,दुसरे देशों के व्यवहार में भाग लेकर मरेगा।आजादी के लिए ,अपने हक केलिए मरेगा।
सर्वशक्तिमान  ईश्वर की लीला निराली है।
ईश्वर ने  केवल मनुष्य को सोचने की शक्ति दी है ।वही भले-बुरे का पहचान सकताहै। फिर भी वह  अत्याचार  करता है;अन्याय करता है;खून करता  है।डाका डालता  है।भ्रष्टाचार करता है।
ईश्वर  या  प्राकृतिक दंड से कोई भी बच नहीं सकता। यज्ञ होम-हवन ,जप-तप  जो  भी हो ,उसको  किये कुकर्मों से नहीं बचाएगा।
अतः  मनुष्य के कारण  प्रकृति अपना संतुलन खो बैठेगा।
पीढी     दर पीढ़ी  संताप  सहते रहेंगे।

जब उनका कृत्य  अत्याचार और्  प्रकृति के विरुद्ध 
अपनी चरम सीमा पर 
पहुँचेगा ,तभी संसार का विनाश होगा।

आज भी संसारमें  न्यायप्रिय लोग रहते हैं;प्रदूषण से प्रकृति को बचाने के प्रयत्न  में हैं।  ईश्वर के भरोसक  हैं। आज भी संसार बिगड़ा  नहीं  है।
संसार में जब तक अच्छे लोग रहेंगे,तब तक संसार का  विनाश नहीं होगा।
70%अच्छे  हैं। 
प्रतिभावान,जो   संसार को सद-मार्ग 
 दिखाकर  जल्दी मिट जाते हैं।
उसको अपनाना या छोड़ना  सोच-समझ रखनेवाले मनुष्य पर निर्भर  है।
विनाश काले विपरीत बुद्धि जब आएगी,तब संसार रहेगा,पर जल-प्रलय होगा।
यह तो मनुष्य पर अवलंबित  है। 






Wednesday, October 24, 2012

o. हिंदी-तमिल सीखो

hindi-tamil seekho.  हिंदी-तमिल सीखो


नान पाडिक कोंडु इरुक्किरें।==मैं गा रहा हूँ।

नान विलैयाडिक  कोंडु इरुक्किरें।=मैं खेल रहा हूँ।

नान साप्पिट्टूक  कोंडिरुक्किरें।=मैं  खा रहा हूँ।

नान पेसिक्कोंडू  इरुक्किरें।=मैं  बोल रहा हूँ।

नान  सिनिमा  पार्त्तुक कोंडु  इरुक्किरें==मैं  सिनेमा देख रहा हूँ।

Tuesday, October 23, 2012

सामन्य जनता के लिए तीर्थ है;प्रार्थना है;उपवास है; जपहै; तप है;




हम लिखते हैं  आजकल की राजनीति केअत्याचार, भ्रष्टाचार, खून,बेरहमी;नमक हलाल आदि पर।


आज नवरात्री;दीपावली;सूर संहार,महिषासुर वर्द्धिनी;मोहिनी अवतार;
कृष्ण अवतार,वामन अवतार; मुहर्रम ,ईस्टर;

ये धार्मिक त्यौहार।सिखाते हैं हमें;
अन्याय और शासक धनियों के विरुद्ध 
सामान्य व्यक्ति लड़कर जीत नहीं सकता।
ईश्वरीय शक्ति खुद लड़कर नाश करता है।
शासक तो अपनी कुर्सी की रक्षा के लिए सब कुछ कर सकता है।
उसमें बल है;दल हैं ;अधिकार हैं;
सामन्य जनता के लिए तीर्थ है;प्रार्थना है;उपवास है; जपहै; तप है; 
संताप है।यहीं भोले भाले   दुर्बल लोगों को ईश्वरीय देन  है;
अतः मंदिरों  में  भीड़ अधिक हैं;












Monday, October 22, 2012

कार्यान्वित करने का; सोचो;जागो;करो देश की रक्षा।


दक्षिण  -उत्तर 
दक्षिण उत्तर दोनों  कम नहीं भ्रष्टाचार में।

आन्ध्र -कर्नाटक -तमिलनाडु  
तीनों में ग्रेनेट   में लाखो करोड़ों का भ्रष्टाचार।
सब में मिले हैं अधिकारी।
अधिकारी बेचारा क्या करता।
उन्हें बदमाशों की धमकी।
पुलिश अधिकारियों की धमकी।
स्थानीय शासक दल की धमकी 
मंत्री की धमकी ,मंत्री पुत्रों की धमकी।
इन् धमकियों  के साथ -साथ उनके 
कुटिम्बियों  को भी धमकी।
देश प्रेम  जब शासकों को नहीं,

