Monday, October 15, 2012

तुम बनो वीरांगना।

रोज़ अखबारों में गैंग  रेप का समाचार आता है;
अतः 

हे नारी।
तुम सबला हो।
आदि काल से  सबला 
मानकर ही 
तुम को "शक्ति " मानी है 
संसार ने।
लेकिन 
भूमाता  कहकर 
सहनशील  मान रहा है।
तुम्हारे भू खंड में 
पुरुष  समा जाता है।
फिर भी रोज़ समाचार आते हैं 
तुम पर कर रहे हैं 
बलात्कार।
गांधीजी ने कहा ,
दांत और नाखून को 
बनावो हथियार।
ये बलात्कार के पुरुष 
छे महीने का दंड  भोगकर 
आ जाएगा बाहर।
जानो-पहचानो 
उन बदमाश  दलों को 
ठुम भी अपनी रक्षा का दल 
बनाओ .
कायर बनकर आत्मा हत्या 
मत करो।
कुंती का नमूना लो।
महाभारत को मानो।
उन् बद्माशों का लिंग काट डालो।
समाचार पड़ा 
गेंग रैप करनेवालों को 
पुलिस नहीं पकडती।
राजनैतिक नेता करते हैं 
उन बदमाशों का समर्थन।
तुम बनो महिषासुर वर्द्धिनी।
तुम लो मोहिनी अवतार।
तुम बनो वीरांगना।
वारांगना बन्ने से बचा लो अपने को।


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