Tuesday, July 28, 2015

-मन चंगा तो कटौती  में  गंगा 
कबीर -
माला तो  कर में फिरै ,जीभ फिरै मुख माही। 
मनुवा तो दस दिशी फिरै यह तो स्मरण नाहीं 

 तमिल देवारम --देव के हार हिन्दी अर्थ  
तिरुमंतिरम  --श्री मंत्र  
मदुरैप्पत्तु  आदि ग्रंथों में 
यही मतलब के ईश्वर के यशोगान  है। 
देखिये :
   बेकार बातें करके व्यर्थ ही वक्त मत खोइए। 
   मन और बोली दोनों एक ही बात करनी चाहिए। 
  आप अपने मन को पवित्र रखिये ;तभी 
परम पवित्र ब्रह्मानंद ईश्वर के दर्शन   मिलेंगे. 
(तिरुमूलर --तिरुमंतिरम )
शुद्ध ज्ञानियों के ह्रदय -कमल में ईश्वर है. 
(देवाराम --तिरुज्ञानसम्बन्धर )
शिव -बोध  से शिव का पहचानना मुश्किल है। 
मन ऐसा पवित्र होना है ,
जिससे शिव की कृपा उमड़कर आनी है. 
(परंज्योति मुनिवर 
  पवित्र मन ही ईश्वर की कृपाकटाक्ष दिलाएगा।