लाखों के रुपए का भ्रष्टाचार 
 तो मंत्री नहीं कर सकता।
करोड़ों के रूपये एक ओर।

भोले भाले 6,00,000  लाख हर साल के वेतन 
पानेवाले अधिकारी।
अधिकारी  को दंड मिला है .
क्या करोड़ पतियों को मिला है दंड।
जेल में भी राजमहल की सुविधाएं।
एक साधारण कैदी ,आय कर नहीं ;तो 
जेल जीवन हाय!हाय!
आयकर रसीद हो तो जीवन आराम।
खून करो;रेप करो;
प्रथम श्रेणी जेल में।
मंत्री जेल गयी तो जेल का पुनर्निर्माण 
वातानुकूल भरा।
पुलिस को देखकर डरते नहीं;
जेल यात्रा सुख-चैन की यात्रा।
गाना सूना है:
गांधी जेल में, भगवान कृष्ण का जन्म जेल में।
जैल्जाना आना "त्यागी की उपाधि पाना;
केन्द्र  सरकार का  क़ानून तोड़ो;
राज्य सरकार त्यागी की उपाधि देगी;
संविधान के विरुद्ध  बसें जलाओ ;रेल जलाओ 
प्रांतीय दल त्यागी पेंशान  देगी;
इसके विरुद्ध अदालत में भी इन्साफ नहीं मिलेगा।
केंद्र हमारा;राज्य आपका।
इंदिरा की नीति।
तमिलनाडु अपनी अलग नीति;
प्रांतीय सरकार राष्ट्री धारा पर नहीं बहेगी।
अखंड भारत में खंड  की संभावना।
समुद्रतट कीसुरक्षा में केंद्र सरकार दखल 
इसमें भी मत भेद।
पूरे राष्ट्र में प्रांतीय मोह;
प्रांतीय शिक्षा ;प्रांतीय अधिकार।
मैनारिटी ;मेजारिटी;
अखंड भारत।
देश की एकता खतरे में;
इसकी चिंता करते नहीं तो 
देश में चैन होगी नहीं।
स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग 
आत्मा बलिदान 
केवल बोलने का नहीं;
कार्यान्वित करने का;
सोचो;जागो;करो देश की रक्षा।




तमिल हिंदी सीखिए गिनती ।संख्या

तमिल  हिंदी सीखिए

गिनती ।संख्या

मुक्काल =पौना

ओन्ने मुक्काल =पौने दो
इरंडे मुक्काल=पौने तीन
मुने मुक्काल=पौने चार
नाले मुक्काल= पौने पाँच

ऐनते मुक्काल =पाने पाँच

हिंदी  में एक संख्या  अधिक कहते  हैं।उससे पाँव  कम करना है।

तमिल् में  मुक्काल पौना है .उसकी आदिमें उपसर्ग के सामान संख्या लिखनी है।


  1. ओन्रु =एक 
  2. इरंडू =दो 
  3. मून्रु =तीन 
  4. नानगु =चार 
  5. ऐन्तु=पाँच 
  6. आरू=छे 
  7. एलू =सात 
  8. एट्टू =आठ 
  9. ओन्पतु =नौ 
  10. पत्तू =दस 


Saturday, October 20, 2012

குற்றங்கள் . நடந்த வண்ணமாக உள்ளன. அதை பாரத மக்கள் மதியால் வெல்வார்களா//??

விதி  என்பது வலியது என்றனர்.---சிலர்
விதியை  வெல்லலாம் என்றனர்.

மதி எல்லாம் அதிக பட்சம் குற்றங்கள் 
புரியவே?
மதிமயக்கும் விதி என்பர்.
அதனால் தான்  ஊழல் புரிந்தோர்,
ஊழலின் எல்லைக்கே சென்று--இன்று 
செய்தித் தாளில் நீ ஊழல் -நான் ஊழல்,
அவன் ஊழல்,ஊழல் ஊழல் என்று சொல்பவனும் 
ஊழலுக்குத் துணை போவோர் சிலரின் 
ஊழலை மறைப்பதாகக்  குற்றச்சாட்டு.
குற்றம்புரிந்தவன்  வாழ்க்கையில்  
நிம்மதி  எது?
ஆனால்விதி மதியை மயக்கி 
மேலும்மேலும் குற்றங்கள் .
நடந்த  வண்ணமாக உள்ளன.
அதை பாரத மக்கள் மதியால் வெல்வார்களா//??

