Wednesday, May 7, 2014

मधुर चालीसा

एक जीव की हत्या न करना मधुर है.
योग्य को कुरीती से पुरस्कार न देना मधुर है.
न्यायप्रिय नृप बनना मधुर है.
किसी से अच्छाई  को छोड़कर बुराई न कहना मधुर है.
६.
जितना हो सके उतना धर्म कर्म करना अच्छा है.
सद्विचारों के लाभप्रद वचन मधुर हैं.
अशिक्षित -नीच लोगों के संग में न रहना मधुर है.