Saturday, July 15, 2017

यही बात खलती है.

हमारे देश  में कितनी विविधता है ,
कितनी एकता है , पता नहीं.
 फिर भी  देश भक्ति की मात्रा
दिन ब दिन बढ़ती ही रहती हैं.
भले  ही विदेशों  का भय,
आर्थिक सहायता, आतंकवादी हमला ,
राजनैतिक दलों का भ्रष्टाचार, पुलिस -न्यायालय-सरकारी अधिकारियों का  मनमाना
इनके  बीच कर्तव्य परायण अधिकारी ,
 देश भक्त युवक ,
धन से बढ़कर देश से
 अत्यंत प्यार करनेवाले,
निस्वार्थ  लोग  एक ईश्वरीय शक्ति
देशोन्नति  कर  रही है,
कितनी प्रगति ,
जब    मैं   बच्चा था,
तब कितने लोग भूखे थे ,
भिखारी थे , पुराने कपडे , पुराने  भात देने पर
मन    लगाकर  काम करनेवाले ,
लेकिन आजकल   बचपन में
 मैंने   कितनी गरीबी ,
कितने अनपढ़ों को  देखता था ,
आजकल एल.के.जी ., के लिए दो लाख से ज्यादा खर्च करनेवालों को
देखता हूँ . कई स्नातक , स्नातकोत्तर , अभियान्तकों को देखता हूँ ,
सचमुच भारत की उन्नति हो  रही  है ;
उन्नति हुयी हैं .
पर राजनीतिज्ञ , जनसंपर्क के साधन
देशोन्नती की  खबरें  कहीं एक कोने में
 बलात्कार की खबरे, खून हत्या अवैध सम्बन्ध की खबरें
मोटे अक्षरों में  प्रकाशित कर रहे हैं.
ऐसी खबरों को  नियंत्रित करना   जरूरी है.
जिलादेश ने ठीक कार्रवाई ली,
परन्तु उसका तबादला हो गया;
यही   बात  खलती  है.