அல்லது  விதியென  துன்பங்களை  அனுபவிப்பார்களா/
அப்படித்தானே அயலார் ஆட்சியையும்
இப்பொழுது  மன்மொஹன்சிங்கை ஆட்டிவைக்கும்
தலைவியையும் ஏற்று வாக்களிக்கின்றனர்.

हममें ईश्वर की असली श्रदधा होती, तो ईश्वर की कृपा के लिए एक एजंट नहीं चाहते।

आज की खबर है कि  एक साधू  ने  अपनी भक्ता  को
 चरणामृत  के नाम से नशीला पेय पिलाकर गैंग रेप  कर दिया।
बार- बार ऐसी  खबरें आती  हैं।
 ऐसे  आश्रम की सूची  प्रेमानान्दा,चतुर्वेद शास्त्री,नियानान्दा   ,आसाराम  आदि।
और भी कईं मंदिरों में भी प्रायश्चित्त के नाम से
 महिलायें अपने-तन-धन  को कलंकित करती हैं।

महिलायें भारत की , 
आदी  काल से संयासी  के पीछे धोखा खाती रहती हैं।
 रामायण की कथा तो सीता सन्यासी
की बात को  बड़ा मानकर  
लक्ष्मण रेखा पार कर गयी तो रावण उठाकर ले गया।

बड़े आविष्कारक  की जीवनी पढिये।
वे अपने अथक परिश्रम के कारण ही रेडियो ,वायुयान,बल्ब,बिजली आदि का 
आविष्कार कर चुके हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की पढाई नहीं की।
मुहम्मद्नबी,भगवान  बुद्ध ,महावीर ,शंकराचार्य,रमण महर्षि,रामकृष्ण परमहंस,ईसा मसीह  आदि सीधे ईश्वर के भक्त थे।

वाल्मीकि,तुलसीदास,पुरंदरदास,मीरा,आंडाल,आदि सीधे ईश्वर के संपर्क में रहे।

सिकंदर    दंडियायन  से मिले तो आचार्य नंगे बदन  सर्दी में  तेजोमय   थे।

उन्होंने सिकंदर   से भेजे सोना चांदी, गरम कपडा ठुकरा दिया।

ऋषि  -मुनि पर्ण कुटीर में थे। 

जो सच्चे थे ,वे चले गए।

 अर्धनग्न -लंगोटी पहनकर।

. उनके पीछे जो उनके चेले आये ,दीक्षा देने  रुप्येमांगने लगे। 

अपने मठों  में सोना-चांदी-हीरे रूपये जमा करने लगे।

 आधुनिक सुविधाओं से भरे आलीशान आश्रम बनाने लगे।

 मैंने  अखबार में पढ़ा  कि  एक आश्रममें 76 शयनागार है, ;


वहाँ  का बिस्तर  बहुमूल्य  हैं।

  वे स्वर्गीय प्रधान मंत्री के गुरु थे।

जहाँ   बहुमूल्य हैं, आना जाना वहाँ   मंत्रियों  का सहज है।

 जहाँ  चाँदी  की चिड़ियाँ है,वहाँ  सब बुराइयाँ होंगीं।

ये महिलायें   सद्य-फल प्राप्त करने 

भगवान से  बढ़कर  इन नकली  

साधू संतों को बड़ा मानती हैं।

कबीर के जमाने के गुरु,

आजकल के गुरु में बड़ा फर्क हैं

आज वेतन भोगी गुरुओं  का  यूनियन  है।

आज गुरु-चेला दोनों नकली हैं।

कलियुग में श्रद्धा से अपने घर में ही नाम जप करो।

तुलसी ने लिखा है- जड़-चेतन,गुण-दोष मय  वस्तुओं को  ईश्वर ने बनायाहै।  

केवल राम नाम लो।

सूर ने कहा-अंधे को आँख।

गूंगे कोबोलने की शक्ति,

लंगडे  को चलने की शक्ति,

दरिद्र को राजा बनाने कीशक्ति ईश्वर में है। 

ईश्वर  की प्रार्थना करो।केवल  ईश्वर की।

कबीर ने कहा -मेरे भगवान की भुजाएं अनंत  हैं। 

लाली मेरे लाल की जित  देखो  तित लाल।

अतःईश्वर के  अनुग्रह की तलाश में कहीं मत जाओ।

रैदास  की  कहानी  सब जानते हैं।

 चमार के काममें लगाव था।

गंगा में नहीं नहाया। फिर भी ईश्वर की कृपा मिली।

इतने प्रयक्ष  कहानियाँ होने  पर भी  

महिलायें साधू के आश्रम में जाकर कलंकित है तो  यह उनकी बेवक़ूफी है।

भक्त ध्रुव,भक्त प्रहलाद,दक्षिण के कन्नप्पन, आण्डाल ,आदि  तो ईश्वर के भक्त थे।

उन्होंने किसी कीशागिर्दी नहींकी।



हममें ईश्वर की असली श्रदधा होती, 

तो   ईश्वर  की कृपा के लिए एक एजंट  नहीं चाहते।













































तमिल-हिन्दी सीखो - संख्याएँ = गिनती भिन्नांक


नान   ओन्पतु  मनिक्कू  अलुवलकम   सेल्किरेन ==मैं  नौ  बजे  दफ्तर जाता हूँ .

