Tuesday, August 14, 2012

मनुष्यता


मनुष्यता

मनुष्य  कैसा था? जंगली था. अब कैसा है? सभ्य है. मतलब?

बुद्धिमान.पढ़ा-लिखा है.चन्द्रमा तक पहुँच गया है.जल्दी ही वहां घर बनाएगा.पृथ्वी पर चंद दिन अंतरिक्ष  पर चंद दिन. क्या वह खुश रहता है?

यही
 समस्या  है.
क्यों?.
वह धर्म की बातों से हट रहा है.

नहीं.

जहग जगह पर मंदिर बनवा रहा है. साधू-संतों की  संख्या बढ़ रही है.

सुना है आश्रम में  अमीर ही जा सकते हैं/?

किसने कहा? दालान तक सब जा सकते हैं .

दीक्षा लेने के लिए ही पैसे हैं.

वह तो अमीरों का महल है. नहीं राज महल.

बिन पैसे भगवान की कृपा नहीं मिलेगी.

वह तो पूर्व जन का फल है.

हम तो पैसे देकर ईश्वर के साक्षात्कार की दीक्षा लेते है.

भगनान से मिलते हैं.

विवेकानंद ने रानाकृष्ण से पैसे देकर   दीक्षा  ली?

आधुनिक मनुष्य वातानुकूल कमरे में ही प्रार्थना करता है.

विवेकानंद  के जामाना बदल गया है.

भक्त  ध्रुव  ,भक्त प्रहलाद,भक्त मार्कंडेय,संत एकनाथ ,मीरा, आंडाल सब ने ईश्वर की कृपा प्राप्त की.

क्या? उन्होंने पैसे देकर दीक्षा ली/?

 आधुनिक युग विज्ञान का -है.कलि युग.

पीने का पानी भी रूपये देने से ही मिलता है

.आगे हवा केलिए भी

पैसे देने पड़ेंगे.

मनुष्यता कहाँ है//?

बूढ़े मां-बाप भी अनाथालय में है
.
अपने  प्यारे  पुत्र  या पुत्री   से बातें करने समय नहीं है
.
पड़ोसी से बातें करने  के लिए

.मदद करने के लिए मन नहीं.

बेकार  club जाने  समय है.