Saturday, December 10, 2016

பாரதி பிறந்தநாள் ---महा कवि सुब्रह्मण्य भारती के जन्म दिन -आजादी के बड़प्पन

महाकवि   सुब्रह्मण्य  भारती

तमिल  में भारती ने  ३९ वर्ष  की  उम्र में ही क्रांतिकारी रचनाओं के द्वारा  नाम  पाया  है.

स्वतंत्रता  सग्राम  के  अवसर पर उनकी  देशभक्ति की  कवितायें
लोगों  में क्रैन्ति की  भावनाएं जगाईं  हैं.

तमिल भाषियों  के  लिए  उनकी भक्ति, देशभक्ति  की  कवितायें
चिर स्मरणीय  और  अनुकरणीय  रहेंगी.
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आजादी  के  बड़प्पन
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___                   __महाकवि  भारती __________________



वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,

अपूर्व अमृत  के  चाहक
क्या  मद्यपान चाहेंगे ?

 सिवा  यश -सुधर्म   के
बाकी सब को मिथ्या  समझनेवाले,
क्या अपश सहकर जीने को चाहेंगे ?
वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,

"जन्म जो  लेते  हैं ,
वे तो जरूर मरेंगे "
जो इस बात को दृढ़ मानते  हैं ,
क्या  वे  मान-मर्यादा खोकर
जीने  को सुख मानेंगे ?

वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,

मनुष्य जन्म लेना
 जो दुर्लभ  मानते  हैं,
जो  सत्य को ही
सर्वश्रेष्ठ मानते  हैं ,
क्या  वे  असत्य बोलने
सत्य  स्थिति  को तजेंगे ?
वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,

आकाश  में सूरज बेच -छोड़
जुगुनू कोई  लेगा  क्या?
अपनी आँखों  से  प्यारी
आजादी के
चले जाने  के बाद
दासता अपनाएंगे  क्या ?
वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?

धरती के सुख
 भोगने की चाह  से
           क्या   आजादी  के गौरव  छोड़ेंगे  ?
नेत्रों  को  बेचकर
चित्र  खरीदेंगे  तो
हँसी उड़ायेंगे कि नहीं ?
वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,

वन्देमातरम   कह
 वंदना  करने के बाद
 क्या माया-मोह   की
 वंदना करेंगे  ?

केवल एक  मात्र तारक मन्त्र
वादेमात्रम  को क्या भूलेंगे ?
वीर स्वतंत्रता  के  चाहक
क्या  और  कुछ  चाहेंगे   ?,
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