नान   ओन्पते   काल   मणिक्कू   कालै   चिट्रूणडि   साप्पिडुकिरेन =मैं सबरे  सवा नौ बजे नाश्ता  खाता हूँ।

नान कालै   आरे काल मनिक्कू  काफी  अरुंदुकिरें .==मैं सबेरे  सवा छे  बजे  काफ़ी   पीता हूँ।

काल =पाँव 
 
ओन्ने  काल= सवा 
 
इरंडे काल=सवा दो।
 
म़ूने  काल=सवा तीन।

नाले काल=सवा चार
ऐन ते   काल== सवा पाँच .


अरै =आधा

ओन्नारै=डेढ़

इरंड रै = साढ़े   दो।

मून्ररै =साढे  तीन

नालरै=  साढ़े  चार

ऐन्तरै = साढ़े   पाँच



 

Wednesday, October 17, 2012

हमारे साथ कभी माया है तो कभी ममता है।


अपराधी  हम नहीं हैं।
हम हैं शासक या भावी शासक।

अन्ना  हज्जारे,केजरीवाल ,
   हम  पर आरोप  लगाते  हैं।
मैं  कांग्रेस  दल में हूँ।
हमारे  स्थायी अनुयायी है।

वह भारतीय जनता दल में हूँ।
उस के स्थायी  अनुयायी हैं।

हमारे साथ  कभी  माया है  तो
कभी  ममता है।
कभी लाल है तो
कभी यादव है।
अतः  हम सब बनते हैं
सांसद;  विधायक।
क्या थोड़े ही हम अपराधी हैं?
मतदाताओं  में  बदल-बदलकर
माया-या   ममता
अक्सर घेर लेती हैं।
हम बनते हैं  शासक।
अपराध हम नहींकरते।
मतदाता अपराध  करते हैं।
भोगते  हैं कष्ट .
हम सुखी हैं।
अतः  हम हैं भाग्यवान।
जो कष्ट भोगते हैं ,
वहीं पापी है।
हम अपराधी हैं नहीं;
हम है पुण्यात्मा।
हमें बिजली का कष्ट नहीं है।
हमारी सड़कें पक्की हैं।
हमारे  लिए इलाज  की कमी नाहीं।
महंगाई की चिंता नाहीं।
चिंताएं उनको सताती हैं ,
जो अपराध करते हैं;
वे ही बेचारे मत दाता।

Monday, October 15, 2012

तमिल हिंदी सीखो



राम  तेज़ लड़का है।  तेज़  लड़का  =विशेषण  पद्बंद।

घोडा  तेज़ दौड़ता है।   तेज़ दौड़ता है  क्रिया विशेषण  पद-बंद।



     
तमिल हिंदी  सीखो

  उडल  उरुप्पुकल===शरीर के अंग


  1. तलै =सिर 
  2. नेट्री  = माथा 
  3. कण =आँख 
  4. मूक्कू =नाक 
  5. कातु =कान 
  6. पल =दाँत 
  7. नाक्कू=जीभ 
  8. पुरुवम =भौहे 
  9. मार्पू=छाता 
  10. वयिरू=पेट 
  11. मुतुकु =पीट 
  12. कै =हाथ।
  13. काल=पैर 
  14. विरल =उंगली 
  15. तोडै=जाँग 
  16. मुकम =मुख 
  17. वाय =मुंह  

तमिल-हिंदी सीखो






तमिल-हिंदी सीखो।

उनक्कू   एत्तनै  वयतु =तुम्हारी उम्र  कितने वर्ष की है।

एन्क्कू अरुपतु वयतु। =मेरी उम्र  साठ  साल  की है।

उन्नुडैय  मकनुक्कू एत्तनै   वयतु।=तुम्हारे बेटे की उम्र कितने वर्ष की है।

एननुडैय  मकनुक्कू  मुप्पतु  वयतु .=में बेटे की उम्र तीस वर्ष की है।

उन्नुडैय  पेरनुक्कू वयतु  एन्न? =तुम्हारे पोते की उम्र किन्त्नी है?
एन्नुडैय  पेरानुक्कू 5 वयतु।=    मेरे पोते की उम्र  पाँच  साल का है।

