Sunday, May 31, 2015

तिरुवाचकम् --३६ से ४० तक ; thiruvaachakam

तिरुवाचकम् --३६  से ४० तक ; tiruvachakam 

वेय्याय तणियाय   इयमान नाम विमला --तापी गुणी  आत्मा के निर्मल 

पॉयया इनवेल्लाम पोयकल  वंतरुली --अस्थिर मिथ्या वस्तुएँ  मुझसे दूर होने तू पधारकर 

मेयज्ञानमाकी  मिलिरकिनर  मेच्चुडरे --सत्य स्वरुप में  गुरु बनकर ,प्रकाशित ज्ञान दीप  शिखा 

एज्ञाना मिल्लातेन  इनबप  पेरुमाने --बुद्धूस्वरूपी   मुझे 

अज्ञानंतनै   यकलविक्कुम नल्लरिवे ==अज्ञान  मिटाकर  अच्छे सच्चे ज्ञानस्वरूपी 

भगवान अज्ञानान्धकार  दूर करनेवाले ज्ञान देनेवाले सत्यस्वरूपी  हैं. 

धूप -सा गर्मी ,गुणी ,निर्मल मुझे अपनी कृपा से ज्ञानी बनानेवाले   हैं