तुम बनो वीरांगना।

रोज़ अखबारों में गैंग  रेप का समाचार आता है;
अतः 

हे नारी।
तुम सबला हो।
आदि काल से  सबला 
मानकर ही 
तुम को "शक्ति " मानी है 
संसार ने।
लेकिन 
भूमाता  कहकर 
सहनशील  मान रहा है।
तुम्हारे भू खंड में 
पुरुष  समा जाता है।
फिर भी रोज़ समाचार आते हैं 
तुम पर कर रहे हैं 
बलात्कार।
गांधीजी ने कहा ,
दांत और नाखून को 
बनावो हथियार।
ये बलात्कार के पुरुष 
छे महीने का दंड  भोगकर 
आ जाएगा बाहर।
जानो-पहचानो 
उन बदमाश  दलों को 
ठुम भी अपनी रक्षा का दल 
बनाओ .
कायर बनकर आत्मा हत्या 
मत करो।
कुंती का नमूना लो।
महाभारत को मानो।
उन् बद्माशों का लिंग काट डालो।
समाचार पड़ा 
गेंग रैप करनेवालों को 
पुलिस नहीं पकडती।
राजनैतिक नेता करते हैं 
उन बदमाशों का समर्थन।
तुम बनो महिषासुर वर्द्धिनी।
तुम लो मोहिनी अवतार।
तुम बनो वीरांगना।
वारांगना बन्ने से बचा लो अपने को।


Saturday, October 13, 2012

विभक्ति =वेटरुमै उरुपू learntamil-hindi

विभक्ति =वेटरुमै  उरुपू 

आल,ओडू ,उड़न,इरुन्तु ,काटटिलूम,(विड ) ==से 

1.पेनावाल  एलुतु =कलम से लिखो।

  2.  रामानोडु विलैयाड़ू =  राम से खेलो।

3.  वीटटिलिरुन्तु  वनतान =घर से आया।

 4.रामनैविड  पेरियवन=राम से  बड़ा है।

Friday, October 12, 2012

तमिल -हिंदी सीखो।विभक्ति मेल=पर

तमिल -हिंदी सीखो।

विभक्ति 
वेट्रू मै   उरुपू 

मेल=पर 

मेजैयिन  मेल पुत्तकम इरुक्किरतु= मेज़ पर किताब है।

मरत्तिन  मेल  किलि  उटकार्न्तिरुक्किरतु =
पेड़ पर तोता बैठा  है।

Thursday, October 11, 2012

तमिल-हिंदी सीखो विभक्ति

तमिल-हिंदी  सीखो

वेट्रूमै   उरुपू।
विभक्ति


विभक्ति 

இல் ,इल =में 

கையில்=कैयिल =हाथ  में 
कैयिल पेना  उल्लतु=கையில் பேனா உள்ளது.=हाथ में कलम है।

अलमारियिल  नहै  उल्लतु =அலமாரியில் நகை உள்ளது.=अलमारी में आभूषण है।

वीटटिल  यार -यार इरुक्किरारकल  =வீட்டில் யார்-யார் இருக்கிறார்கள்.-घर में कौन -कौन हैं।

हिंदी में "यार" का अर्थ दोस्त है।
तमिल् में यार का  अर्थ कौन है।?
तमिल और हिंदी मिलाकर बोलेँ  तो 
यार यार?दोस्त कौन है?
हिंदी में दोस्त!दोस्त!
भाषा कितना विचित्र  है?!

Wednesday, October 10, 2012

तमिल -हिंदी सीखो कारक-चिन्ह


தமிழ்-ஹிந்தி கற்றுக்கொள் 

तमिल -हिंदी सीखो 

कारक-चिन्ह 

उडैय =का ,के,की 

रामन+उडैय  = रामानुडैय 

रामनुडैय    अप्पा   वरुकिरार= राम के पिता आते हैं।

रामानुडैय   तम्बी  वरुकिरान== राम का  छोटा  भाई आता  है।

रामनुडैय   अक्काल  वरुकिराल।= राम  की बड़ी बहन आती है।

 क्कु = को 
रामन +उक्कु =रामनुक्कू।
रामनुक्कू =राम को 

रामानुक्कू पत्तु  रूपाय  कोडु  .==राम को दस  रूपये दो।

ऐ =को 
रामन+ऐ =रामनै 
रामानैक   कूप्पिडु .=राम  को बुलाओ .







जागो; तुम भाग्यवान हो।

मनुष्य 

अपने स्वार्थ सिद्ध केलिए 
प्रार्थना करता है।
पाप से बचने प्रार्थना करता है।
क्या उसने ज़रा 
देश के लिए  प्रार्थना की हैं/?
रामने  प्रार्थना की 
अपनी पत्नी सीता का पता लगाने।
श्री कृष्ण ने अधर्म कोअधर्म से 
जीतने का मार्ग दिखाया।
एकने  सगुण   का  
मार्ग दिखाया तो 
दुसरे ने निर्गुण का।
एक ने ज्ञान का तो 
दुसरे ने प्रेम का।
एक ने रामका तो
 दुसरे ने कृष्ण  का .
देव-दूत आये तो 
एक ने अल्ला का,
दुसरे ने    लोगों के पाप को 
खुद लेकर मुक्ति देने का।

सबने प्रेमका ही सन्देश दिया,
परोपकार का सन्देश दिया।
दान- पुण्य का सन्देश दिया।
सत्य  का सन्देश दिया।
लेकिन 
राजनीतिज्ञों  ने इन सब का अपने 
स्वार्थ के लिए अपनाया।
लोगों को धर्म के नाम से  
मर-मिटने का मार्ग दिखाया।
लोग धर्म के नाम लड़ रहे हैं।
शासक   और शासक बन्ने के चाहक 
धार्मिक  गुरुओं  के सहारे 
आश्रमों में धन जमाया।
स्विस बैंक में धन बचत किया।
 मूर्ख  जनता को समझाया 
हमारी जन्मकुंडली में राज योग है;
अपना अपना भाग्य है;
तुम सहो :
महंगाई;
हम करेंगे मंगल;
तुम रहो  अँधेरे में।
लड़ो- भिड़ो -मरो 
 अपने  नेता के लिए।
लड़ो-मरो धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर।
हम करें गे बलात्कार;
हम करेंगे खून;
हम देश को कंगाल बनायेंगे;
करेंगे अपने इलाज के लिए खर्च 
करोड़ों की संख्या में;
देश -भर में हम अपने
लिए 
आलीशान कोटि बनायेंगे;
तुम तो गन्दी  गली में बदबू में रहो;
सरकारी अस्पताल में 
बिना दावा के मरो।
यह तुम्हारी विडम्बना है;

हम भाग्यवान   सुख भोगेंगे।
तुम हारे  जन्म कुंडली में लिखा है 
भूखों  मरना;और हमारे लिये मरना।
मुर्ख जनता मानकर 
नेता के लिए मर रही है।
नेता अपना आनंद लूट रहा है;
उनको मिलता है आशीर्वाद 
नित्यानंद जैसे स्वामिजियों से ;
स्वार्थ अधिकारियों से;
वे सुखी हैं;
जनता दुखी हैं; और इस खुशी में हैं 
हमारेनेता  प्रधान मंत्री हैं।
हमारे नेता प्रधान मंत्री बननेवाले हैं;
हमारे  ईश्वर  के मंदिर में 
हीरे-पन्ने भरे पड़े  हैं;
जनता का विश्वास हैं 
अगला जन्म आनंदमय रहेगा।
जनता न
जागेगी तो 
नेता का भाग्य चमकेगा।
भ्रष्टाचार बढेगा।
देश बर्बाद हो जाएगा।
गंगा मैलीहोगी।
किनारे पर रहनेवाले 
संक्रामक रोग सहेंगे;
मंत्री पिएगा मिनरल  वाटर।
जागो;जागो;
तभी  चमकेगा  तेरा भाग्य .
भाग्यवाद छोडो ;
अपने अक्ल से सोचो।
भ्रष्टाचार नेताओं  को 
छोडो;


 अच्छे नेताओं के पीछेजाओ;
प्रार्थना करो 
भ्रष्टाचार नेता  सुधर जाएँ;
या 
उनको दंड मिले।
यज्ञ करो  देश की भलाई का।
भ्रष्टाचार  नेताओं के अहित का।
उनको उचित दान देने का ;
करो  प्रार्थना;
उनकी कुर्सी छीने  जाने का।
जनता! तुम शक्तिशाली हो;
तुम ईश्वर हो;
नेता तुम्हारे सामने  हाथ जोड़ता है;
वह  चुनाव के उत्सव में 
तुमको दक्षिणा देकर धोखा देता है।
तुम शिव जैसे असुरों को वर मत दो;

बदों  को मत मत दो;
 पात्र पहचानकर वोट दो;
नोट के लिए वोट मत दो;
नेता ईश्वर  को भी नोट दिखाकर 
वर प्राप्त करता है।
अतः 
जागो;
तुम भाग्यवान हो।




  

Monday, October 8, 2012

vyanjan


तमिल   एक अक्षर के ऊपर बिंदु रखने पर  उसका उच्चारण "क्" हो जाएगा।

க் =क्
ங்  
ச் =च्
ஞ் =
ட் =ट्
ண் =
த் =
ந்
ப்
ம்
ய்
ர்
ல்
வ்
ழ்

ள்
ற்
ன்


तमिल-हिंदी सीखो। संयुक्ताक्षर

तमिल-हिंदी   सीखो।

संयुक्ताक्षर

அக்காள் = अक्काल =बड़ी बहन

முக்கால்=मुक्काल=पौना

தக்காளி =तक्काली =टमाटर

அங்கம்=angam =अंग

தங்கம்=तंगम=सोना

சுரங்கம்=सुरंगम=सुरंग

சங்கம் =संगम=संघ

திங்கள்=तिंगल =सोमवार

மங்களம்=मंगलम=
மங்கல் =मंगल =धुंधली
கோலங்கள் =कोलंगल=रंगोली




Friday, October 5, 2012

tamil hindi letters-2


व्यंजन ==उयिर मेय


க ங  ச  ட  ண   
क     च  ट     ण     त  
 ந  ப ம ய ர  ல  வ  ழ  ள   
न   प्  म   य  र  ल     व   ऴ   ळ 

ற   ன 
 ऱ        न 

तमिल में देवनागरी लिपि  के जैसे   ख .ग,घ ,
वैसे ही अन्य वर्गाक्षर  नहीं है।

एक ही 'क'   चारों ध्वनियों के लिए  प्रयोगमें है।
श,ष  ,स,ह   भी नहीं है।
कुछ तमिल विद्वान  इन श के उच्चारण के विरोध हैं।

व्यंजन अक्षर के ऊपर बिंदु '.' रख ने पर  व्यंजन  हो जाता है।

उदाहरण:

पकका =பக்கா 
சக்கர் =चक्कर 
तंग =தங்க

janata,samaachaar patr aur raajneeti.

सामान्य  जनता को समाचार पत्र   ही  सब बातें व्यक्त करता है।पहले दिन की खबर भी सच्ची लगती है।दुसरे दिन की खबर  पहले दिन की खबर को झूठा साबित करती हैं।भ्रष्टाचार में कैद,कमीशन,फिर रिहाई।फिर आरोप।फिर पद।  सच्ची बात  ईश्वर नामक एक शक्ति हो तो झूठों को सज़ा  मिलेगी।लेकिन विलम्ब से। तब तक  नेकों को दंड .


सरकारी   न्याय, स्टेटमेंट, आदेश सब शासकों के पक्ष में। न्याय का गला घोंटना, हत्या तक जाना राजनीति है।मन की गवाह नहीं धन और कुर्सी का सवाल् है, देश का नहीं अपने अहंका सवाल है।फाईलें गायब करने सरकारी  दफ्तर जलता है। पुलिस अफसर  दुर्घटना में मरे जाते हैं। थाने  में,जेल में मरते . तभी आस्तिक भी नास्तिक बन्नेतैयार होता है।यही  राजनीती वैदिक काल से। धर्म  युद्ध की विजय भी कुरुक्षेत्र में अन्याय से ही।
वहीं आस्तिक जन्म फल,पूर्व जन्म के पाप से छिपाते  हैं।ईश्वर शक्ति है तो अधर्मियों की सजा में देरी नहीं होनी है।हरिश्चंद्र की कहानी पढनेवाले लौकिक पुरुष  दृढ़ रहेगा। ज्ञान बढ़ गया।कंस और देवकीको अलग अलग बंद करने  का विचार  आ गया।

ज्ञान के विकास में शासकों को सतर्क रहना है।भ्रष्टाचार करोड़ों,अरबों  की खबरें आ गयी। फिर भी ईमान की बात करना  जनता को बेवकूफ करना है। मत पेटी बदलना,चुनाव यंत्र की चोरी होना,गुंडों और बदमाशों के सहारे मत यंत्र  उठाकर जाना ,खबरें जनता पढ़ती है।अतः  अविश्वास का कुहरा मिटाने अपराधी मत्रियों को बचाने का प्रयत्न छोड़कर  सज़ा मिलनी है। आज तक किसी को मिला नहीं। केवल सर्कारी कर्मचारी एकाध कोमिला है।खूनी राजनीतिज्ञ के सज़ा कहाँ मिली हैं।एक रेल की दुर्घटना से एक मंत्री ने इस्तीफा किया। आज करोड़ों के भ्रष्टाचारी को फिर पद और सम्मान मिलता है। क्या सच?क्या झूठ।

Thursday, October 4, 2012

तमिल अक्षर सीखिए

तमिल अक्षर सीखिए 

அ =अ 
ஆ =आ 
இ=इ 

ஈ= ई 

உ=उ  
ஊ =ऊ 
எ =ए (ह्रस्व )
ஏ ==ए 
ஐ =ऐ 

ஒ =ओ  (ह्रस्व)
ஓ =ओ   (दीर्घ )
ஔ =औ 

...

Wednesday, October 3, 2012

तमिल -हिन्दी सीखो

तमिल -हिन्दी  सीखो 
मिरुकम=जानवर ,पशु 
पशु=गाय 
कालै =बैल 
नाय=कुत्ता 
 पूनै =बिल्ली 
ओटट कम ==ऊँट 
यानै =हाथी।
एलि =चूहा 
पेरुच्चाली=घूस 
करडि =भालू 
पुली=बाघ 
सिंगम=सिंह 

पलमोली=कहावत 

एलै  सोल अम्बलम एरातू= गरीब की बात दरबार में न गलेगी .

Tuesday, October 2, 2012

तमिल हिंदी सीखो = इरंतकालम ==भूतकाल


तमिल हिंदी सीखो 


  इरंतकालम ==भूतकाल 

नी  इनरु एन्न वान्गिनाय ?= तुम  ने आज क्या खरीदा?

नान इनरु ओरु पना वान्गिनेन =मैं ने आज एक कलम  खरीदी।

 इनरु कालै  नी  एन्न  साप्पिटटाय   =आज सबेरे तुमने क्या खाया?
इनरु कालै नान रोट्टी साप्पिटटेन =आज सबेरे मैं ने रोटी खाई।

इनरु कालैयिल नी  एंगे  पोनाय =आज सबेरे तुम कहाँ गए?

इनरु कालैयिल नान कोयिलुक्कुप पोनेन =आज सबेरे मैं मंदिर गया।



तमिल -हिंदी सीखो एतिर कालम ==भविष्यत् काल।



तमिल -हिंदी  सीखो 

एतिर  कालम ==भविष्यत्  काल।

अवर  एप्पोलुतु  वरुवार= वे कब आयेंगे।

अवन एप्पोलुतु   वरुवान==वह कब आयेगा।

अवर एन्न  कोंडु वरुवार= वे क्या लायेंगे?

अवन एन्न  तरुवान ? =वह क्या देगा?

अवर  कालै   पत्तू  मणिक्कू  वरुवार।= वे  सबेरे  दस  बजे आयेंगे।

अवनुम पत्तू  मणिक्कू   वरुवान।=वह भी दस बजे आएगा।

 अवर फलं  कोंडु  वरुवार।===वे  फल लायेंगे।

 अवन  पुत्तकम  कोंडुवरुवान== वह किताब लाएगा।



ग्रन्थ:नान मनिक्कडिकै तमिल साहिय


---कवि :  विलाम्बिनागानार  

ग्रन्थ:नान मनिक्कडिकै 

तमिल साहिय

मूल  पद्य 

ईत्तुन्बान  एन्बान  इसैनडुवान ,मटरवन 
कैत्तुन्बान   कांगी  एनप्पडुवान  तेट्र 
नकैयाकुम नन्बार मून  केटिल  पकैयाकुम 
पाडू अरियातनै  इरवु।

दाता
जो दूसरों को देता 
 बनेगा प्रशंसा  का पात्र .
उचक्कड़  
जो छीनकर  खाता 
बनेगा निदा का पात्र .
शरणार्थी 
दुश्मनों के  चरण का 
बनेगा  हँसी  का पात्र।
भिक्षार्थी 
बनेगा  वैरी।

Monday, October 1, 2012

तमिल-हिंदी सीखिए।



तमिल-हिंदी  सीखिए।

निकल काल (काला)वाक्कियंगल।==वर्तमान काल।

1.  नान  दिल्लियिल  वसिक्किरेन।==मैं दिल्ली में रहता हूँ .

2. नी  एंगे वसिक्किराय।=तुम कहाँ  रहते हो?

3.  नान  लन्दनिल   वसिक्किरेन।   =मैं  लन्दन  में रहता हूँ।

4. उन्नुडैय   ननबन  एंगे   वसिक्किरान?==तुम्हारा दोस्त  कहाँ रहता  है?

5. एन्नुडै य    नन बन      अमेरिकाविल  वसिक्किरान।= मेरा दोस्त  अमेरिका में रहता है।

6.उन्नुडैय   मकन  एंगे  इरुक्किरान ?==तुम्हारा  बेटा  कहाँ है ?

7.एन्नुदैय मकन  कल्लूरी विडु तियिल   उल्लान।--मेरा बेटा कालेज हास्टल में है।